Haldwani News: हल्द्वानी में मूसलाधार बारिश ने एक दशक का रिकॉर्ड तोड़ा
Haldwani News: हल्द्वानी में पिछले 24 घंटों में हुई मूसलाधार बारिश ने पिछले एक दशक का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, 166 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। पंतनगर विवि के मौसम विशेषज्ञ ने कहा कि लगातार बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई है।

Haldwani News: हल्द्वानी, वरिष्ठ संवाददाता। हल्द्वानी में पिछले 24 घंटों के दौरान हुई मूसलाधार बारिश ने पिछले एक दशक का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। मौसम विभाग के अनुसार शहर में इस अवधि में रिकॉर्ड 166 मिमी बारिश दर्ज की गई है। जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। इससे पहले सितंबर महीने में इतनी भारी बारिश का रिकॉर्ड एक दशक पहले 2015 में बना था। जब 154 मिमी बारिश हुई थी। पंतनगर विवि के मौसम विशेषज्ञ डॉ.एएस नैन ने बताया कि मानसूनी बारिश की लहर मंगलवार सुबह से जारी है। लगातार बारिश के कारण तापमान में भारी गिरावट आई है। जिससे तराई में सिहरन बढ़ गई है। शहर का अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान में तीन डिग्री का अंतर आया है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटे में हुई बारिश ने दस साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
सितंबर में पिछले एक दशक में हुई बारिश
साल 24 घंटे में हुई बारिश (मिमी में)
2016 75.1
2017 96.6
2018 74.5
2019 129.4
2020 25.9
2021 25.6
2022 110.4
2023 90.6
2024 94.8
2025 55
2026 166
नोट: आंकड़े मौसम विभाग की वेबसाइट के हैं।
बारिश में गौला नदी की ओर रील बनाने आए तो कार्रवाई: एसएसपी
हल्द्वानी। एसएसपी डॉ.मंजूनाथ टीसी ने बुधवार दोपहर को काठगोदाम और वनभूलपुरा में गौला नदी पर बने पुलों का निरीक्षण किया। एसएसपी ने निरीक्षण के दौरान पुलों और नदी के आसपास की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान गौला नदी के किनारे रील बनाने आ रहे लोगों पर नजर रखें और कार्रवाई करें।
कप्तान ने कहा कि गौला का जलस्तर कभी भी तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में पुलों पर खड़े होकर रील बनाना या नदी के आसपास मौज-मस्ती करना जानलेवा साबित हो सकता है। उन्होंने पुलिसकर्मियों को ऐसे लोगों पर नजर रखने और उन्हें पुलों से हटाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा एसएचओ काठगोदाम जसवीर सिंह चौहान ने क्षेत्र में मुनादी कराकर लोगों को गौला नदी के बढ़ते जलस्तर के प्रति सचेत किया।


