
काशीपुर की दो कंपनियों में करोड़ों का पीएफ घोटाला उजागर
काशीपुर की दो कंपनियों में करोड़ों का पीएफ घोटाला उजागर - सैकड़ों कर्मचारियों की
काशीपुर की दो कंपनियों में करोड़ों का पीएफ घोटाला उजागर - सैकड़ों कर्मचारियों की कटौती रोककर बैठी दोनों फैक्ट्रियां - ईपीएफओ हल्द्वानी ने एसएसपी यूएसनगर को भेजी लिखित एनआईआर - कर्मचारियों के वेतन से पीएफ काटा, लेकिन जमा नहीं किया बड़ी कार्रवाई : 02 : हजार से अधिक कर्मचारियों ‘फ्लेक्सिटफ वेंचर इंटरनेशनल’ के प्रभावित 01 : सौ 60 कर्मचारी वीवीमेड लैब्स लिमिटेड के प्रभावित बृजेंद्र मेहता हल्द्वानी, मुख्य संवाददाता। काशीपुर की दो बड़ी कंपनियों ‘फ्लेक्सिटफ वेंचर इंटरनेशनल’ और ‘वीवीमेड लैब्स लिमिटेड’ में कर्मचारी भविष्य निधि (पीएफ) से जुड़े करोड़ों रुपये की गड़बड़ी उजागर हुई है। दोनों कंपनियों ने सैकड़ों कर्मचारियों के वेतन से पीएफ कटौती तो कर ली, मगर उसे निर्धारित समय सीमा में जमा नहीं किया।

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) हल्द्वानी ने इसे ‘अपराधिक विश्वासघात’ मानते हुए एसएसपी ऊधमसिंह नगर को एफआईआर दर्ज करने की लिखित संस्तुति भेज दी है। ईपीएफओ के कुमाऊं कमिश्नर ग्रेड-2 आकाश वर्मा के अनुसार काशीपुर की कंपनी फ्लेक्सिटफ वेंचर ने जून 2022 से अगस्त 2024 तक करीब दो हजार कर्मचारियों की पीएफ राशि काटी, लेकिन बड़ा हिस्सा पीएफ कार्यालय को जमा नहीं किया। ईपीएफओ की धारा 7ए की जांच में (दिनांक 22 सितंबर 2025) में यह पुष्टि हुई कि 4,24,74,673 रुपये कर्मचारियों के खातों में जमा ही नहीं करवाए गए। कंपनी के निदेशक सौरभ कलानी और राहुल चौहान को इसके लिए सीधा जिम्मेदार बताया गया है। वहीं, दूसरी ओर वीवीमेड लैब्स लिमिटेड पर भी करीब 160 कर्मचारियों की पीएफ कटौती को लेकर बड़ा आरोप है। कंपनी ने वेतन से पीएफ काटा, परंतु महीनों तक जमा नहीं किया। ईपीएफओ की जांच में सामने आया कि 80,31,429 रुपये कर्मचारियों तक नहीं पहुंचे। निदेशक मनोहर राव वरलवार, संदीप वरलवार और संतोष वरलवार को इसके लिए जिम्मेदार मानते हुए पुलिस को तहरीर दे दी है। कंपनियों पर ‘आपराधिक विश्वासघात’ का गंभीर आरोप : ईपीएफओ की रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि कर्मचारियों से काटी गई राशि किसी भी स्थिति में रोकी नहीं जा सकती, यह सीधा “विश्वास का आपराधिक उल्लंघन” है। ईपीएफओ के कुमाऊं कमिश्नर ग्रेड-2 आकाश वर्मा के अनुसार दोनों कंपनियों के निदेशकों पर ईपीएफओ की धारा 316 के तहत केस दर्ज करने की सिफारिश बीती छह दिसंबर को यूएसनगर के एसएसपी को कर दी गई है। कंपनियों से रिकवरी न मिलने पर निदेशकों को जेल तक जाना पड़ सकता है। कितना पीएफ काटा, कितना जमा नहीं हुआ? फ्लेक्सिटफ वेंचर इंटरनेशनल कंपनी : करीब दो हजार कर्मचारियों की कुल पीएफ राशि 6 करोड़ 86,5515 रुपये काटी, जिसमें सिर्फ 1 करोड़ 8,39,0842 रुपये जमा किये, जबकि 4 करोड़ 2,47,4673 रुपये जमा ही नहीं किए। वीवीमेड लैब्स लिमिटेड : कर्मचारियों के वेतन से पीएफ राशि 1 करोड़ 61,69,996 रुपये काटी, जिसमें 81,38,567 रुपये ही जमा दिये, जबकि 80,31,429 रुपये जमा नहीं किये गए।

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