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चम्पावत में हर जगह श्रृंगार रस की होलियों की धूम

चम्पावत में हर जगह श्रृंगार रस की होलियों की धूम

पूर्णिमा के अवसर पर जिले में होलियों का गायन चरम पर पहुंच गया है। पूर्णिमा में दिनभर होली गायन के बाद देर शाम को होल्यारों ने होलिका दहन का आयोजन किया। शुक्रवार को छलेड़ी के अवसर पर होल्यार जगह-जगह पर घूमते और झूमते हुए छलेड़ी का आनंद लेंगे। छलेड़ी के अवसर पर पुलिस प्रशासन की ओर से व्यवस्था चाक चौबंद की गई है।

पूर्णिमा के अवसर पर जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण इलाकों में होली गायन जारी है। इस अवसर पर पुरुषों और महिलाओं ने जमकर होलियों का आनंद लिया। अधिकांश जगहों पर होल्यारों ने स्वांग रचाते हुए होली का आयोजन किया। महिलाओं ने पुरुषों का वेश धारण किया तो पुरुषों ने महिलाओं के कपड़े पहनते हुए स्वांग रचाया। इस दौरान अचला मेरो छोड़ श्याम तेरी गउ चली विदरावन को..., भांग पिया मतवाल भयूं..., गोरी तेरे वदन पर दिल लागे..., सजना तुम आन मिलय्यो रे बलमा तुम आन मिलैय्यो रे..., कनैय्या फूल गुलाल राधे रंग से भरे हैं.., आदि गाते-झूमते हुए नगर के कई स्थानों पर महिलाओं ने जमकर मस्ती की।

छलेड़ी के लिए व्यवस्थाएं चाक-चौबंद:

चम्पावत। पुलिस की ओर से छलेड़ी के अवसर पर व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद किया गया है। इस दौरान किसी भी प्रकार की अनहोनी ना हो इसके लिए पुलिस की ओर से जवानों को मुस्तैदी से जुटने को कहा गया है। कोतवाल सलाउद्दीन खान ने बताया कि छलेड़ी के अवसर पर आज दोपहर तक वाहनों का संचालन बंद रहेगा। दोपहर 12 बजे बाद ही वाहनों का संचालन सुचारू किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।

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  • Web Title:Holi singing stalls everywhere in Champawat