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29 अप्रैल, 2021|8:08|IST

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कुमाऊं में बारिश ने दी जंगलों की आग से राहत, वनाग्नि की घटनाएं हुईं कम

fire in uttarakhand forest

पिथौरागढ़ के उच्च हिमालयी क्षेत्र में बर्फबारी और इससे सटे निचले इलाकों में हुई बारिश ने पिछले कई दिनों से धधक रहे कुमाऊं के जंगलों को राहत दी है। मौसम साफ रहने से धंुध की समस्या भी नहीं रही। पिथौराढ़ जिले में बारिश से मुनस्यारी के ढुनामानी, बिर्थी, कोट्यूडा, सुरंगधार, लोध, ढोकला, स्युनी, गुंजी और व्यास वैली के जंगलों में लगी आग शांत हो गई है। इन क्षेत्रों के जंगलों में आग बुझ जाने से सीमांत के लोगों के साथ वन विभाग ने भी राहत की सांस ली है।
अल्मोड़ा जिले में चौखुटिया क्षेत्र में बुधवार को हुई हल्की बूंदाबांदी के बाद तहसील क्षेत्र के जंगलों में लगी आग बुझ गई है।

जिले में फिलहाल जागेश्वर के जंगल में आग लगी हुई है। इसके अलावा जिले में जहां पूर्व में जंगल में आग लगी थी, वहां आग बुझा ली गई है। बागेश्वर जिले में पिछले एक महीने से धधक रहे जंगलों की आग को बुधवार की रात हुई बारिश ने बुझा दिया है। इससे बाद वन विभाग ने राहत की सांस ली है। फिलहाल, बागेश्वर जिले में एकमात्र कपकोट तहसील क्षेत्र में उतरौड़ा के जंगल में आग की सूचना है। हालांकि डीएफओ बीएस शाही ने दावा किया कि जिले में इस वक्त जंगल की आग की कोई घटना नहीं है। उन्होंने लोगों से भविष्य में वनों में लगने वाली आग को बुझाने में आगे आने की अपील की है।

नैनीताल समेत आग की 27 घटनाएं हुईं
कुमाऊं के जंगलों में गुरुवार को आग की 27 घटनाएं हुई। जिसमें 34.9 हेक्टेयर जंगल जल गया। आग की इन घटनाओं में करीब 10 लाख रुपये के नुकसान होने का अंदाजा है। इधर नैनीताल डिवीजन में जंगलों में तीन जगह आग लगी है। भीमताल में ओखलकांडा ब्लॉक के ग्रामसभा टांडा में बुधवार रात आधा घंटा झमाझम बारिश और हल्की ओलावृष्टि से जंगलों में आग बुझ गई।

जंगल की आग को रोकने के लिए एनडीआरएफ की टीमों को काम पर लगाया गया है। आग पर जल्द से जल्द काबू पाने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।
डॉ. तेजस्विनी पाटिल, मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं

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  • Web Title:rainfall reduce forest fire incidents in kumaon region uttarakhand