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दुर्गा अष्टमी और रामनवमी के महायोग से सजी नवरात्रि

दुर्गा अष्टमी और रामनवमी के महायोग से सजी नवरात्रि

इस बार दुर्गा अष्टमी-रामनवमी के महायोग संग नवरात्र का समापन हुआ। इस दौरान सुबह से मंदिरों और घर-घर में कन्याओं का पूजन हुआ। इसी दिन भगवान विष्णु के सातवें अवतार श्रीराम का जन्मदिवस चैत्र शुक्लपक्ष की नवमी तिथि पर गौरी और निपुण योग में धूमधाम से मनाया गया।

शनिवार को कई सालों बाद दुर्गा अष्टमी और रामनवमी का शुभ संयोग बना। सुबह अष्टमी मुहूर्त पर व्रतियों ने महागौरी की पूजा से दिन की शुरुआत की तो दोपहर बाद नवमी के मुहूर्त में देर रात तक मां सिद्धिदात्री की उपासना की गई। मां को चुनरी, नारियल समेत पूजन सामग्री चढ़ाई गई। सुबह से रेलवे बाजार स्थित प्राचीन माता मंदिर में महिलाओं ने पूजा की। जगदंबा नगर माता मंदिर और शीतला माता मंदिर में भक्तों ने यज्ञ आहुति दी। दूसरी ओर घरों और मंदिरों में कन्या पूजन के साथ भोग लगाया गया। पंडित नवीन चंद्र जोशी ने बताया शनिवार के योग में देवी का पूजन विशेष फलदायी है। नवमी का शुभ मुहूर्त रविवार सुबह 9:36 बजे तक रहेगा।

अभिजीत मुहूर्त में धूमधाम से मना राम जन्मोत्सव

पंडित नवीन चंद्र जोशी ने बताया कि चैत्र शुक्ल नवमी तिथि मध्याह्न के समय पुनर्वसु नक्षत्र में माता कौशल्या के यहां स्वयं श्रीहरि श्रीराम रूप में प्रकट हुए थे। इसी कारण अभिजीत मुहूर्त में दोपहर के समय नवमी तिथि हो, उसी दिन रामनवमी मनाना चाहिए। यह योग इस बार 13 अप्रैल शनिवार को बना। इस कारण दुर्गा अष्टमी एवं श्रीराम नवमी दोनों के संयोग में रामजन्मोत्सव भी धूमधाम से मनाया गया। रामलीला मैदान स्थित राम मंदिर में रामनवमी पर स्थानीय कलाकारों ने रामजन्मोत्सव का मंचन किया। यहां श्रीराम पंचाक्षर मंत्र का जाप, रामचरितमानस और सुंदर कांड का पाठ हुआ।

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  • Web Title: Navratri decorated with MahagaY of Durga Ashtami and Ramnavmi