
जिसने एसटीएफ को दी तस्करी की सूचना, उसी ने चलवा दी गोली
हल्द्वानी में एसटीएफ की टीम पर फायरिंग मामले में पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। तस्करी की सूचना देने वाले ने खुद टीम पर फायरिंग करवाई। एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है और पुलिस गहन जांच कर रही है। घायल सिपाही भूपेंद्र का इलाज एसएसपी ने खुद किया।
हल्द्वानी। खनस्यूं में शनिवार रात एसटीएफ की टीम पर फायरिंग करने के मामले में पुलिस को अहम सुराग हाथ लगे हैं। पुलिस के विश्वसनीय सूत्रों ने बताया कि जिसने तस्करी की सूचना दी थी, उसी ने दबिश के लिए गांव पहुंची टीम पर फायरिंग करवा दी। बताया जा रहा है कि तस्करी में सूचना देने वाला खुद भी शामिल था। हालांकि पुलिस इस मामले की सच्चाई शीघ्र सामने लाने को गहन जांच कर रही है। पुलिस के एक विश्वसनीय अधिकारी ने बताया कि स्थानीय पुलिस को एसटीएफ की विंग एएनटीएफ टीम ने दबिश की सूचना दी थी। रात को टीम खनस्यूं को रवाना हुई।

जिसमें एक दरोगा समेत कुल पांच लोग शामिल थे। बताया जा रहा है कि मुखबिर की सूचना के अनुसार टीम ने ऐन मौके पर बताए गए जगह पर जैसे ही दबिश दी तो यहां से एक तस्कर हाथ चढ़ गया। जब अन्य तस्करों ने देखा कि वह पकड़े जाएंगे तो उन्होंने साथी को बचाने के लिए एक के बाद एक कर तीन फायर झोंक दिए। जिसमें सिपाही भूपेंद्र मर्तोलिया को गोली लग गई। उनकी छाती के पास गोली लगने से वह जमीन पर गिर पड़े। जिसे एसटीएफ ने पकड़ा था वह इस दौरान भागने में सफल रहा। बताया जा रहा है कि इन्हीं तस्करों में एक वह भी शामिल था जिसने तस्करी की सूचना दी थी। जिस पर पुलिस तत्काल प्रभाव से काम कर रही है। एक आरोपी के हत्थे चढ़ने की खबर है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इसका खुलासा नहीं किया है। घटना के बाद कई थानों की फोर्स खनस्यूं पहुंच गई और रात-भर जंगलों में तस्करों की तलाश करती रही। --- एसएसपी ने अस्पताल पहुंच खुद घायल जवान को दिया इलाज घटना की सूचना मिलते ही तत्काल एसएसपी डॉ.मंजूनाथ टीसी ठंडी सड़क स्थित निजी अस्पताल पहुंचे। वह दो बार यहां आए। एसएसपी ने इमरजेंसी के ओटी में शिफ्ट किए गए घायल जवान भूपेंद्र से बात की। आला लेकर उनके शरीर की जांच की। बदन और हाथों की नसों को जांचा। इसके बाद डॉक्टरों को आवश्यक दिशानिर्देश भी दिए। बता दें कि एसएसपी खुद एक डॉक्टर हैं। त्वरित रिएक्शन और जवान के प्रति एसएसपी के इस कार्य को देख सोशल मीडिया पर उनकी सराहना हो रही है। एसएसपी भारतीय पुलिस सेवा में आने से पहले देश के कई नामी अस्पतालों में बतौर डॉक्टर सेवा दे चुके हैं। एसएसपी ने जवान की निगरानी के लिए पूरी रात पुलिस को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। भूपेंद्र के शरीर से गोली को निकालने के बाद उन्हें दूसरे वार्ड में शिफ्ट कर दिया है। --- चार दिन पहले ही एसटीएफ में आए थे भूपेंद्र निजी अस्पताल में पुलिस की चर्चाओं में पता लगा कि गोली लगने से घायल हुए भूपेंद्र की एसटीएफ की विंग एएनटीएफ में दूसरी बार वापसी हुई है। इस बार चार दिन पहले ही उन्होंने एसटीएफ को दोबारा ज्वाइन किया था। मूल रूप से मुनस्यारी के रहने वाले भूपेंद्र वर्तमान में पंतनगर एसटीएफ में तैनात हैं। उनका परिवार मुखानी में किराए में रहता है। घटना के बाद शनिवार रात उनकी बहन और परिवार के अन्य सदस्य यहां पहुंचे। एसआई आरती सचदेवा ने परिवार से कहा कि भूपेंद्र बिल्कुल ठीक हैं। उन्होंने घबराए परिवार को सांत्वना दी। इधर घटना के बाद एसएचओ विजय मेहता समेत अन्य पुलिस बल यहां मौजूद रहा।

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