हल्द्वानी में इस साल पानी-परिवहन से सड़क-स्वास्थ्य सुविधाओं में लगेंगे पंख

Jan 01, 2026 11:20 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, हल्द्वानी
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हल्द्वानी में 2026 में पानी, स्वास्थ्य और परिवहन सेवाओं में बड़े सुधार होंगे। बिना मोटर के तीसरी मंजिल तक 24 घंटे पानी मिलेगा, 900 बेड का मेडिकल कॉलेज तैयार होगा, और काठगोदाम से दिल्ली के लिए वंदे भारत ट्रेन चलने की उम्मीद है। इसके अलावा, खेल विश्वविद्यालय भी खुलने जा रहा है।

हल्द्वानी में इस साल पानी-परिवहन से सड़क-स्वास्थ्य सुविधाओं में लगेंगे पंख

हल्द्वानी में इस साल पानी-परिवहन से सड़क-स्वास्थ्य सुविधाओं में लगेंगे पंख - बिना मोटर तीसरी मंजिल तक 24 घंटे मिलेगा पानी, गड्ढामुक्त होंगी सड़कें - मेडिकल कॉलेज 900 बेड का, सुपरस्पेशलिटी सेवाओं की बढ़ेगी ताकत - नए साल में काठगोदाम से दिल्ली के बीच दौड़ सकती है वंदे भारत ट्रेन - उत्तराखंड के युवाओं को मिलेगा अपना खेल विश्वविद्यालय वेलकम- 2026 बृजेंद्र मेहता हल्द्वानी, मुख्य संवाददाता। हल्द्वानी के लिए वर्ष 2025 मजबूत नींव का साल रहा, जबकि 2026 से शहर को जमीन पर दिखने वाली कई बड़ी राहत मिलने जा रही है। बीते साल पेयजल, सीवेज, ड्रेनेज, स्वास्थ्य और खेल ढांचे से जुड़े कई अहम कार्य पूरे हुए या अंतिम चरण में पहुंचे।

