
जमीनों पर कब्जा, नगर निगम को निर्माण के लिए नहीं मिल रही जगह
संक्षेप: हल्द्वानी नगर निगम क्षेत्र में जमीनों पर कब्जा बढ़ रहा है। 2018 में ग्रामीण क्षेत्रों को निगम में शामिल करने के बाद से सरकारी जमीन का रिकॉर्ड नगर निगम के पास नहीं है। नालों के पास भूमि पर कब्जा होने से बारिश के दौरान खतरा बढ़ गया है। निगम में विकास कार्यों के लिए जगह की कमी बनी हुई है।
हल्द्वानी। हल्द्वानी नगर निगम क्षेत्र में लगातार जमीनों पर कब्जा करने के मामले सामने आ रहे हैं। वहीं 2018 में ग्रामीण क्षेत्र को निगम में शामिल कर बनाए गए नए वार्डों में अभी तक सरकारी जमीन का रिकॉर्ड तक नगर निगम के पास नहीं है। इससे यहां प्रस्तावित विकास कार्यों के लिए निगम के पास खाली जमीन का टोटा बना रहता है। ग्रामीण क्षेत्रों का शहरीकरण होने से हल्द्वानी की 36 ग्राम पंचायतों को निगम में शामिल कर 2018 में नए वार्ड बनाए गए। इसके साथ ही यहां मौजूद ग्राम और जिला पंचायत की परिसंपत्तियों पर नगर निगम का मालिकाना हक हो गया है।

वहीं बीते नौ वर्षों में नगर निगम इन पर कब्जा लेना तो दूर चिह्नीकरण तक नहीं कर सका है। इससे अतिक्रमणकारी सार्वजनिक उपयोग की जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं। इसकी शिकायत होने के बाद ही निगम की कार्रवाई होती नजर आती है। वहीं नगर निगम के पास जमीन की जानकारी नहीं होने से यहां विकास कार्य भी आगे नहीं बढ़ सके हैं। नए क्षेत्र के लिए बजट होने के बाद भी निगम अभी तक सार्वजनिक शौचालय के लिए भी जगह नहीं ढूंढ सका है। यहां फड़ और ठेले का कारोबार बढ़ने से वेंडिंग जोन बनाए जाने की जरूरत बनी हुई है। कारोबारियों को लाइसेंस दिए जाने के बावजूद जगह नहीं होने से वेंडिंग जोन नहीं बन सका है। ऐसे में सार्वजनिक उपयोग की जगहों पर कब्जे के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। पुराने वार्ड में भी नजूल भूमि का ब्यौरा नही नगर निगम के पुराने वार्डों में नगर निगम की अधिकांश नजूल भूमि पर कब्जा हो गया है। वहीं अभी भी खाली पड़ी भूमि का सटीक ब्यौरा नगर निगम के पास नहीं है। ऐसे में कहीं कब्जे की कोशिश की शिकायत मिलने पर नगर निगम अपना कब्जा लेने के लिए दौड़ लगाता रहता है। बरसात तक नालों की जांच सीमित हल्द्वानी में सबसे ज्यादा बरसाती नालों के नजदीक मौजूद जमीनों पर कब्जा हुआ है। इस कारण बारिश के दौरान नालों से लगातार खतरा बढ़ रहा है। वहीं इनकी जांच के लिए जिम्मेदार विभागों की कार्रवाई मानसून के मौसम में ही होती है। सालभर नालों को लावारिस छोडने से नाले लगातार संकरे हो रहे है। कोट - नगर निगम की परिसंपत्तियों को सूचीबद्व करने की कार्रवाई जारी है। इसके लिए विशेष अधिकारी को नियुक्त किया गया है। दो माह में निगम के पास सारी जानकारी मौजूद रहेगी। गजराज सिंह बिष्ट, मेयर नगर निगम हल्द्वानी

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