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हल्द्वानी: रानीखेत में भारत और अमेरिका का संयुक्त सैन्य युद्धाभ्यास शुरू

1 / 4India and United States joint military maneuvers start

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भारत और अमेरिका के बीच अब तक के सबसे बड़े संयुक्त सैन्य युद्धाभ्यास 'युद्ध अभ्यास-2018' का रविवार को चौबटिया छावनी में भव्य उद्घाटन समारोह के साथ शानदार आगाज हुआ। पहली बार युद्धाभ्यास को डिवीजन हेडक्वार्टर स्तर तक उच्चीकृत किया गया है। भारत और अमेरिका के ध्वजारोहण के साथ दोनों देशों का राष्ट्रगान हुआ। फ्लैग मार्च के बाद संयुक्त सेनाओं ने शानदार मार्चपास्ट कर सलामी दी। 29 सितंबर तक चलने वाले युद्धाभ्यास में भारत की ओर से सूर्य कमांड के 350 सैनिक तथा अमेरिका की ओर से भी बटालियन के इतने ही सैनिक हिस्सा ले रहे हैं। 
भारत-अमेरिका के बीच द्विपक्षीय रक्षा सहयोग के तहत 14वें संस्करण के 'युद्ध अभ्यास-2018' के नाम से सेना की मध्य कमान मुख्यालय की ओर से आयोजित संयुक्त सैन्य युद्धाभ्यास का रविवार को चौबटिया के गरुड़ मैदान में भव्य उद्घाटन हुआ। भारत के 'जन-गण-मन' और अमेरिकी राष्ट्रगान 'द स्टार स्पंगल्ड बैनर' के साथ दोनों देशों के ध्वज फहराए गए। मैत्री द्वार से निकली दोनों देशों की सेनाओं ने फ्लैग मार्च के बाद शानदार मार्चपास्ट कर अधिकारियों को सलामी दी। सेना के बैंड की 'कदम-कदम बढ़ाए जा खुशी के गीत गाए जा, ये जिंदगी है कौम की तू कौम पे लुटाए जा', स्वर लहरियों के बीच दोनों देशों की सेनाओं ने परेड कमांडर कर्नल एसवी चेरियन के नेतृत्व में शानदार मार्चपास्ट किया। भारतीय सेना का नेतृत्व कर रहे मेजर जनरल कविंद्र सिंह व उनके अमेरिकी समकक्ष मेजर जनरल विलियम ग्राहम ने संयुक्त रूप से परेड का निरीक्षण किया। 
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए भारतीय सेना के मेजर जनरल कविंद्र सिंह ने चीफ ऑफ द आर्मी स्टाफ व कांगो ब्रिगेड की ओर से अमेरिकी अधिकारियों, सैनिकों का स्वागत किया। संबोधन में भारत-अमेरिका के सैन्य अधिकारियों ने दो लोकतांत्रिक देशों के इस संयुक्त सैन्य युद्धाभ्यास को कई मायनों में महत्वपूर्ण बताया। भारत की ओर से कांगो ब्रिगेड, गरुड़ डिवीजन व सूर्य कमान की एक बटालियन, जबकि अमेरिका की तरफ से 1 इंफैंट्री बटालियन, 23 इंफैंट्री रेजीमेंट, 2 स्ट्राइकर ब्रिगेड, काम्बैट टीम व 7 इंफैंट्री डिवीजन की एक कंपनी युद्धाभ्यास में भाग ले रही है। दोनों ही देशों के 350-350 अधिकारी, जवान युद्धाभ्यास में शामिल हैं। उद्घाटन कार्यक्रम के बाद दोनों देशों के अधिकारियों, सैनिकों ने एक-दूसरे से मिलकर विचार साझा किए। इस मौके पर 99 पर्वतीय ब्रिगेड के कमांडेंट ब्रिगेडियर विजय काला, अमेरिका के कर्नल गैरी हॉल सहित सैन्य अधिकारी व जवान मौजूद रहे।

आतंकवाद से निपटने में मील का पत्थर साबित होगा युद्धाभ्यास
युद्धाभ्यास के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए अमेरिका के मेजर जनरल विलियम ग्राहम ने कहा कि युद्ध अभ्यास-2018 को पहली बार डिवीजन स्तर तक बढ़ाया गया है, जो भारत-अमेरिका द्विपक्षीय रक्षा सहयोग व संबंधों में लगातार प्रगाढ़ता का भी परिचायक है। कहा कि दोनों देशों की सेनाओं के पास बेहतरीन अनुभव हैं। युद्धाभ्यास से दोनों देशों के सैनिक उच्चतम कोटि की युद्ध तकनीकें हासिल करेंगे। 21वीं सदी में वैश्विक आतंकवाद सहित विभिन्न चुनौतियों से निपटने में युद्धाभ्यास मील का पत्थर साबित होगा। दोनों देशों की सेनाओं के लिए युद्धाभ्यास को बेहतरीन अवसर बताया। कहा अगले दो हफ्तों में दोनों लोकतांत्रिक देशों की सेनाएं एक-दूसरे से अनुभव व युद्ध तकनीकें हासिल कर आतंकवाद की चुनौती से निपटने के लिए शारीरिक व मानसिक तौर पर तैयार होंगी। युद्धाभ्यास के बाद दोनों देशों की सेनाएं संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अधीन आतंकवाद के विरुद्ध अभियान व शांति मिशन में मिलकर काम करने में और अधिक सक्षम होंगी। भारत की ओर से जनरल ऑफिसर कमांडिंग, गरुड़ डिवीजन कविंद्र सिंह (सेना मेडल) ने युद्धाभ्यास के परिदृश्य में भारत-अमेरिका के मजबूत होते रिश्तों पर प्रकाश डाला। लोकतंत्र, स्वतंत्रता, समानता व न्याय की साझा मान्यताओं पर प्रकाश डालते हुए इन्हें दोनों देशों के लिए अहम बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में दुनिया आतंकवाद की समस्या से जूझ रही है। युद्धाभ्यास संयुक्त राष्ट्र शांति संरक्षण परिदृश्य में विद्रोह और आतंकवाद का सामना करने की दिशा में सामरिक और तकनीकी कौशल को मजबूत करने में महत्वपूर्ण साबित होगा। ब्रिगेड स्तर पर संयुक्त तैनाती भी इसमें शामिल है।
 

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  • Web Title:India and United States joint military maneuvers start in Ranikhet