
यूओयू:घर में रहकर 71 से 86 फीसदी अंक हासिल किए होनहारों ने
हल्द्वानी के दीक्षांत समारोह में यूओयू के छात्रों ने नए रिकॉर्ड बनाए हैं। प्रेरणा भट्ट ने 86.13%, प्रवेश कुमार ने 81.78% और दीपिका ने 77.65% अंक हासिल किए। राज्यपाल ने छात्रों को मेडल दिए और रिटायर्ड फौजी परिवार के साथ मंच पर बुलाया। डॉ. प्रमोद अग्रवाल ने तीन स्वर्ण पदक प्रायोजित किए।
हल्द्वानी,वरिष्ठ संवाददाता। सामान्यत सरकारी डिग्री कॉलेजों में नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित रहने वाले छात्र-छात्राओं के लिए 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करना भी चुनौतीपूर्ण होता है। 75 प्रतिशत अंक आने पर उन्हें खूब सराहना मिलती है। वहीं यूओयू के छात्रों ने घर बैठे पढ़ाई कर नया रिकॉर्ड बनाया है। इस बार विवि के दीक्षांत समारोह में स्वर्ण पदक हासिल करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं ने 71 से 86 प्रतिशत तक अंक अर्जित किए हैं। हल्द्वानी की प्ररेणा के सबसे ज्यादा अंक चांसलर गोल्ड मेडल प्राप्त करने वाली हल्द्वानी के मित्र कॉलोनी डहरिया निवासी प्रेरणा भट्ट ने स्नातक में 86.13 फीसदी अंक अर्जित किए।
उन्होंने बैचलर ऑफ लाइब्रेरी एंड इनफोरमेशन में स्नातक किया। पीजी में एमए संस्कृत विषय में चांसलर मेडल लेने वाले प्रवेश कुमार को 81.78 फीसदी अंक मिले हैं। यूनिवर्सिटी गोल्ड मेडल प्राप्त करने वाली दीपिका ने बीए में 77.65 फीसदी, बीकॉम में अंशुल अग्रवाल ने 73.65, बीएससी भूगोल में इशिता पांडे ने 80 फीसदी अंक हासिल किए। अल्मोड़ा की सौम्या कांडपाल ने बीएड स्पेशल एजुकेशन में 73.85 फीसदी अंक हासिल किए। एएम अर्थशास्त्र में अंकिता ढौढियाल ने 76.50 फीसदी वहीं एमए राजनीति विज्ञान में रेखा गैड़ा ने 74.25 फीसदी अंक हासिल किए। किसी को तीन किसी को दो मेडल इस बार दीक्षांत समारोह में प्रेरणा भट्ट, प्रवेश कुमार को तीन-तीन मेडल राज्यपाल की ओर से प्रदान किए गए। वहीं अल्मोड़ा की सौम्या कांडपाल को दो पदक राज्यपाल की ओर से दिए गए। इस पर राज्यपाल ने छात्र-छात्राओं की खूब तारीफ की। रिटायर्ड फौजी को मंच पर बुलाया दीक्षांत समारोह के दौरान राज्यपाल ने छात्र-छात्राओं के साथ आत्मीय संवाद किया और उनके परिवारों के बारे में जिज्ञासा दिखाई। जब बीकॉम की छात्रा अंकिता नेगी मंच पर डिग्री ग्रहण करने पहुंचीं, तो राज्यपाल ने उनसे उनके परिवार के सदस्यों के बारे में पूछा। अंकिता ने बताया कि उनके पिता सरदार सिंह नेगी भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं और वे माता शैला देवी के साथ इस समारोह में उपस्थित हैं। यह सुनते ही राज्यपाल ने दोनों को मंच पर आमंत्रित किया। पिता-पुत्री और माता के मंच पर आने पर पूरा परिसर तालियों से गूंज उठा। सरदार सिंह नेगी और शैला देवी भी इस पर भावुक हो गए। राज्यपाल ने एक छोटे बच्चे को भी मंच पर बुलाकर उत्साहित किया। प्रमोद गोल्डी ने तीन पदक प्रायोजित किए शहर के व्यवसायी डॉ. प्रमोद अग्रवाल गोल्डी ने दीक्षांत समारोह में अपने माता-पिता एवं दादा-दादी की स्मृति में तीन स्वर्ण पदक प्रायोजित किए। ये पदक राज्यपाल की ओर से प्रेरणा भट्ट, प्रवेश कुमार, अंकिता नेगी को प्रदान किए गए। डॉ. प्रमोद अग्रवाल स्वयं कुमाऊं विवि से स्वर्ण पदक विजेता रह चुके हैं।

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