बेस में हीमोफीलिया को लेकर हुई कार्यशाला
हीमोफीलिया के उपचार में नवाचार - हल्द्वानी में एक कार्यशाला हुई, जिसमें वाक्ताओं ने बताया कि ईएचएल थेरेपी हीमोफीलिया-ए के उपचार में महत्वपूर्ण है। यह इलाज मरीजों के ट्रफ लेवल को बनाए रखने और लंबे समय तक जोड़ों को नुकसान से बचाने में मदद करता है।

मोहन भट्ट हल्द्वानी। सोबन सिंह जीना बेस अस्पताल में बुधवार को हीमोफीलिया के बेहतर इलाज के विषय पर एक कार्यशाला हुई। जिसमें वाक्ताओं ने कहा कि एक्सटेंडेड हाफ-लाइफ (ईएचएल) फैक्टर-8 थेरेपी हीमोफीलिया-ए के उपचार में वरदान से कम नहीं है। मुख्य वक्ता वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. विनिता निखुरपा ने बताया कि हीमोफीलिया मरीजों के इलाज में ईएचएल एक नई उम्मीद बनकर आ रही है। इससे मरीज में बेहतर ट्रफ लेवल बनाए रखने, जोड़ों को दीर्घकालिक क्षति से बचाने और रोजाना के कार्यों की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद मिलती है। पीएमएस डॉ. केएस दत्ताल, डॉ. चंचल मार्छाल, डॉ. विजय जोशी, डॉ. कविता लोहनी, डॉ. जितेंद्र भट्ट आदि मौजूद रहे।
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