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बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने को सड़क पर उतरे सैकड़ों लोग

ददाता। बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने, गौला नदी में तटबंध निर्माण करने, लावारिस पशुओं से निजात दिलाने, बिंदुखत्ता के हाथी कॉरिडोरों को निरस्त करने...

बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने को सड़क पर उतरे सैकड़ों लोग
हिन्दुस्तान टीम,हल्द्वानीWed, 21 Feb 2024 07:45 PM
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लालकुआं, संवाददाता। बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने, गौला नदी में तटबंध निर्माण करने, लावारिस पशुओं से निजात दिलाने, बिंदुखत्ता के हाथी कॉरिडोरों को निरस्त करने समेत 10 सूत्रीय मांगों को लेकर बुधवार को सैकड़ों ग्रामीणों ने जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। इस दौरान पूर्व सीएम हरीश रावत, उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी, भाकपा माले के प्रदेश सचिव समेत तमाम नेताओं ने राज्य और केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
बिंदुखत्ता संघर्ष समिति के तत्वावधान में बुधवार को 10 सूत्रीय मांगों को लेकर शहीद स्मारक से बाजार से होकर तहसील लालकुआं तक विशाल जुलूस निकाला गया। इससे पहले शहीद स्मारक पर जनसभा हुई। सुबह 11 बजे से शुरू हुई सभा करीब सवा दो बजे तक जारी रही। इसके बाद शहर में जुलूस निकाला गया। तहसील में अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम हल्द्वानी परितोष वर्मा को सौंपा गया।

शहीद स्मारक स्थल पर जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि जो बिन्दुखत्ता में बस गया उसे उजाड़ने की ताकत किसी में नहीं है। राजनैतिक एजेंडे के चक्कर में अतिक्रमण हटाने की बात की जा रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकारों में भूमिहानों को हक देने की बात होती थी, आज की सरकारें भूमि देने के बजाय उन्हें उजाड़ने का काम कर रही है। आज सारी जमीनों को पूंजीपतियों को दिया जा रहा है। कहा कि मुख्यमंत्री हरिद्वार में बीएचईएल (भेल) की 900 एकड़ जमीन को लेकर पूंजीपतियों को देने की बात कह रहे हैं। उन्होंने बिंदुखत्ता के लोगों को आश्वासन दिया कि जहां कहीं वह संघर्ष के लिए लड़ेंगे वह उनके साथ खड़े रहेंगे। उन्होंने कहा कांग्रेस सरकार ने नगरपालिका का दर्जा दिया, जनता ने उस फैसले का विरोध किया तो उन्होंने निर्णय वापस ले लिया। कहा कि आज बिंदुखत्ता के लोगों को अतिक्रमण सूची में डाला गया यह निंदनीय है। उपनेता प्रतिपक्ष व खटीमा के विधायक भुवन कापड़ी ने कहा कि हरीश रावत सरकार ने बिंदुखत्ता के विकास के लिए इसे नगर पालिका का दर्जा देने का निर्णय लिया था। विधायक हरीश धामी ने कहा कि अगर अतिक्रमण के नाम पर बिन्दुखत्ता को हटाने की बात की जाएगी तो संघर्ष में उनके साथ सबसे आगे वह खड़े रहेंगे। पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल ने कहा कि जब-जब कांग्रेस की सरकार आई तो बिंदुखत्ता का विकास हुआ। आरोप लगाया कि डबल इंजन की सरकार सबको गुमराह कर रही है। भाकपा माले के प्रदेश सचिव इन्द्रेश मैखुरी व कैलाश पांडे ने कहा कि बिंदुखत्ता के लोग अपने हक के लिए लड़ते हैं, ये लोगों में फूट डालकर बुलडोजर चलाने का काम करते हैं।

27 को देंगे विधान सभा के बाहर धरना देंगे

पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि वह आगामी 27 फरवरी को विधानसभा के बाहर बिंदुखत्ता राजस्व गांव की मांग को लेकर बिंदुखत्ता संघर्ष समिति के पदाधिकारी पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल, भाकपा माले के नेता इन्द्रेश मैखुरी समेत अन्य के साथ धरना देंगे।

ये रहे मौजूद

कांग्रेस के जिला अध्यक्ष राहुल छिम्वाल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरेंद्र बोरा, राजेंद्र सिंह खनवाल, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष पुष्कर सिंह दानू, बिंदुखत्ता संघर्ष समिति के अध्यक्ष कुंदन सिंह मेहता, संयोजक इंदर सिंह पनेरी, खजान चंद्र पांडे, कांग्रेस नेता सतीश नैनवाल, हेमवती नंदन दुर्गापाल, बीना जोशी, विमला रौथाण, हरीश बिसौती, भुवन जोशी, अजय गर्ब्याल, राजेंद्र सिंह बिष्ट, प्रेमा पपोला, रमेश पाठक, विजय सामंत, रमेश कुमार, प्रभात पाल, लक्ष्मण धपोला, पुष्कर सिंह दानू, राजेंद्र चौहान, राधा दानू, हरेंद्र क्वीरा आदि मौजूद रहे।

ये हैं मांगें

1- बिन्दुखत्ता को अतिक्रमण की सूची से हटाकर शीघ्र राजस्व गांव घोषित करें।

2- गौला नदी में स्थाई तटबंध निर्माण जल्द शुरू करें।

3- बिन्दुखत्ता क्षेत्र से प्रभावित सभी हाथी कॉरिडोर रद्द किए जाएं।

4- लावारिस पशुओं से निजात दिलाएं।

5- अशोक चक्र से सम्मानित शहीद मोहन नाथ गोस्वामी के नाम से स्वीकृत मिनी स्टेडियम का जल्द निर्माण करें।

6- सेंचुरी पल्प एंड पेपर मिल लालकुआं से हुए समझौते के अनुरूप घोड़ानाल बिन्दुखत्ता क्षेत्र में ओवरहेड टैंक व नलकूप निर्माण करें।

8- बिन्दुखत्ता में नए बिजली पोल लगाने, ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने और नई बिजली लाइन बिछाने की मांग।

9- वर्षों से खत्तों में रह रहे लोंगो का उत्पीड़न बंद करें।

9- मिल के प्रदूषण पर लोक लगे और प्रदूषित नाले को भूमिगत किया जाए।

10-लालकुआं वन भूमि में बसे गरीब परिवारों को मालिकाना अधिकार मिले।

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