जिम्मेदार अधिकारियों का दावा है कि नए साल में इन योजनाओं का सीधा असर आम जनता, मरीजों और युवाओं पर दिखेगा। शहरवासियों को जहां बिना मोटर तीसरी मंजिल तक पानी पहुंचेगा, सड़कें गड्ढामुक्त होंगी, वहीं बेहतर इलाज के साथ ही खेल के क्षेत्र में भी हल्द्वानी नई पहचान बनाएगा। 1- पानी-सीवेज-सड़क : शहर को मिलेगी नई रफ्तार यूयूएसडीए के परियोजना निदेशक कुलदीप सिंह के अनुसार अनुसार वर्ष 2025 में हल्द्वानी में 380 किमी नई पेयजल लाइन बिछाई जा चुकी है। वर्ष 2026 में शेष 320 किमी लाइन का काम पूरा होते ही शहर को 24 घंटे, सातों दिन पर्याप्त पानी मिलेगा। बेहतर दबाव के कारण बिना पंप के तीन मंजिला भवनों तक पानी पहुंचेगा। साथ ही शहर में 120 किमी सीवर लाइन बिछ चुकी है और अगले छह माह में 57 किमी अतिरिक्त लाइन डाली जाएगी। इसके साथ 13 नए ट्यूबवेल और 14 ओवरहेड व सामान्य जल टैंक का निर्माण भी 2026 में पूरा होगा। ड्रेनेज के मोर्चे पर 2025 में रकसिया नाले का आउटफॉल बन चुका है। 2026 में बिड़ला स्कूल से प्रेमपुर लोशज्ञानी और शनि बाजार नाले का पक्का चौड़ीकरण कर जलभराव की पुरानी समस्या से राहत मिलेगी। इसके साथ इस साल 400 किमी टूटी सड़कों और 15 चौराहों को गड्ढामुक्त कर चमकाया जाएगा। 2- स्वास्थ्य: 900 बेड को होगा मेडिकल कॉलेज राजकीय मेडिकल कॉलेज व सुशीला तिवारी अस्पताल के प्राचार्य डॉ. गोविंद सिंह तितियाल के अनुसार 2025 के दौरान 60 बेड का टीबी-चेस्ट अस्पताल और 90 नए बेड के अस्पताल लगभग पूरे हो चुके हैं। 2026 में कॉलेज की कुल क्षमता 900 बेड की हो जाएगी। कैंसर, ऑर्थोपेडिक और स्किन समेत 13 विभागों में नई पीजी सीटें जुड़ने से कुल पीजी सीटें 82 हो चुकी हैं। कैथ लैब स्थापित हो गई है और 2026 में कार्डियोलॉजी, यूरोलॉजी व न्यूरोलॉजी के सुपरस्पेशलिस्ट डॉक्टरों की तैनाती होगी। 3- खेलकूद : उत्तराखंड की पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी तैयार प्रभारी उप निदेशक कुमाऊं रशिका सिद्दिकी ने बताया कि खेल के क्षेत्र में 2025 में गौलापार स्टेडियम ने राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी की। 2026 में यहां उत्तराखंड की पहली खेल विश्वविद्यालय शुरू होने की उम्मीद है, जिससे युवाओं को बीपीएड, एनआईएस जैसे कोर्स अपने ही शहर में मिल सकेंगे। वर्ष 2025 में पहली दफा हल्द्वानी इंटरनेशनल स्टेडियम में 38वें नेशनल गेम्स, पहली फेंसिंग एशियन चैंपियनशिप और फेंसिंग अस्मिता खेला इंडिया का आयोजन किया गया। 4- परिवहन : हिल रोडवेज डिपो और हेली सेवा का विस्तार हल्द्वानी में सड़क, रेल और हवाई सेवाओं का भी वर्ष 2025 में तेजी से विस्तार हुआ है। बीते वर्ष जहां हल्द्वानी से कुमाऊंभर के लिए हेली सेवा शुरू हुई, वहीं रोडवेज को पर्यटन सीजन बीतने के बाद 10 टेंपो ट्रैवलर मिले। रोडवेज की आरएम पूजा जोशी ने बताया कि काठगोदाम में हिल डिपो निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। नए साल में लोगों को इसका लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। रेलवे की भी नए साल में वंदेभारत ट्रेन शुरू करने की तैयारी जोर-शोर से है। ये प्रस्तावित प्रोजेक्टों का भी रहेगा इंतजार हल्द्वानी रिंग रोड: जाम से स्थायी राहत की कुंजी आईएसबीटी: शहर के बीच से बस अड्डा हटाने की जरूरत रानीबाग-नैनीताल रोपवे और गौलापार चिड़ियाघर: पर्यटन को नई गति काठगोदाम-अमृतपुर बाइपास मार्ग परियोजना भवाली-कैंची बाइपास परियोजना काठगोदाम-नैनीताल राष्ट्रीय राजमार्ग डबल लेन रामनगर-काशीपुर राष्ट्रीय राजमार्ग फोर लेन नैनीताल में मेट्रोपोल सर्फेस पार्किंग हल्द्वानी की रिंग रोड आठ साल से अटकी अप्रैल 2017 में तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शहर के बाहर रिंग रोड बनाने की घोषणा की थी। तब इसकी प्रारंभिक लागत 600 करोड़ रुपये थी। रिंग रोड को भाखड़ा से कमलुवागांजा होते हुए बेलबाला मंदिर के पास रामपुर रोड हाईवे से जोड़ना था। इसके लिए लोनिवि ने पांच रूट तय किए जिनकी लंबाई 12 से 18 किलोमीटर तक थी। प्रस्तावित विकल्पों में से कुछ नेताओं को रास नहीं आए तो कुछ काश्तकारों को। रिंग रोड पर राजनीति होने लगी। अभी तक इसके लिए भूमि का चयन भी नहीं हुआ है और मामला फाइलों में ही उलझा हुआ है। रिंग रोड बनने से शहर को जाम से निजात मिलने की उम्मीद थी। रानीबाग-नैनीताल रोपवे : नैनीताल में वाहनों के बढ़ते भार कम करने के लिए वर्ष 2018 में पर्यटन विकास परिषद और कुमाऊं मंडल विकास निगम ने संयुक्त सर्वे के बाद रानीबाग से नैनीताल तक रोपवे निर्माण की योजना तैयार की। इसके लिए इस कार्य का अनुभव रखने वाली कंपनियों से आवेदन भी मांगे गए। लगभग 15 किलोमीटर लंबे इस रोपवे की लागत तब लगभग 500 करोड़ रुपये आंकी गई थी। रोपवे रूट के स्टेशनों में होटल, रिजॉर्ट, बहुमंजिली कार पार्किंग, रेस्टोरेंट, दुकानों समेत अन्य आधारभूत सुविधाएं जुटाई जानी थी। रानीबाग, डोलमार, ज्योलीकोट व हनुमानगढ़ी में इसके स्टेशन बनाए जाने थे। पिछले छह साल में इसके लिए कई बार विशेषज्ञों ने दौरा किया। हाईकोर्ट ने भी इस संबंध में जिला प्रशासन को आवश्यक दिशा निर्देश दिए लेकिन अभी तक यह योजना भी धरातल पर नहीं उतरी है। चिड़ियाघर: गौलापार में चिड़ियाघर की स्थापना को 2015 के आसपास सैद्धांतिक मंजूरी मिली थी। इसके लिए स्टेडियम के पास वन विभाग को 412 हेक्टेयर जमीन आवंटित की गई। परियोजना को केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण से सशर्त अनुमति भी मिल गई थी। यहां वन्यजीव अस्पताल, बाड़े और ब्रीडिंग सेंटर खोलने की योजना थी। वन विभाग को इसके लिए डीपीआर बनानी थी लेकिन अभी तक डीपीआर ही नहीं बनाई गई है। इसके चलते मामला अटका हुआ है। आईएसबीटी: वर्ष 2014 में गौलापार में अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (आईएसबीटी) को स्वीकृति मिली थी। 2016 में इसकी आधारशिला रखी गई लेकिन अगले ही साल वर्ष 2017 में निर्माण स्थल पर मानव कंकाल मिलने के बाद इस पर रोक लगा दी गई। बाद में भाजपा के सत्ता में आने पर सरकार ने आईएसबीटी को गौलापार से शिफ्ट कर ओपन यूनिवर्सिटी के समीप बनाने की योजना बनाई। इसके लिए भूमि भी देखी गई लेकिन आज तक आईएसबीटी का निर्माण नहीं हुआ है। इसके चलते आज भी बस अड्डा शहर के बीचों बीच है और यहां अलग अलग राज्यों की बसों के आवागमन के चलते जाम की स्थिति पैदा होते रहती है। ये बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट भरेंगे धार्मिक पर्यटन में उड़ान काठगोदाम-एचएमटी फैक्ट्री बाइपास भवाली-कैंची बाइपास काठगोदाम-नैनीताल राष्ट्रीय राजमार्ग डबल लेन रामनगर-काशीपुर राष्ट्रीय राजमार्ग फोर लेन नैनीताल में मेट्रोपोल सर्फेस पार्किंग (₹42.77 करोड़) ट्रैफिक जाम में कमी और पर्यटकों को बेहतर सुविधा

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