
हल्द्वानी में विनियमितीकरण को लेकर सड़कों पर उतरे सफाई कर्मी
हल्द्वानी में दैनिक वेतनभोगी और अस्थायी कर्मचारियों ने 4 दिसंबर 2018 की कट-ऑफ तिथि बढ़ाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। सफाई कर्मचारी संघों के सैकड़ों सदस्यों ने पैदल रैली निकाली और मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि कट-ऑफ तिथि के कारण हजारों कर्मचारी लाभ से वंचित हो रहे हैं, जो कि अमानवीय है।
हल्द्वानी, मुख्य संवाददाता। सरकारी विभागों में वर्षों से सेवाएं दे रहे दैनिक वेतनभोगी और अस्थायी कर्मचारियों के विनियमितीकरण की कट-ऑफ तिथि चार दिसंबर 2018 तय किए जाने के बाद विरोध तेज हो गया है। शनिवार को देवभूमि उत्तराखण्ड सफाई कर्मचारी संघ और उत्तरांचल स्वच्छकार कर्मचारी संघ के बैनर तले सैकड़ों सफाई कर्मियों ने पैदल रैली निकालकर सरकार से तिथि बढ़ाने की मांग की। संविदा, नियमित, स्वच्छता समिति, उपनल और आउटसोर्स से जुड़े करीब 500 कर्मचारियों ने नगर निगम से तिकोनिया होते हुए एसडीएम कोर्ट तक पैदल मार्च निकालकर नाराजगी जताई। इसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और मंत्री सुबोध उनियाल को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा गया।

देवभूमि उत्तराखण्ड सफाई कर्मचारी संघ ने ज्ञापन में कहा कि विनियमितीकरण नियमावली 2025 में तय की गई 2018 की कट-ऑफ तिथि हजारों कर्मचारियों को लाभ से वंचित कर रही है। प्रदेश अध्यक्ष राहत मसीह और महासचिव राजपाल पवार ने कहा कि हल्द्वानी नगर निगम सहित पूरे प्रदेश में बड़ी संख्या में ऐसे कर्मचारी हैं, जिन्होंने 2018 के बाद 10 वर्ष की सेवा पूरी की है। कोविड महामारी के समय इन कर्मचारियों ने जोखिम उठाकर शहरों को स्वच्छ रखा, लेकिन अब उन्हें केवल एक तिथि के कारण विनियमितीकरण से बाहर कर देना अमानवीय है।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




