
हल्द्वानी को पांच टनल दिलाएंगी जलभराव से निजात
देवेंद्र रौतेला हल्द्वानी। बरसात के मौसम में हल्द्वानी शहर में होने वाले जलभराव की
देवेंद्र रौतेला हल्द्वानी। बरसात के मौसम में हल्द्वानी शहर में होने वाले जलभराव की समस्या का जल्द समाधान होगा। शहर में जमा होने वाले पानी को गौला नदी तक पहुंचाने के लिए रेलवे ट्रैक के नीचे टनल बनाई जाएंगी। इसके लिए यूयूएसडीए ने जगह चिह्नित कर रेलवे को पत्र भेजा है। रेलवे से एनओसी मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। हल्द्वानी में बारिश के दौरान जलभराव होना बड़ी समस्या बना हुआ है। इससे यातायात व्यवस्था ठप हो जाती है और मोहल्लों में जलभराव से लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। इस समस्या को दूर करने के लिए अब रेलवे ट्रैक के नीचे से टनल (जल निकासी मार्ग) बनाने की योजना तैयार की गई है।

उत्तराखंड अर्बन सेक्टर डेवलपमेंट एजेंसी (यूयूएसडीए) ने शहर के जलभराव वाले क्षेत्रों का सर्वे कर पांच स्थानों की पहचान की है। जहां से बारिश का पानी ट्रैक के नीचे बनी टनलों के माध्यम से सीधे गौला नदी तक पहुंचाया जाएगा। यूयूएसडीए ने टनल निर्माण के लिए भारतीय रेलवे से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) मांगा है। रेलवे की स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। यह परियोजना शहर की जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इन जगहों पर बनेंगी टनल हल्द्वानी को जलभराव से निजात दिलाने के लिए नैनीताल रोड से लगे आवास विकास, तिकोनिया, वनभूलपुरा, इंद्रानगर और आंवला चौकी के नजदीक रेलवे ट्रैक के नीचे टनल का निर्माण किया जाएगा। इनसे बारिश का पानी बहकर गौला नदी तक पहुंचेगा। दो मीटर चौड़ी होगी जल निकासी के लिए प्रस्तावित टनल को दो मीटर चौड़ा बनाया जाएगा। क्षेत्र में बारिश के दौरान जमा होने वाले पानी के अनुसार इन्हें डिजाइन किया जा रहा है। अभियंताओं के अनुसार आधुनिक तकनीक से इनका निर्माण करने के लिए ड्रिलिंग मशीनों का उपयोग किया जाएगा। जिससे निर्माण के दौरान रेल यातायात में कोई बाधा नहीं आएगी। 129 करोड़ की लागत से बनेगा ड्रेनेज सिस्टम शहर को जलभराव से राहत देने के लिए यूयूएसडीए ड्रेनेज सिस्टम बनाने जा रहा है। इसके लिए 129 करोड़ की धनराशि खर्च होगी। इससे गलियों के साथ सड़कों में नालियों का निर्माण किया जाएगा और शहर में बह रहे नालों का आउटफॉल बनाया जाएगा। कोट: बारिश के दौरान जमा होने वाले पानी को बाहर निकालने के लिए रेलवे ट्रैक के नीचे पांच टनल बनाई जाएंगी। निर्माण कार्य के लिए रेलवे से एनओसी मांगी गई है। कुलदीप सिंह, परियोजना प्रबंधक यूयूएसडीए

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




