
बेस में भर्ती मरीज घर से ला रहे कंबल-रजाई
हल्द्वानी के सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल में भर्ती मरीजों को कड़ाके की सर्दी में पुरानी और पतली कंबल मिल रही हैं, जिससे उनकी समस्याएं बढ़ गई हैं। आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को घर से कंबल लाने का विकल्प नहीं है। अस्पताल प्रबंधन ने हर मरीज को दो कंबल देने का आश्वासन दिया है।
हल्द्वानी। कुमाऊं क्षेत्र के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में शुमार सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल हल्द्वानी में इन दिनों कड़ाके की सर्दी के बीच भर्ती मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अस्पताल प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे पुराने व पतले कंबल ठंड से राहत देने में नाकाफी साबित हो रहे हैं। बिस्तरों पर बिछाई जा रहीं सूती चादरें भी ठिठुरन को और बढ़ा रही हैं। ऐसे में कई मरीज घर से रजाई या अतिरिक्त कंबल मंगवाने को मजबूर हैं। रविवार को आपके अपने समाचार पत्र ‘हिन्दुस्तान’ ने अस्पताल का जायजा लिया। पता चला कि लगातार गिर रहे तापमान के बीच उचित इंतजाम नहीं होने से मरीज ठंड में ठिठुरने को मजबूर हैं।
इस अस्पताल में 166 से अधिक बेड हैं और कुमाऊं भर से रोजाना सैकड़ों मरीज इलाज कराने आते हैं। ओपीडी में प्रतिदिन 1200 से ज्यादा मरीजों का इलाज होता है। वहीं औसतन करीब 50 मरीज रोज भर्ती होते हैं। सर्दी के मौसम में जहां मरीजों को आराम की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, वहीं मरीजों को मात्र एक पतला कंबल दिया जा रहा है। भर्ती मरीजों का कहना है कि कभी-कभी मांगने पर अतिरिक्त कंबल मिल भी जाता है, लेकिन नए मरीज के आने पर उसे वापस ले लिया जाता है। अस्पताल के वार्डों में कई मरीजों के बिस्तर पर घर से लाए गए कंबल नजर आए। आर्थिक रूप से कमजोर मरीज परेशान अस्पताल में भर्ती आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीज सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। दूर-दराज से आने वाले मरीजों के पास घर से कंबल मंगवाने का विकल्प तक नहीं होता, जिससे वे रातभर ठंड से ठिठुरते रहते हैं। इनकी बात:: अस्पताल से मिला कंबल काफी पतला है। डबल-डबल कपड़े व जैकेट पहन कर रात काटनी पड़ी है। ठंड से राहत मिलेगी तभी सेहत भी ठीक होगी। - प्रियंका, लालकुआं लगातार ठंड बढ़ रही है। अस्पताल से मिले कंबल से ठंड नहीं रुक रही है। घर से भी कंबल मंगाया है उसके बाद भी ठंड नहीं रुक रही है। - मनोज, हल्द्वानी अस्पताल प्रबंधन ने ओढ़ने के लिए एक कंबल दिया है। यह कंबल काफी पतला है, जिससे ठंड नहीं रुक रही है। अस्पताल प्रबंधन को ध्यान देना चाहिए। - अल्तमस, इंदिरा नगर अस्पताल से मिलने वाला कंबल काफी पतला है। ठंड नहीं रुक रही थी इसलिए घर से कंबल मंगाना पड़ा है। कंबल मोटा हो या फिर दो मिलें तो ज्यादा अच्छा होगा। - नफीसा कंबल भी पतला है जिससे ठंड नहीं रुक रही है। बिस्तर में बिछाई गई चादर सूती है जिससे और ठंड लगती है। ठंड से बचाव के उपाय होने चाहिए। सुशीला देवी इतनी ज्यादा ठंड हो रही है कि इन पतले कंबलों को ओढ़कर मरीज और बीमार हो जाएगा। सूती चादर भी फिसनले वाली हैं इससे भी परेशानी हो रही है। - देवकी देवी, लालकुआं कोट:: मरीजों को ठंड में ठिठुरने नहीं दिया जाएगा। हर मरीज को दो कंबल देने के आदेश दिए गए हैं और जरूरत हो तो तीन कंबल भी देने को कहा है। इसके अलावा मरीजों की जो भी दिक्कतें होंगीं, उन्हें तुरंत हल किया जाएगा। डॉ. केएस दताल, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक, बेस अस्पताल हल्द्वानी

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