बोले हल्द्वानी: मंगलपड़ाव में सफाई की अनदेखी, शौचालय तक की सुविधा भी नहीं
संक्षेप: बोले हल्द्वानी: कॉमन इंट्रो::: विश्व शौचालय दिवस के अवसर पर हल्द्वानी के सबसे
दीक्षा बिष्ट लमगड़िया, हल्द्वानी। विश्व शौचालय दिवस के अवसर पर हल्द्वानी के सबसे पुराने और व्यस्त बाजार मंगलपड़ाव में सार्वजनिक शौचालय नहीं होने की चर्चा हो रही है। इस वजह से व्यापारियों और ग्राहकों को बीते एक साल से भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बता दें कि नगर निगम ने सड़क चौड़ीकरण परियोजना के दौरान आंबेडकर पार्क के पास सालों पहले बने सार्वजनिक शौचालय को तोड़ दिया गया था। व्यापारियों का आरोप है कि नगर निगम ने सार्वजनिक शौचालय को तोड़ने से पहले कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की। जबकि मंगलपड़ाव बाजार में रोजाना सैकड़ों लोगों का आवागमन होता है।

शौचालय नहीं होने के कारण व्यापारियों को अपनी दुकानें बंद कर दूर जाना पड़ता है। वहीं ग्राहकों को भी मजबूरी में इधर-उधर भटकना पड़ता है। ‘हिन्दुस्तान’ की बोले हल्द्वानी की टीम ने जब व्यापारियों से संवाद किया तो उन्होंने खुलकर अपनी समस्याएं रखीं और उनके समाधान के लिए सुझाव भी दिए। शहर के मुख्य बाजार मंगलपड़ाव के व्यापारियों ने सार्वजनिक सुविधाओं की कमी और अव्यवस्थाओं को लेकर नगर निगम से तुरंत कार्रवाई की मांग की है। व्यापारियों ने सबसे गंभीर समस्या शौचालय की अनुपलब्धता को बताया है। उन्होंने कहा कि कालाढूंगी चौराहे के बाद से तीनपानी बाईपास रोड तक एक भी सार्वजनिक शौचालय नहीं है। महिलाओं को दो किलोमीटर दूर ओके होटल और पुरुषों को कालाढूंगी चौराहे तक जाना पड़ता है। सड़क चौड़ीकरण के दौरान मंगल पड़ाव स्थित शौचालय को बिना विकल्प दिए तोड़ दिया गया था। जबकि शौचालय तक सड़क चौड़ी हुई भी नहीं है। इसके अलावा, निकासी नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से व्यापारियों के स्वास्थ्य पर खतरा बना रहता है। मंगल पड़ाव सब्जी मंडी की नालियों में गंदा पानी, सब्जी के अवशेष और कूड़ा जमा रहता है। सफाई कर्मचारी तीन-चार दिन के अंतराल पर आते हैं, इससे पूरे क्षेत्र में बदबू फैली रहती है। ऐसे में व्यापारियों ने क्षेत्र में एक शौचालय बनाने की मांग की है। इसके साथ ही व्यापारियों ने बताया कि बिजली के पोल पर लगे मीटर बॉक्स से बरसात में करंट फैलने का खतरा बना रहता है। व्यापारियों ने मीटरों को दुकानों के अंदर सुरक्षित जगह शिफ्ट करने की मांग की है। कालाढूंगी चौराहे से तीनपानी बाईपास तक एक भी शौचालय नहीं व्यापारियों का कहना है कि आस-पास कोई सार्वजनिक शौचालय नहीं होने के कारण महिलाओं को दो किलोमीटर दूर ओके होटल के पास और पुरुषों को कालाढूंगी चौराहे पर बने सार्वजनिक शौचालय तक जाना पड़ता है। हाल ये है कि कालाढूंगी चौराहे के बाद तीनपानी बाईपास रोड तक एक भी शौचालय नहीं है। व्यापारियों ने अपनी मजबूरी बताते हुए कहा कि आपात स्थिति में उन्हें या तो दुकान बंद करके जाना पड़ता है, जिससे व्यापार का नुकसान होता है। या फिर उन्हें किसी पड़ोसी दुकानदार से मदद लेनी पड़ती है कि वह उनकी अनुपस्थिति में दुकान का ध्यान रखे। यह स्थिति ग्राहकों और व्यापारियों दोनों के लिए बेहद असुविधाजनक है। व्यापारियों ने मांग की है कि क्षेत्र में दोबारा सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया जाए। उनका कहना है कि शौचालय की सुविधा होने पर व्यापारियों के साथ-साथ बाजार में आने वाले ग्राहकों और राहगीरों को भी बड़ी राहत मिलेगी। निकासी