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उत्तराखंड में दुग्ध उत्पादों की पारदर्शिता बढ़ेगी

उत्तराखंड में दुग्ध उत्पादों की पारदर्शिता बढ़ेगी

संक्षेप:

हल्द्वानी में उत्तराखंड के दुग्ध संघों ने दुग्ध उत्पादन क्षमता बढ़ाने की योजना बनाई है। इसके तहत 11 दुग्ध संघों में डीपीएमसीयू मशीन लगाई जाएंगी। इसके लिए 57 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिससे दूध का परीक्षण और संग्रहण की प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी।

Dec 12, 2025 11:28 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, हल्द्वानी
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हल्द्वानी। उत्तराखंड के दुग्ध संघों में दुग्ध उत्पादन की क्षमता बढ़ाने की तैयारी हो चुकी है। राज्य के सभी 11 दुग्ध संघों में मिल्क कलेक्शन सेंटर में डीपीएमसीयू मशीन प्लांट की क्षमता बढ़ाने की योजना है। इसके लिए करोड़ों रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया है। उत्तराखंड सहकारी डेयरी फेडरेशन अपने 11 दुग्ध संघों का जीर्णोद्धार करने की योजना पर काम करने जा रहा है। इसके लिए 57 करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। मिल्क कलेक्शन सेंटर में करीब 1600 डीपीएमसीयू मशीन (डेटा प्रोसेसर मिल्क कलेक्शन यूनिट) लगेंगी। इससे दूध के वजन, एसएनएफ की माप आदि की जांच होती है।

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बता दें कि यूसीडीएफ पूरे राज्य में अपने ब्रांड आंचल के नाम से दुग्ध उत्पाद बेचता है। राज्य में दूध उत्पादन के लिए यूसीडीएफ के 11 दुग्ध संघ से 53 हजार सक्रिय सदस्य जुड़े हैं जो रोजाना दो लाख 25 हजार लीटर दूध उत्पादन करते हैं। दुग्ध संघों में लगे मिल्क प्लांट में दुग्ध समितियों से आए कच्चे दूध को साफ किया जाता है। यहां दूध का परीक्षण व उसे ठंडा कर पैकेजिंग और वितरण के लिए तैयार किया जाता है। दही, पनीर, मक्खन आदि उत्पाद भी बनाए जाते हैं। डेयरी प्लांट की क्षमता कम होने से पर्याप्त दूध की आपूर्ति नहीं हो पाती है। अभी तक सभी दुग्ध समितियों में 1350 डीपीएमसीयू है। इसे बढ़ाकर अब 1600 किए जाने की योजना है। इसके अलावा करीब 16 बल्क मिल्क कलेक्टर भी लगने हैं। यूसीडीएफ के प्रबंध निदेशक जयदीप अरोड़ा ने बताया कि इस कदम से पारदर्शिता बढ़ेगी। क्या है डीपीएमसीयू मशीन डेटा प्रोसेसर मिल्क कलेक्शन यूनिट एक ऐसी प्रणाली है जो दूध संग्रहण और प्रसंस्करण के लिए उपयोग की जाती है। यह प्रणाली दूध उत्पादकों से दूध संग्रहण, वजन, गुणवत्ता परीक्षण, और भुगतान जैसे कार्यों को स्वचालित और डिजिटल बनाती है। इससे दूध संग्रहण और प्रसंस्करण में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ती है।