Haldwani News: परीक्षा के दौरान चीखने-चिल्लाने लगी छात्राएं, मची अफरातफरी
Haldwani News: हल्द्वानी के वनभूलपुरा स्थित इंटर कॉलेज में यूनिट टेस्ट दे रही छात्राएं अचानक चीखने-चिल्लाने लगीं, जिससे अफरा-तफरी मच गई। प्रबंधन ने तुरंत छुट्टी घोषित की। विशेषज्ञों ने इसे मास हिस्टीरिया का मामला बताया, जिसमें तनाव और अफवाहें मुख्य कारण हो सकती हैं। सभी छात्राओं की हालत में सुधार है।

Haldwani News: हल्द्वानी, वरिष्ठ संवाददाता। वनभूलपुरा स्थित एक अशासकीय सहायता प्राप्त इंटर कॉलेज में सोमवार दोपहर यूनिट टेस्ट दे रहीं छात्राएं एकाएक चीखने-चिल्लाने लगीं। इतना ही नहीं जमीन पर लोटपोट होकर रोने भी लगीं। इससे स्कूल में अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान स्कूल में भूत-प्रेत जैसी अफवाहें फैल गई। स्कूल प्रबंधन ने किसी तरह छात्राओं को संभाला और तत्काल स्कूल की आपातकाल छुट्टी कर दी। सभी छात्राओं की हालत में अब सुधार है। घटना से जुड़ा एक वीडियो भी वायरल हुआ है। प्रभारी प्रधानाचार्य नीलम ने बताया कि सोमवार को स्कूल में 10वीं और 12वीं की छात्राओं के यूनिट टेस्ट हॉल में चल रहे थे। इसी दौरान दसवीं कक्षा की एक छात्रा जोर-जोर से चिल्लाने लगी। इसके बाद 10वीं और 12वीं कक्षा की चार पांच छात्राएं भी एकाएक चीखने लगीं और जमीन पर लोटपोट हो गईं। छात्राएं रोने भी लगीं। देखते ही देखते स्कूल में भूत-प्रेत की अफवाह से छात्रों के बीच अफरा-तफरी मच गई। बाहरी लोग भी स्कूल में पहुंचे और पुलिस भी सूचना के बाद यहां आई। छात्राओं में इस दौरान दहशत फैल गई और कक्षाओं में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। शिक्षकों व अन्य कर्मचारियों ने छात्राओं को भीड़ से अलग बिठाया और उनके परिजनों को स्कूल बुलाया।
‘भूत-प्रेत की बात महज अफवाह’
घटना के बाद छात्राओं के अभिभावक स्कूल पहुंचे। एक साथ चार-पांच छात्राओं को इस हालत में देखकर वह भूत-प्रेत का मामला होने की चर्चाएं करने लगे। प्रधानाचार्य नीलम ने उन्हें बताया कि अचानक बच्चों की तबीयत बिगड़ गई थी। भूत-प्रेत की बात महज अफवाह है। घटना के बाद स्कूल की छुट्टी कर दी गई थी।
‘मास हिस्टीरिया के हो सकते हैं लक्षण’
डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल के वरिष्ठ मनोवैज्ञानिक डॉ. युवराज पंत ने बताया कि अक्सर ऐसा कई बार देखा गया है। ये मास हिस्टीरिया से जुड़े लक्षण भी हो सकते हैं। समूह के एक व्यक्ति से शुरू होकर यह समस्या तेजी से दूसरों में फैलने लगती है। सिरदर्द, चक्कर आना, सीने में जकड़न, बेहोशी, कांपना या पेट दर्द जैसी दिक्कतें होने लगती हैं। कुछ लोग अचानक बिना बात के जोर-जोर से रोने, चीखने, हंसने या बेहोश होकर जमीन पर गिरने लगते हैं। डॉक्टरों की ओर से मेडिकल जांच करने पर शरीर में कोई बीमारी, जहर या संक्रमण नहीं निकलता है।
चंपावत, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में भी सामने आ चुके मामले
बहुत ज्यादा मानसिक तनाव, डर, अफवाहें या किसी खतरे का अहसास इसके मुख्य कारण होते हैं। लोग दूसरों को देखकर या सुनकर खुद भी वैसा ही महसूस करने लगते हैं। इसे ‘ग्रुप थिंकिंग’ भी कहते हैं। इससे पहले चम्पावत, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में इस तरह के मामले देखे जा चुके हैं।
ऐसे हो सकता है बचाव
प्रभावित लोगों को एक-दूसरे से अलग करना और शांत माहौल देने से ऐसे समय में राहत मिल सकती है। डॉक्टरों या काउंसलर की मदद से डर और तनाव को दूर करना चाहिए। खुली जगह या हवा में प्रभावित को बिठाकर उसे पानी पिलाने से भी राहत मिलती है।
कोट:
वनभूलपुरा स्थित एक इंटर कॉलेज में छात्राओं की तबियत बिगड़ने की सूचना मिली थी। तत्काल स्कूल की छुट्टी कर दी थी। सभी छात्राओं की हालत कुछ देर में ही ठीक हो गई थी। - तारा सिंह, बीईओ, हल्द्वानी