नालियों की नियमित की जाए सफाई व्यापारियों ने मंगलपड़ाव सब्जी मंडी में बनी निकासी नालियों (ड्रेनेज) की अनियमित सफाई को लेकर गंभीर शिकायत की है। उनका कहना है कि नालियों में जमा गंदगी और बदबू के कारण व्यापार और स्वास्थ्य दोनों प्रभावित हो रहे हैं। सफाई कर्मचारी तीन या चार दिनों के अंतराल पर ही क्षेत्र की सफाई के लिए आते हैं। सब्जी मंडी क्षेत्र होने के कारण इन निकासी नालियों में गंदा पानी, सब्जियों के अवशेष और अन्य कूड़ा तेजी से जमा हो जाता है, जिससे जल्द ही ये नालियां भर जाती हैं। गंदगी जमा होने के कारण क्षेत्र में बदबू फैलती रहती है, जिससे ग्राहकों और व्यापारियों दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बरसात में करंट फैलने का रहता है खतरा व्यापारियों ने बिजली के पोल पर लगे मीटर बॉक्स से बरसात के मौसम में करंट फैलने के गंभीर खतरे को लेकर चिंता व्यक्त की है और ऊर्जा निगम से तुरंत कार्रवाई की मांग की है। व्यापारियों ने बताया कि पोल पर लगा मीटर बॉक्स असुरक्षित है। बरसात के दौरान जब सड़कों पर पानी भर जाता है, तो यह पानी सीधे मीटर बॉक्स के अंदर घुस जाता है। इस कारण पूरे इलाके में बिजली का करंट फैलने का डर हमेशा बना रहता है, जिससे जान-माल का खतरा उत्पन्न हो सकता है। व्यापारियों ने ऊर्जा निगम से मांग की है कि इस पोल पर लगे इन सभी मीटरों को हटाकर संबंधित उपभोक्ताओं की दुकानों के अंदर सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाए। पार्किंग की नहीं है उचित व्यवस्था मंगलपड़ाव स्थित आंबेडकर पार्क के पास पार्किंग की उचित व्यवस्था नहीं होना व्यापारियों और ग्राहकों दोनों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। लोगों की शिकायत है कि जब वे खरीदारी के लिए आते हैं, तो पार्किंग की कोई जगह नहीं मिलती। मजबूरन, ग्राहकों को अपनी गाड़ियां सड़क के किनारे ही खड़ी करनी पड़ती हैं। सड़क पर गाड़ियों के अव्यवस्थित खड़े होने के कारण बाजार में अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। इससे पैदल चलने वाले लोगों, ठेले वालों और अन्य वाहनों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित होता है। व्यापारियों और ग्राहकों ने नगर निगम से मांग की है कि इस अति व्यस्त बाजार को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए मंगल पड़ाव बाजार के आसपास जल्द से जल्द पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। प्याऊ की व्यवस्था की जाए व्यापारियों ने बताया कि मंगल पड़ाव बाजार में रोज़ाना सैकड़ों लोग आते-जाते हैं। विशेष रूप से गर्मी के मौसम में, जब लोगों को बार-बार प्यास लगती है, तो उन्हें पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है या दुकानदारों से मांगना पड़ता है। सार्वजनिक प्याऊ नहीं होने के कारण ग्राहकों और व्यापारियों को पानी के लिए निजी स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे असुविधा होती है। व्यापारी समुदाय ने अपील की है कि सार्वजनिक सुविधा को ध्यान में रखते हुए आंबेडकर पार्क के पास या मंगल पड़ाव बाजार में प्याऊ की व्यवस्था की जाए, ताकि आम जनता की प्यास बुझाई जा सके। पांच शिकायतें सड़क चौड़ीकरण के दौरान तोड़ा गया शौचालय निकासी नालियों की नहीं होती नियमित साफ-सफाई मंगलपड़ाव मंडी में अव्यवस्थित लगे फल-सब्जी के ठेलों से होती है परेशानी पार्किंग की नहीं है कोई व्यवस्था मीटर बॉक्स से बरसात के समय करंट फैलने का रहता है डर पांच सुझाव क्षेत्र में शौचालय की व्यवस्था की जाए निकासी