शिक्षक संघ की हड़ताल से 19 हजार छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में
शिक्षक हड़ताल : राजकीय शिक्षक संघ की हड़ताल से उत्तराखंड बोर्ड की सुधार उत्तरपुस्तिकाओं

शिक्षक हड़ताल : राजकीय शिक्षक संघ की हड़ताल से उत्तराखंड बोर्ड की सुधार उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन ठप छात्रों को रिजल्ट का इंतजार, परिणाम नहीं मिलने से नहीं कर पा रहे दूसरी जगह आवेदन हल्द्वानी,वरिष्ठ संवाददाता। उत्तराखंड में राजकीय शिक्षक संघ की हड़ताल अब छात्र-छात्राओं पर भारी पड़ने लगी है। यह छात्र-छात्राओं के मानसिक तनाव का कारण बन रहा है। उत्तराखंड बोर्ड की सुधार उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य ठप होने से करीब 19 हजार106 छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में लटक गया है। हड़ताल के चलते रिजल्ट में देरी हो रही है, जिससे छात्रों को उच्च शिक्षा संस्थानों और अन्य जगहों पर आवेदन करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
राज्य में राजकीय शिक्षक संघ से जुड़े शिक्षक पदोन्नति सहित अन्य मांगों को लेकर बीते 18 अगस्त से आंदोलन कर रहे हैं। इस वजह से उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन ठप है। जबकि मूल्यांकन कार्य 22 अगस्त तक हो जाना चाहिए था। शहर के एक स्कूल में 12 वीं कक्षा में सुधार परीक्षा परिणाम का इंतजार कर रहे छात्र मनीष टम्टा ने बताया कि शिक्षकों की हड़ताल अपनी जगह ठीक है। लेकिन उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन नहीं होने से उनके पास अन्य संस्थानों में पढ़ाई के मौके बेहद कम हो गए हैं। वे अच्छे कॉलेजों में दाखिला नहीं ले सकते हैं। कुमाऊं विवि के कॉलेज में भी प्रवेश मिलेगा या नहीं इसे लेकर असमंजस है। छात्रा मीनाक्षी रावत ने कहा कि रिजल्ट में देरी के कारण वे प्रतियोगी परीक्षाओं और कॉलेज में प्रवेश के लिए आवेदन कैसे करेंगे। इनका कहना: यदि शिक्षकों ने जल्द सुधार उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू नहीं किया तो हम वैकल्पिक इंतजाम करेंगे। वीपी सिमल्टी, सचिव उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद हम छात्रों का अहित नहीं चाहते हैं। लेकिन सरकार लंबे समय से लंबित हमारी मांगों को दरकिनार कर रही है। इसलिए हमको आंदोलन करना पड़ रहा है। गिरीश जोशी, जिला अध्यक्ष राजकीय शिक्षक संघ नैनीताल
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