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पंचेश्वर बांध परियोजना की कवायद दोबारा तेज

लंबे समय से सुस्त पड़ी पंचेश्वर बांध परियोजना की कवायद दोबारा तेज हो गई है। इसी सिलसिले में निर्माण कार्य की समीक्षा के लिए केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के चेयरमैन एस मसूद हुसैन विशेषज्ञों की टीम संग बांध के कार्यस्थल का निरीक्षण और कार्यों की समीक्षा करेंगे। चेयरमैन के कार्यक्रम को देखते हुए स्थानीय स्तर पर भी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इससे बांध निर्माण की कवायद को अब गति मिल सकती है। 
सोमवार को वॉप्कोस और सीडब्ल्यूसी के अधिकारियों ने डीएम एसएन पांडेय और एसपी धीरेंद्र गुंज्याल से मुलाकात की। 29 नवंबर को ये सभी अधिकारी पंचेश्वर बांध के लिए बनाई जा रही सुरंग और अन्य कार्यों का जायजा लेंगे। भ्रमण के दौरान पंचेश्वर विकास प्राधिकरण के कई अफसर भी मौके पर रहेंगे। 

दो साल से फंसी है डीपीआर 
पंचेश्वर बांध की संशोधित डीपीआर वॉप्कोस ने 2016 में भारत और नेपाल सरकार में समिट कर दी थी। समिट करने के कुछ ही दिन बाद नेपाल सरकार ने डीपीआर के तीन बिंदुओं पर आपत्ति लगा दी थी। इनमें बांध की लागत और जल बंटवारे आदि मुद्दे शामिल हैं।  तब उस मसले को सुलझाने के लिए दोनों देशों के बीच गर्विनिंग बॉडी की कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं। 

इसी साल से शुरू होने थे प्राथमिक चरण के कार्य 
बांध निर्माण का कार्य बेहद सुस्ती से चल रहा है। डीपीआर के मुताबिक बांध निर्माण के लिए प्राथमिक चरण के कार्य 2018 से शुरू होने थे। 2020 से मुख्य बांध निर्माण शुरू करने और 2028 में बांध के लोकार्पण का लक्ष्य रखा गया था। साल खत्म होने को है अब तक बांध के प्राथमिक चरण का कार्य शुरू नहीं हो पाया है।   

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  • Web Title:Pancheshwer dam project drill again fast