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22 सितम्बर, 2020|10:46|IST

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पंतनगर के मुकाबले काठगोदाम में तीन गुना ज्यादा बरसे मेघ

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पर्वतीय और मैदानी इलाकों में मानसून की बारिश में काफी अंतर दिखा है। यह अंतर तीन गुना तक जा पहुंचा है। जिससे मौसम वैज्ञानिक भी थोड़ा अचंभित हैं। काठगोदाम से पंतनगर की दूरी करीब 34 किमी है।

काठगोदाम स्थित गौलाबैराज में बारिश को मापने वाला यंत्र रखा है। जिस की मदद से रोजाना बैराज में तैनात कर्मचारी बारिश को मापते हैं। इसका रिकार्ड को बकायदा जनपद आपदा प्रबंधन प्राधिकरण अपने बुलेटिन में देता है। वहीं, काठगोदाम से करीब 34 किमी की दूरी पर स्थिति पंतनगर विश्वविद्यालय है। वहां पर भी बारिश को लगातार मापा जाता है। पंतनगर विवि की रिपोर्ट के मुताबिक इस अगस्त में 239 मिमी बारिश हुई है। जबकि गौला बैराज की रिपोर्ट के मुताबिक काठगोदाम और उसके आसपास 890 मिमी बारिश हुई। यानि की 34 किमी की दूरी पर करीब तीन गुना बारिश का अंतर है। काठगोदाम पर्वतीय इलाकों की तलहटी है एक तरह से पहाड़ से जुड़ा है। जिस वजह से यहां मैदानी इलाकों के मुकाबले ज्यादा बारिश होना स्वभाविक है। लेकिन तीन गुना ज्यादा बारिश होना जानकारों को भी आश्चर्य में डालता है।

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इनसेट कोट-

पर्वतीय इलाकों में ज्यादा बारिश के कई कारण हैं, जिसमें नमी, वन ऊंचाई आदि हैं। काठगोदाम पर्वतीय इलाकों से जुड़ा है। इसलिए यहां मैदानी इलाकों से ज्यादा बारिश हो रही है। लेकिन ज्यादा बारिश होना भी अंचभित करता है।

डॉ. आरके सिंह, मौसम वैज्ञानिक, पंतनगर विश्वविद्यालय।

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  • Web Title:Kathgodam has three times more cloud than Pantnagar