Haldwani News: ई20 के बीच ईवी की बढ़ी मांग, पेट्रोल-डीजल के खर्च से ग्राहक बदल रहे विकल्प
Haldwani News: पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और ई20 की चर्चाओं के बीच, हल्द्वानी में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ गई है। ग्राहक अब ईवी को पेट्रोल वाहनों के मुकाबले किफायती विकल्प मान रहे हैं। स्थानीय बाजार में इलेक्ट्रिक स्कूटी और कारों की बुकिंग में भी वृद्धि देखी जा रही है।

Haldwani News: भूपेश कन्नौजिया, हल्द्वानी। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण यानी ई20 को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच हल्द्वानी के ऑटो बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग तेजी से बढ़ रही है।
इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग
दोपहिया से लेकर कार तक ग्राहक अब ईवी को पेट्रोल वाहनों के मुकाबले किफायती विकल्प के तौर पर देख रहे हैं। डीलरों के अनुसार पिछले कुछ समय में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में करीब 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। बाजार में टीवीएस, बजाज, एथर और ओला जैसे ब्रांड की इलेक्ट्रिक स्कूटी ग्राहकों की पसंद बनी हुई हैं। स्थानीय डीलरों के मुताबिक एक माह में करीब 10 से 15 इलेक्ट्रिक स्कूटी बिक रही हैं, जबकि इलेक्ट्रिक कारों की भी लगातार बुकिंग हो रही है और महीने में करीब तीन से चार ईवी कार की बिक्री और बुकिंग हो रही है。
पेट्रोल की कीमतों का असर
ऑटो कारोबारियों का कहना है कि पेट्रोल की कीमतों के साथ ई20 को लेकर ग्राहकों में माइलेज और वाहन के पार्ट्स पर असर को लेकर चिंता बढ़ी है। खासकर पुराने पेट्रोल वाहनों के मालिक माइलेज कम होने की शिकायत कर रहे हैं। वहीं फ्यूल पंप, रबर पाइप और ईंधन प्रणाली से जुड़े कुछ हिस्सों पर अधिक इथेनॉल के लंबे समय में असर को लेकर भी ग्राहक सवाल कर रहे हैं। हालांकि नई गाड़ियों को लेकर डीलरों का कहना है कि अधिकांश नए मॉडल ई20 ईंधन के अनुरूप तैयार किए जा रहे हैं और उनमें किसी बड़ी तकनीकी समस्या की शिकायत सामने नहीं आई है।
बिक्री में बढ़ोतरी
हुंडई के जीएम राजीव अग्रवाल के अनुसार ई20 का कंपनी की बिक्री पर नकारात्मक असर नहीं पड़ा है और पिछले वर्ष की तुलना में बिक्री करीब 40 प्रतिशत बढ़ी है। हीरो मोटोकॉर्प के डीलर मनदीप सिंह ने बताया कि नए दोपहिया वाहन ई20 को ध्यान में रखकर बनाए जा रहे हैं। मारुति के सीईओ भूपेश अग्रवाल ने भी बिक्री में गिरावट से इनकार करते हुए कहा कि पुराने वाहनों में कुछ मामलों में माइलेज कम होने की शिकायत जरूर है, जबकि नई गाड़ियों में बड़ी तकनीकी समस्या नहीं है। उन्होंने बताया कि सीएनजी वाहनों की मांग भी बढ़ रही है। ऐथर के प्रबंधक फैजान अंसारी का कहना है कि लोग ईवी को ही अब प्राथमिकता दे रहे हैं और महीने में करीब 10 से 15 स्कूटी आराम से बिक्री हो रही है।
भविष्य की दृष्टि
एमजी मोटर्स के सीनियर सेल्स हेड रहमान के मुताबिक ईवी का शुरुआती खर्च अधिक होने के बावजूद कम मेंटेनेंस लागत के कारण ग्राहक इसे भविष्य के विकल्प के रूप में देख रहे हैं। टाटा मोटर्स के सर्विस मैनेजर प्रशांत शाही ने बताया कि नई टाटा गाड़ियां ई20 के अनुरूप हैं और हैरियर ईवी को भी अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। कारोबारियों का कहना है कि पेट्रोल खर्च, ई20 को लेकर बनी आशंकाएं और ईवी के बढ़ते विकल्प आने वाले समय में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग को और बढ़ा सकते हैं।


