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पिथौरागढ़ में बारिश का कहर जारी, नदियां उफान पर

रविवार को मिली राहत के बाद सोमवार सुबह से ही जिले के कई हिस्सों में भारी बारिश शुरू हो गई। इसके कारण एक बार फिर से लोगों को डर के साए में जीवन व्यतीत करने को मजबूर होना पड़ रहा है। नदियों के उफान पर आने से आसपास के गांवों के परिवारों को विस्थापित करने की प्रक्रिया तेज हो गई है।

लगातार हो रही तेज बारिश से सीमांत में बहने वाली काली और गोरी नदी उफान पर आ गई हैं। नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। इसके कारण प्रशासन ने नदी के आसपास रह रहे करीब दस हजार ग्रामीणों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। प्रभारी डीएम ने सभी एसडीएम, तहसीलदार, राजस्वनिरीक्षक और पुलिस प्रशासन से 24 घंटे अलर्ट पर रहने के लिए कहा है। आपदा प्रबंधन की ओर से अलग-अलग क्षेत्रों में टीमों का गठन कर लिया गया है। नदी के आसपास रह रहे लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। लोगों का कहना है कि भारी बारिश के कारण उनकी उपजाऊ भूमि बर्बाद हो गई है। नदियों के कारण जगह-जगह भू-कटाव हो रहा है।

आपदा प्रभावितों के हाल जानकर रो पड़े विधायक धामी

मुनस्यारी। धारचूला विधायक हरीश धामी नदी पार कर आपदा प्रभावितों से मिलने पहुंचे। सोमवार को धामी ने बेरू महर, भैसकाल, सल्मोड़ा, टिमतिया, डोर, फूली आदि गांवों का भ्रमण कर ग्रामीणों का हाल जाना। प्रभावितों की दिक्कतों को सुनकर विधायक धामी रो पड़े। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से प्रभावितों के लिए कोई व्यवस्था धरातल पर नहीं उतर पाई है। शासन और प्रशासन बस हवाई वादे और दावे कर रहा है। गांवों को जोड़ने वाले पैदल रास्ते और पुल टूट चुके हैं। लोगों को जान हथेली पर रखकर आवाजाही करनी पड़ रही है।

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  • Web Title:Heavy rains continue in Pithoragarh, rivers water level rises