
अब प्रधानमंत्री मोदी की ‘मन की बात’ कुमाउनी में सुनिए
उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के रेडियो 'हैलो हल्द्वानी' ने प्रधानमंत्री मोदी की 'मन की बात' को कुमाउनी भाषा में प्रसारित करना शुरू किया है। यह पहल 29 सितंबर 2025 से शुरू हुई है और अब तक चार एपिसोड का प्रसारण हो चुका है। यह कार्यक्रम हर महीने के अंतिम रविवार को सुन सकते हैं।
उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के रेडियो ‘हैलो हल्द्वानी’ 91.2 एफएम ने शुरू की पहल मोदी की बात को कुमाउनी अनुवाद कर किया जा रहा है प्रसारण हल्द्वानी, वरिष्ठ संवाददाता। अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मन की बात आप कुमाउनी भाषा में भी सुन सकते हैं। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के सामुदायिक रेडियो ‘हैलो हल्द्वानी’ 91.2 एफएम ने इसके लिए सराहनीय पहल शुरू की है। मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ को विवि के रेडियो में कुमाउनी भाषा में अनुवाद कर प्रसारित किया जा रहा है। चार बार हो चुका है प्रसारण यह पहल 29 सितंबर 2025 को शुरू हुई, जब ‘मन की बात’ का 126वां संस्करण पहली बार कुमाउनी में प्रसारित किया गया।
अब तक चार एपिसोड का कुमाउनी अनुवाद कर प्रसारण हो चुका है। विवि के हल्दूचौड़ निवासी आरजे अनिल नैलवाल मोदी की मूल बातचीत को कुमाउनी में रूपांतरित कर लोगों तक पहुंचा रहे हैं। आने वाले रविवार को भी यह कार्यक्रम कुमाउनी में सुना जा सकेगा। प्रसारण रेडियो 91.2 एफएम एप पर शाम 7 बजे शुरू होगा। ऐसे किया जा रहा है प्रसारण जानकारी के अनुसार जिस दिन मोदी के मन की बात कार्यक्रम का प्रसारण होता है। उस दिन शाम 7 बजे विवि के मोबाइल रेडियो एप कुमाउनी में अनुवाद कर इसका प्रसारण किया जा रहा है। ऐसे सुन सकते हैं आप यदि आप भी प्रधानमंत्री मोदी की मन की बात कुमाउनी में सुनना चाहते हैं तो आप प्ले स्टोर में जाकर हैलो हल्द्वानी' 91.2 एफएम डाउनलोड कर सकते हैं। यह प्रक्रिया पूरी करने के बाद आप रेडियो के अन्य कार्यक्रम सुन सकते हैं। फिलहाल यह प्रसारण मोबाइल एप में किया जा रहा है। ये भी जाने मन की बात एक भारतीय रेडियो कार्यक्रम है। जिसकी मेजबानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करते हैं। इस कार्यक्रम में वे ऑल इंडिया रेडियो,डीडी नेशनल और डीडी न्यूज पर भारतीयों को संबोधित करते हैं। 3 अक्टूबर 2014 को पहले प्रसारण के बाद से अब तक इसके 129 एपिसोड प्रसारित हो चुके हैं। यह कार्यक्रम हर महीने के अंतिम रविवार को सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो पर प्रसारित किया जाता है। यह लगभग 30 मिनट का होता है। इनका कहना इस प्रयास से कुमाउनी भाषा के संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है और दूर-दराज के क्षेत्रों में बसे प्रवासी उत्तराखंडी भी प्रधानमंत्री की बात अपनी बोली में सुन पा रहे हैं। यह कदम बोली-भाषाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने में बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। - प्रो.नवीन चन्द्र लोहनी कुलपति उत्तराखंड मुक्त विवि

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




