
नैनीताल में पर्यटकों की सुविधा के लिए पड़ोसी जिलों का ट्रैफिक संतुलित होगा
हल्द्वानी के नैनीताल में पर्यटकों की सुविधा के लिए ट्रैफिक प्रबंधन की योजना बनाई गई है। आईआईटी रुड़की की तकनीक का उपयोग करते हुए चार पार्किंग स्थलों पर हाईटेक कैमरे लगाए जाएंगे। 90% भरने पर पुलिस को अलर्ट मिलेगा, जिससे वाहनों का प्रवाह अल्मोड़ा और यूएस नगर की ओर मोड़ा जाएगा।
हल्द्वानी। सरोवर नगरी नैनीताल में पर्यटकों की सुविधा के लिए अब पड़ोसी जिलों यूएस नगर और अल्मोड़ा का ट्रैफिक संतुलित करने की तैयारी है। आईआईटी रुड़की के डिवाइस की मदद से नैनीताल की चार पार्किंग को हाईटेक कैमरों से लैस किया जा रहा है। यहां पार्किंग की क्षमता पूरी होने पर लोकल पुलिस को अलर्ट मिलेगा। इसके बाद ट्रैफिक अल्मोड़ा और यूएस नगर में डायवर्ट किया जाएगा। जिससे नैनीताल में यातायात का प्रवाह कम हो जाएगा। आईजी कुमाऊं रिद्धिम अग्रवाल ने बताया कि ट्रैफिक नियंत्रण को लेकर पिछले साल एक बैठक की गई थी। उसके बाद रेंज पुलिस ने आईआईटी रुड़की से एक डिवाइस खरीदा है, जो यातायात प्रबंधन में कारगर साबित होगा।

आईजी के मुताबिक यह डिवाइस कैमरों से जुड़ेगा। नैनीताल में वाहनों का दबाव कम करने के लिए चार पार्किंग मेट्रोपोल, अशोका, रूसी बाईपास और डीएसए पार्किंग में कैमरे लगाए जा रहे हैं। यह हाईटेक कैमरे वाहनों की काउंटिंग करेंगे। 90 फीसदी पार्किंग भरते ही लोकल पुलिस को डिवाइस अलर्ट दे देगा। जिसके बाद रूसी बाईपास से शटल सेवा चलेगी। रूट पर भारी दबाव को देख वाहनों को काठगोदाम में रोका जाएगा। वहां भी क्षमता खत्म होने के बाद पुलिस फिर अल्मोड़ा और यूएस नगर पुलिस को संपर्क कर लोकल में ट्रैफिक डायवर्जन करने को कहेगी। लोकल में वाहनों को घुमाया जाएगा नैनीताल जिले में वाहनों का दबाव बढ़ने पर पुलिस यूएस नगर और अल्मोड़ा में डायवर्जन प्लान लागू करेगी। यहां लोकल में वाहनों को घुमाकर रवाना किया जाएगा, ताकि उस समयावधि में नैनीताल में दबाव कम हो सके। लोकल के वाहनों को भी बाईपास मार्ग से भेजा जाएगा। इस पूरे सिस्टम की आईजी मॉनिटिरिंग करेंगी। दोनों जिलों से होकर आता है काफी ट्रैफिक नैनीताल में पहाड़ के चार जिलों और यूएस नगर से होकर काफी ट्रैफिक आता है। जिस कारण नैनीताल समेत हल्द्वानी में जाम के हालात पैदा हो जाते हैं। रोजाना यहां 15 हजार से अधिक वाहनों का आना जाना रहता है। इनमें चार पहिया और दो पहिया वाहन शामिल होते हैं। ज्यादातर वाहन बाहरी राज्यों के पर्यटकों के होते हैं। पर्यटकों की राह आसान करेंगे क्यूआर कोड आईजी ने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए नैनीताल रूट पर जगह-जगह क्यूआर कोड लगाए जाएंगे। इन्हें स्कैन करते ही पर्यटकों को नैनीताल की विभिन्न लोकेशन और रूट की जानकारी मिलेगी। पर्यटक अपने गंतव्य स्थान का चयन कर वहां की दूरी और रूट पता कर सकेंगे। नैनीताल में यातायात व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए पार्किंग स्थलों पर कैमरे लगाकर डिवाइस की मदद से अलर्ट सिस्टम तैयार किया जा रहा है। ताकि वाहनों की क्षमता पूरी होने पर पड़ोसी जिलों से वाहनों का प्रवाह रोका जा सके। इसकी तैयारी भी शुरू हो गई है। योजना सफल रहेगी इसकी पूरी उम्मीद है। रिद्धिम अग्रवाल, आईजी कुमाऊं

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