Haldwani News: रक्षाबंधन पर घर बैठे हो रही राखियों की ऑनलाइन डिलीवरी
Haldwani News: रक्षाबंधन के त्योहार पर भाई-बहन के प्यार को दर्शाने वाला यह समय अब ऑनलाइन शॉपिंग के जरिए भी देखने को मिल रहा है। लोग मोबाइल ऐप्स से राखियां, चॉकलेट और गिफ्ट ऑर्डर कर रहे हैं, जो जल्दी ही डिलीवर हो रहे हैं। डाक से भेजने का तरीका भी कम Popular हुआ है, लेकिन ऑनलाइन शॉपिंग ने पारम्परिक बाजार को चुनौती दी है।

Haldwani News: भावना कोहली, हल्द्वानी। रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक आते ही भाई-बहन के प्रेम की डोर अब डाकघर की कतारों से निकलकर मोबाइल स्क्रीन तक पहुंच गई है। राखी भेजने के लिए काउंटर पर घंटों इंतजार करने के बजाय लोग क्विक कॉमर्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का सहारा ले रहे हैं। घर बैठे ही मोबाइल ऐप से राखी, चॉकलेट, मिठाई और गिफ्ट चुनकर ऑर्डर किए जा रहे हैं, जिनकी डिलीवरी महज कुछ ही मिनटों या उसी दिन हो रही है。
ऑनलाइन बाजार में स्टार्टिंग प्राइस
ऑनलाइन बाजार में 100 रुपये से शुरू होने वाले राखी कॉम्बो पैक ग्राहकों को खूब आकर्षित कर रहे हैं। इन पैकों में राखी के साथ चॉकलेट और टीका-चंदन शामिल है। यही नहीं, ये ऑनलाइन प्लेटफॉर्म सीधे विदेश बैठे भाइयों तक भी राखी, पूजा की थाली और बुके पहुंचाने की सुविधा दे रहे हैं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अलग-अलग डिजाइन और कीमत की राखियां उपलब्ध हैं। ऑनलाइन राखी भेजने वाली प्रिया के अनुसार इससे बाजार जाने और डाकघर की कतार में लगने की परेशानी नहीं होती। राखी के साथ तिलक सामग्री, राखी थाली, बुके और चॉकलेट भी भेजने का विकल्प है। इनकी शुरुआती कीमत करीब 100 रुपये है, जबकि डिजाइन और सामान के अनुसार कीमत आगे बढ़ती जाती है। कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सेम-डे डिलीवरी का विकल्प भी उपलब्ध है।
डाक से भेजने का रुझान
डाकघर से सामान्य तरीके से राखी भेजने पर करीब 122 रुपये का खर्च आ रहा है। इसमें लिफाफा, डाक शुल्क, राखी और टीका-चंदन की कीमत शामिल है। डाकपाल चंदन सिंह बिष्ट के अनुसार, डाकघर से रोजाना 100 से 150 राखियां भेजी जा रही हैं। करीब 10 प्रतिशत ग्राहकों का झुकाव ऑनलाइन शॉपिंग की तरफ हुआ है, हालांकि डाक सेवाओं पर बहुत बड़ा असर नहीं पड़ा है।
पारम्परिक बाजार को चुनौती
राखी दुकानदार हर्ष कहते हैं कि ऑनलाइन शॉपिंग ने राखी बाजार को 25 प्रतिशत तक प्रभावित किया है। इसके पीछे वजह है कि लोग घर बैठे राखी भेजना चाहते हैं। बाजार में ऑनलाइन की तुलना में कम दाम होने के बावजूद राखी की मांग में काफी कमी आई है। हालांकि, स्थानीय बाजार में ग्राहक राखी को खुद देखकर खरीदने और तुरंत साथ ले जाने को भी प्राथमिकता दे रहे हैं।


