बाल कल्याण योजनाओं की समीक्षा में अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
हल्द्वानी में बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य योगेश रजवार ने बाल कल्याण योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं का लाभ बच्चों तक पहुंचाने और किशोर न्याय अधिनियम तथा पॉक्सो एक्ट में त्वरित कार्रवाई पर जोर दिया। स्कूल ड्रॉपआउट बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
हल्द्वानी। उत्तराखण्ड बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य योगेश रजवार ने सोमवार को राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) सभागार में बाल कल्याण योजनाओं की समीक्षा बैठक की गई। रजवार ने अधिकारियों से योजनाओं का लाभ बच्चों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर जोर दिया। किशोर न्याय अधिनियम और पॉक्सो एक्ट के मामलों में त्वरित कार्रवाई की मॉनिटरिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए। बाल श्रम उन्मूलन के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय और औचक निरीक्षण पर भी बल दिया गया। स्कूल ड्रॉपआउट बच्चों को दोबारा शिक्षा से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए।
सदस्य ने बिना पंजीकरण संचालित संस्थाओं की जांच कराने और दत्तक ग्रहण में निःसंतान अभिभावकों को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए। बैठक में विभिन्न संस्थाओं की समस्याओं पर भी चर्चा हुई, जिस पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। बैठक में वर्षा आर्या जिला प्रोबेशन अधिकारी, देवकी आर्या अध्यक्ष बाल कल्याण समिति, नजर अली सदस्य किशोर न्याय बोर्ड, विनोद कुमार डालाकोटी सहायक अधीक्षक राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर), कंचन आर्या अधीक्षिका राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोरी), अंजली कार्की प्रबंधक राजकीय विशिष्ट दत्तक ग्रहण अभिकरण, पूनम वीरांगना खुला आश्रय गृह, चाइल्ड हेल्पलाइन के कार्मिक उपस्थित रहे।
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