
कुमाऊं में यातायात नियम तोड़ने वाला हर सातवां चालक नशे में
हल्द्वानी में नशा करके वाहन चलाने की प्रवृत्ति बढ़ रही है। पिछले 11 महीनों में पुलिस ने 16,927 चालकों पर कार्रवाई की, जिनमें से 1,282 नशे में पाए गए। चम्पावत में एक हालिया हादसे में नशे में ड्राइविंग का कारण बताया गया है, जिसमें पांच लोगों की मौत हुई।
हल्द्वानी। कुमाऊं में नशा कर वाहन चलाने का चलन बढ़ रहा है। पुलिस की ओर से बीते 11 माह में यातायात उल्लंघन में की गई कार्रवाई में कई चौकाने वाले खुलासे हुए हैं। यातायात नियम तोड़ने वाला हर सातवां चालक नशे में मिल रहा है। ऐसा करके लोग न सिर्फ अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं वहीं दूसरों के लिए खतरा बन रहे हैं। आरटीआई में मांगी गई सूचना के तहत पुलिस विभाग से यह आंकड़े प्राप्त हुए हैं। इस साल पुलिस अब तक 16 हजार से अधिक वाहन चालकों पर कार्रवाई कर चुकी है। आंकड़ों के मुताबिक कई चालक सिर्फ नशे में ही नहीं बल्कि ओवरस्पीड, फोन पर बात करते हुए ड्राइविंग और ओवरलोडिंग आदि के जरिये भी यात्रियों की जान सांसत में डाल रहे हैं।
पुलिस विभाग के मुताबिक बीते 11 महीनों में अब तक कुमाऊं के छह जिलों में 16927 लोगों पर यातायात नियमों के उल्लंघन में कार्रवाई की गई है। इनमें से 1282 वाहन चालक नशे में वाहन चलाते मिले हैं। पहाड़ के रूटों पर अधिकतर वाहन चालक नशे में पकड़े जा रहे हैं। रैश ड्राइविंग, ओवरलोड, ओवरस्पीड, मोबाइल फोन पर बात करने के मामले भी बड़ी संख्या में सामने आए हैं। बाराकोट हादसे का कारण भी नशा बताया जा रहा गुरुवार रात चम्पावत के बाराकोट में बारात का एक बोलेरो वाहन खाई में समा गया था। इस हादसे में मां-बेटे समेत पांच बारातियों की दर्दनाक मौत हो गई थी। जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उनका अलग-अलग अस्पतालों में उपचार चल रहा है। चम्पावत पुलिस ने हादसे की वजह चालक का नशे में होना बताया था। बीते 11 माह में पुलिस ने इस तरह की कार्रवाई चालान के कारण कितनों पर कार्रवाई ड्रंक एंड ड्राइव 1282 ओवरस्पीड 6143 ओवरलोड 304 मोबाइल पर बात 1836 रैश ड्राइविंग 1430 बिना डीएल 350 पुलिस निरतंर जारी रखेगी अभियान आईजी कुमाऊं रिद्धिम अग्रवाल ने बताया कि चम्पावत हादसे में दुर्घटना के कारणों की जांच के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही वाहन चेकिंग अभियान निरंतर जारी रखने को कहा गया है, ताकि यात्रियों की जान के साथ किसी प्रकार का कोई खिलवाड़ न हो। नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हादसे और उनकी वजहों की होती है समीक्षा सड़क सुरक्षा समिति की हर माह होने वाली बैठक में सभी जिलों में कुल हादसे, उनकी वजहों पर चर्चा होती है। प्रशासन, पुलिस समेत अन्य विभागों के अधिकारी हादसे रोकने के लिए तमाम प्रयास कर रहे हैं लेकिन इसके बावजूद इनमें गिरावट नहीं आ रही। कुमाऊं में इस साल अब तक सड़क हादसों में 409 लोगों की जान गई है।

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