
आईटीआई पास युवतियों के लिए उद्योगों में रोजगार की भरमार
उत्तराखंड में आईटीआई पास लड़कियों की कमी के कारण उद्योगों में रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में प्रमुख कंपनियों को प्रशिक्षित युवतियों की आवश्यकता है। हालांकि, आईटीआई में प्रवेश...
रोजगार का मौका : उत्तराखंड के उद्योगों में आईटीआई पास लड़कियों की कमी, उद्योगों में मांग बढ़ी हरिद्वार और यूएस नगर के उद्योगों में रोजगार के अवसर, नहीं मिल रहीं प्रशिक्षित लड़कियां 93 आईटीआई में चल रही प्रवेश की प्रक्रिया 10 से 12 फीसदी छात्राएं ही पढ़ाई को लेती हैं प्रवेश 9 हजार से अधिक सीटों के लिए होती है प्रवेश प्रक्रिया प्रमोद डालाकोटी हल्द्वानी। उत्तराखंड के औद्योगिक इकाइयों में हुनरमंद युवतियों की मांग बढ़ी है। हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में आईटीआई पास लड़कियों की कमी उद्योगों के लिए चुनौती बन रही है। अशोक लीलैंड, बजाज, हैवल्स, नेस्ले जैसे प्रमुख उद्योगों में प्रशिक्षित युवतियों की भारी मांग है।

राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) के संयुक्त निदेशक (प्रशिक्षण एवं अप्रेंटिस) मयंक अग्रवाल ने बताया कि राज्य के उद्योगों में आईटीआई प्रशिक्षित युवतियों की मांग काफी बढ़ी है। बीते तीन महीनों में अशोक लीलैंड, बजाज, हैवेल्स, नेस्ले जैसी 20 प्रमुख कंपनियों ने 5,000 से अधिक आईटीआई पास युवतियों के लिए रोजगार संबंधी जानकारी मांगी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रशिक्षित युवतियों की कमी के कारण छात्राओं को आईटीआई प्रशिक्षण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इन क्षेत्रों के हनुरमंद चाहिए आईटीआई से फिटर, टर्नर, इलेक्ट्रिशियन, वेल्डर, फैशन डिजाइनिंग टेक्नोलॉजी, कॉस्मेटोलॉजी, कंप्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट, स्टेनोग्राफर एंड सेक्रेटेरियल असिस्टेंट, ड्राफ्ट्समैन (सिविल/मैकेनिकल) ट्रेड में आईटीआई पास लड़कियों की उद्योगों में आवश्यकता है। इन उद्योगों में है आवश्यकता आईटीआई के अफसरों के मुताबिक डाबर, अशोक लीलैंड, बजाज ऑटो, टाटा मोटर्स (रुद्रपुर), रेकिट बेनकिसर इंडिया लिमिटेड (सितारगंज), आईटीसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड, हैवेल्स, पैनासोनिक, डिक्सन और अंबर सहित 20 उद्योगों में आईटीआई पास युवतियों के लिए 5 हजार से अधिक पद रिक्त हैं। इसलिए बढ़ रही मांग दरअसल, उद्योग अब लैंगिक समानता की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। अधिकांश उद्योग अब 50 फीसदी पुरुष और 50 फीसदी महिलाओं की नियुक्ति की नीति पर काम कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि पुरुषों की तुलना में महिलाएं अधिक जिम्मेदारी और लगन से काम करती हैं। यही कारण है कि महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं। 9,600 सीटों पर अब तक 5,900 का ही प्रवेश राज्य के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में प्रवेश के लिए छात्र-छात्राओं की संख्या बेहद कम रही है। प्रदेश की 93 आईटीआई में कुल 9,600 सीटों के सापेक्ष अब तक केवल 5,900 छात्र-छात्राओं ने प्रवेश लिया है। प्रवेश प्रक्रिया अब भी जारी है। पिछले तीन वर्षों में आईटीआई में छात्राओं की भागीदारी 10 से 12 प्रतिशत से आगे नहीं बढ़ पाई है। कम रुचि के चलते सीटें खाली रहने की समस्या बनी हुई है।

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