आशाओं को न तो वेतन न ही सम्मान: शशि यादव
- वेतन और कर्मचारी की मांगें नहीं मानी गयी तो विधानसभा सत्र में करेंगी प्रदर्शन
हल्द्वानी, वरिष्ठ संवाददाता। ऐक्टू से संबद्ध उत्तराखण्ड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन की राज्य कमेटी की एक दिवसीय बैठक रविवार को नगर निगम सभागार में आयोजित हुई। बैठक की शुरुआत दिवंगत ऐक्टू राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजा बहुगुणा को मौन श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि मांगें न मानी गईं तो विधानसभा सत्र के दौरान आशाएं देहरादून में डेरा डालेंगी। मुख्य वक्ता स्कीम वर्कर्स फेडरेशन की राष्ट्रीय महासचिव एवं बिहार एमएलसी शशि यादव ने कहा कि सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने की बात करती है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ आशाओं को एक समान मानदेय तक नहीं दे रही है।
कोरोना काल में आशाओं ने जान जोखिम में डालकर लोगों की जान बचाई, फिर भी सरकार उनका हक नहीं देना चाहती। उन्होंने नए श्रम कोड को श्रमिक विरोधी बताते हुए कहा कि यह यूनियन बनाने और हड़ताल के अधिकार छीनेगा। महिलाओं पर बढ़ती हिंसा व अंकिता हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग भी की। ऐक्टू के प्रदेश महामंत्री केके बोरा ने 12 फरवरी को राष्ट्रीय हड़ताल में शामिल होने की घोषणा की। मीटिंग की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष कमला कुंजवाल ने की और संचालन प्रदेश महामंत्री डॉ. कैलाश पाण्डेय ने किया। इस दौरान रीता कश्यप, मीना आर्य, ममता पानू, रिंकी जोशी, अनीता अन्ना, ज्योति उपाध्याय, ममता तिवारी, दीपा देवतल्ला, दुर्गा टम्टा, मुन्नी बिष्ट, देवकी भट्ट, मंजू, सरमीन, पिंकी कॉलोनी, ललिता मठपाल, कला मेहरा आदि मौजूद रहे।

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