Haldwani News: गौला पुल की सुरक्षा का ढांचा दरका, वनभूलपुरा बाईपास पर खतरा
Haldwani News: हल्द्वानी में तीन दिनों से लगातार बारिश के कारण गौला नदी में तेज बहाव से पुल की सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो गया है। एनएचएआई ने पुल की सुरक्षा के लिए 50 करोड़ रुपये खर्च किए थे, लेकिन पीसीसी स्ट्रक्चर टूट गया है। बारिश के कारण कटाव और भूस्खलन की आशंका बनी हुई है।

Haldwani News: हल्द्वानी, मुख्य संवाददाता। पहाड़ों पर तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश से हल्द्वानी में मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। गौला नदी में आए तेज बहाव से वनभूलपुरा-चोरगलिया मार्ग पर बने गौला पुल की सुरक्षा के लिए बना सीमेंट कंक्रीट का ढांचा (पीसीसी स्ट्रक्चर) दरक गया है। पानी सीधा ढांचे से टकराने से वहां गहरा गड्ढा होने के साथ ब्लॉक नीचे धंस गए हैं। इससे पुल को भी खतरा पैदा हो गया है। वहीं वनभूलपुरा-चोरगलिया बाईपास मार्ग से भी दो जगह भूस्खलन हुआ है। दोनों स्थानों पर सड़क का करीब-करीब 40 मीटर हिस्सा गौला की ओर ढहने लगा है। अगर सुरक्षा के इंतजाम जल्दी नहीं किए और गौला फिर से उफान पर आई तो सड़क फिर से गौला में समाने की आशंका बनी रहेगी।
पुल की सुरक्षा को 50 करोड़ हुए थे खर्च
एनएचएआई ने पूर्व में गौलापुल की सुरक्षा के लिए 50 करोड़ रुपये खर्च किए थे। पुल की नींव की सुरक्षा, नदी को चैनलाइज करने और रिवर ड्रेजिंग के साथ ही नदी में तटबंध बना गए थे। 2025 में शुरू हुआ काम जनवरी 2026 तक चला था। लेकिन आठ बाद गौला का जलस्तर बढ़ने पर पीसीसी स्ट्रक्चर टूट गया है। ब्लॉक निकलकर नदी में समा गए हैं। गौला ने पुल की ओर कटाव शुरू कर दिया है। अगर जल्द सुरक्षा इंतजाम नहीं हुए तो पुल फिर से खतरे में पड़ जाएगा।
तटबंध बहे, तेजी से हो रहा कटाव
एनएचएआई ने पुल की सुरक्षा के लिए नदी में तटबंध बनाए थे, लेकिन मंगलवार को गौला के उफान पर आते ही तटबंध नदी में बह गए। नदी ने जमीन की ओर तेजी से कटाव शुरू कर दिया है। करीब 50 मीटर हिस्सा नदी में समा चुका है। कई पेड़ नदी में समाकर बह गए।
रेलवे और लोनिवि की सुरक्षा दीवार के बीच कटाव
हल्द्वानी। वर्ष 2024 में पहाड़ों पर भारी बारिश के बाद गौला में 75 हजार क्यूसेक पानी आ गया था। रेल की पटरी की ओर गौला ने लगातार कटाव किया था। शंटिंग लेन गौла में बह गई थी। इससे ट्रेनों का आवागमन भी प्रभावित हुआ था। इसके बाद रेलवे ने अपने हिस्से में कंक्रीट की एक मोटी दीवार बनाकर सुरक्षा के इंतजाम किए थे।
वहीं लोनिवि ने आपदा मदद से करीब 300 करोड़ रुपये खर्च कर 120 मीटर दीवार का निर्माण किया था। लेकिन रेलवे और लोनिवि की सुरक्षा दीवार के बीच वनभूलपुरा-चोरगलिया बाईपास मार्ग का कुछ हिस्सा बच गया था। इस बार नदी में उसी हिस्से से बाईपास की ओर से कटाव शुरू कर दिया है। लगातार नदी में सड़क से भूस्खलन हो रहा है। इसके अलावा नदी से सड़क की तरफ लोनिवि का करीब 100 मीटर हिस्सा बच गया था। वहां पर भी तेजी से कटाव हो रहा है। इससे बाईपास मार्ग फिर से खतरे में आ गया है। वनभूलपुरा-चोरगलिया बाईपास मार्ग से प्रतिदिन करीब 50 हजार वाहनों का आवागमन होता है।
गौला नदी का पुल पूरी तरह से सुरक्षित है। लगातार बारिश से सिर्फ पुल के मुख्य ढांचे की सुरक्षा के लिए बनाया गया पीसीसी स्ट्रक्चर क्षतिग्रस्त हुआ है। मौके पर टीम भेजकर निरीक्षण करा लिया गया है। ठेकेदार को अपने खर्च पर प्राथमिकता से सुरक्षा संबंधी कार्य पूरा कराने के निर्देश भी दे दिए गए हैं।
-अचल जिंदल, परियोजना प्रबंधक, एनएचएआई
लोनिवि की ओर से बनाई गई सुरक्षा दीवार पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। नदी में आई बाढ़ पर पूरी नजर रखी जा रही है। दीवार के आगे के 100 हिस्से से पानी का टकराव हो रहा है। निरीक्षण किया गया है, जल्द सुरक्षा के इंतजाम होंगे। दीवार बनाने को 200 करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
-प्रत्यूष कुमार, अधिशासी अभियंता लोनिवि


