
टीईटी माध्यमिक में महज 20 प्रतिशत अभ्यर्थी सफल टीईटी माध्यमिक में महज 20 प्रतिशत अभ्यर्थी सफल
टीईटी माध्यमिक में महज 20 प्रतिशत अभ्यर्थी सफलटीईटी माध्यमिक में महज 20 प्रतिशत अभ्यर्थी सफलटीईटी माध्यमिक में महज 20 प्रतिशत अभ्यर्थी सफलटीईटी माध्यम
-150 नंबर का होता है पेपर, सामान्य अभ्यर्थियों के लिए 90 नंबर लाना जरूरी रामनगर, संवाददाता। उत्तराखंड में प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में सरकारी शिक्षक बनने की पहली परीक्षा टीईटी का इस बार चौंकाने वाला परिणाम सामने आया है। टीइटी प्रथम (प्राथमिक) में जहां 38.20 प्रतिशत अभ्यर्थी सफल हुए वहीं टीइटी द्वितीय (उच्च प्राथमिक) का रिजल्ट महज 19.96 फीसदी रहा। पासिंग प्रतिशत कम होने की वजह कड़ी परीक्षा होना बताया जा रहा है। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद ने बुधवार को परीक्षाफल जारी किया। बोर्ड के संयुक्त सचिव बृजमोहन रावत ने बताया कि 27 सितंबर को प्रदेश के 29 शहरों में बनाए गए 94 केंद्रों में परीक्षा कराई गई थी।
टीईटी प्रथम में पंजीकृत 14595 अभ्यर्थियों में से 11949 ने परीक्षा दी थी। इनमें से 4564 अभ्यर्थी सफल रहे हैं। वहीं टीईटी द्वितीय में 24517 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें से 20803 ने परीक्षा दी थी। 4153 अभ्यर्थियों का सफलता मिली है। अभ्यर्थी अपना रिजल्ट बोर्ड की वेबसाइट www.ubse.uk.gov.in पर देख सकते हैं। क्वालीफाई के लिए इतने नंबर जरूरी - स्वतंत्रता सैनानी आश्रितों, ओबीसी, पूर्व सैनिक स्वयं अभ्यर्थी को 150 में से 75 अंक लाना जरूरी - अनुसूचित जाति व जनजाति के अभ्यर्थियों को 150 में से 60 नवंबर लाना जरूरी - सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 150 में से 90 नंबर जरूरी शिक्षक बनने के लिए टीईटी जरूरी बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार टीईटी प्रथम की परीक्षा क्वालीफाई करने वाले अभ्यर्थी प्राइमरी में शिक्षक बनते हैं। वहीं द्वितीय परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले माध्यमिक के शिक्षक बनकर बच्चों को पढ़ाते हैं। शिक्षक बनने के लिए टीईटी उत्तीर्ण करना जरूरी है। डीएलएड की परीक्षा को लेकर बैठक आज बोर्ड के सचिव विनोद प्रसाद सिमल्टी ने बताया कि डीएलएड की परीक्षा को लेकर गुरुवार को बोर्ड सभागार में नोडल अधिकारियों की बैठक होगी। परीक्षा 22 नवंबर को होगी। इसकी तैयारियां आदि को लेकर दिशा निर्देश दिए जाएंगे।

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