Hindi NewsUttarakhand NewsHaldwani NewsHaldwani Waste to Charcoal Plant Green Belt Initiatives Planned Before Installation
ट्रेंचिंग ग्राउंड में ग्रीन बेल्ट बना कर लगेगा चारकोल प्लांट

ट्रेंचिंग ग्राउंड में ग्रीन बेल्ट बना कर लगेगा चारकोल प्लांट

संक्षेप:

हल्द्वानी में ट्रेंचिंग ग्राउंड में वेस्ट टू चारकोल प्लांट लगाने से पहले ग्रीन बेल्ट बनाई जाएगी। नगर निगम और एनटीपीसी के अधिकारियों ने इस संबंध में बैठक की। प्लांट की स्थापना के लिए प्रदूषण विभाग से अनुमति ली जाएगी, और प्लांट में प्रतिदिन 400 मीट्रिक टन कूड़े से चारकोल बनाया जाएगा।

Nov 25, 2025 12:10 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, हल्द्वानी
share Share
Follow Us on

हल्द्वानी। ट्रेंचिंग ग्राउंड में वेस्ट टू चारकोल प्लांट लगाने से पहले ग्रीन बेल्ट बनाई जाएगी। दो लेयर में पेड़ लगा कर प्लांट के चारों ओर हरियाली की जाएगी। इसके बाद प्रदूषण विभाग से अनुमति मिलने के बाद प्लांट लगाया जाएगा। सोमवार को इसके लिए नगर निगम और एनटीपीसी के अधिकारियों की बैठक हुई। शहर और ग्रामीण क्षेत्र से हर दिन निकलने वाला कूड़ा परेशानी का कारण बना हुआ है। लगातार जमा हो रहे कूड़े से गौलापार के ट्रेंचिंग ग्राउंड में कूड़े का पहाड खड़ा हो गया है जिससे यहां से गुजरने वाले लोगो को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वहीं ग्राउंड में आग लगने पर नजदीक क्षेत्र में लोगों के लिए रहना मुश्किल बना रहता है।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

इसके समाधान के लिए नगर निगम हल्द्वानी का नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनटीपीसी) के साथ अनुबंध हुआ है। एनटीपीसी कूड़े से चारकोल बनाने के लिए 10 एकड़ भूमि में प्लांट लगाने जा रही है। इसमें हर दिन चार सौ मीट्रिक टन कूड़े से चारकोल बनाया जाएगा। इसके लिए सोमवार को हुई अधिकारियों की बैठक के बाद संयुक्त टीम ने टेंचिंग ग्राउंड का निरीक्षण किया। इस मौके पर नगर आयुक्त परितोष वर्मा, एनटीपीसी राजीव भाटिया, हिमांशु फुलोरिया, सहायक अभियंता नवल नौटियाल, गणेश भट्ट मौजूद रहे। प्रदूषण विभाग से अनापत्ति के बाद लगेगा प्लांट एनटीपीसी के अधिकारियों ने बताया कि प्लांट लगाने से पहले चारों ओर दो लेयर में ग्रीन बेल्ट बनानी होगी। इसके बाद प्रदूषण विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने पर प्लांट लगाया जाएगा। निगम के अनुसार यहां मौजूद वन विभाग की खााली पड़ी भूमि पर पौध रोपण होगा। लगाए जाने वाले पेड़ों की प्रजाति की सूची वन विभाग निगम को देगा। बताया कि प्लांट की क्षमता ज्यादा होने से हल्द्वानी के साथ ही जिले के अन्य निकायों से भी कूड़ा यहां भेजा जाएगा। एसटीपी से पहुंचेगा प्लांट तक पानी वेस्ट टू चारकोल प्लांट में पानी की जरूरत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से की जाएगी। इसके लिए गौला रोखड़ में बने एसटीपी से प्लांट तक 1.10 करोड रूपये की लागत से लाइन बिछाई जाएगी। इसके लिए नगर निगम बोर्ड बैठक में मंजूरी मिल गई है।