नालियों की नियमित साफ-सफाई की जाए सब्जी मंडी में लगे अव्यवस्थित ठेलों को व्यवस्थित किया जाए पार्किंग की भी व्यवस्था की जाए मीटर बॉक्स में लगे मीटर को दुकानों में शिफ्ट किया जाए बोले व्यापारी::: एक साल हो गया, नगर निगम ने शौचालय तोड़ दिया, पर विकल्प नहीं दिया। मंगल पड़ाव में सैकड़ों लोगों को शौचालय के लिए दूर जाना पड़ता है। क्या ये मूलभूत सुविधा भी हमें नहीं मिल सकती। अरुण भुटियानी कालाढूंगी से तीनपानी बाईपास तक एक भी शौचालय नहीं है। ग्राहकों को भी मजबूरी में वापस जाना पड़ता है। नगर निगम तुरंत क्षेत्र में एक नया सार्वजनिक शौचालय बनवाए। घनश्याम वर्मा आपात स्थिति में पड़ोसी दुकानदार से मदद लेनी पड़ती है कि भाई, मेरी दुकान देखना जब तक मैं आऊं। यह स्थिति बहुत शर्मनाक और असुविधाजनक है। हमें तुरंत शौचालय की व्यवस्था चाहिए। मन्नू पाल सड़क चौड़ीकरण का बहाना बना दिया गया, लेकिन शौचालय तक सड़क चौड़ी नहीं हुई। निगम ने बिना सोचे-समझे यह महत्वपूर्ण सुविधा खत्म कर दी। हम शौचालय के पुनर्निर्माण की मांग करते हैं। हसन खान शौचालय की सुविधा होने पर राहगीरों और ग्राहकों को बड़ी राहत मिलती थी लेकिन अब सब परेशान होते हैं। यह केवल व्यापारियों की नहीं, बल्कि पूरे बाजार की जरूरत है। कुनाल सफाई कर्मचारी तीन-चार दिन में आते हैं, जबकि सब्जी मंडी की गंदगी रोज जमा होती है। नालियों में कूड़ा भरा रहता है, जिससे पूरे क्षेत्र में बदबू फैलती रहती है। रोज निकासी नालियों की सफाई चाहिए। रानू रावत निकासी नालियों में गंदा पानी और सब्जियों के अवशेष जमा होने से स्थिति बद से बदतर हो जाती है। हमारा सुझाव है कि सफाईकर्मियों की ड्यूटी रोजाना लगे और नालियों की नियमित जांच हो। प्रयागदत्त जोशी गंदगी के कारण मक्खियां और मच्छर पनपते हैं। यह सिर्फ बदबू की समस्या नहीं, यह हमारे स्वास्थ्य पर सीधा खतरा है। अगर निकासी नालियों की रोज सफाई की जाए, तो बहुत बड़ी राहत मिलेगी। सुनील कुमार शर्मा पहले शौचालय था तो ग्राहक भी आराम से आते थे। अब हम ग्राहकों को भी जवाब नहीं दे पाते। शौचालय नहीं होने से ग्राहकों की संख्या पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है। बालकृष्ण सब्जी मंडी की नालियों में गंदगी का अंबार रहता है। हमारा सुझाव है कि निकासी नालियों की साफ सफाई रोजाना सुनिश्चित की जाए, ताकि गंदगी और बदबू खत्म हो। इससे व्यापारी व ग्राहक दोनों को आराम रहेगा। बबलू जायसवाल मंगल पड़ाव मंडी में कुछ जगह फल-सब्जी के ठेले अव्यवस्थित लगे होते हैं जिससे ग्राहकों को चलने की जगह नहीं मिलती। ठेले व्यवस्थित किए जाने चाहिए। जिससे ग्राहकों को दिक्कत नहीं हो। शिवप्रसाद साहू बिजली के पोल पर लगे मीटर बॉक्स से बरसात में करंट फैलने का गंभीर खतरा बना रहता है। जब पानी भरता है, तो जान-माल का खतरा होता है। मीटरों को दुकानों के अंदर सुरक्षित शिफ्ट किया जाए। विरेंद्र साहू मेरे पैर में तकलीफ है ठीक से चल नहीं पाता हूं। पहले यहां पास में शौचालय था तब ठीक था अब दूर शौचालय के लिए जाना पड़ता है। इतनी दूर जाने में काफी दिक्कत होती है। राकेश शौचालय नहीं होने के कारण महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। हमें ओके होटल के पास सार्वजनिक शौचालय में जाना पड़ता है। कई बार तो शौचालय जाना पड़ेगा यह सोचकर पानी भी नहीं पीते हैं। गुड्डी बोले जिम्मेदार मामला संज्ञान में आया है। मंगल पड़ाव आंबेडकर पार्क के पास बाजार में लगे मीटर बॉक्स को दुकानों में शिफ्ट किया जाएगा। जिससे सभी सुरक्षित रहें। प्रदीप कुमार, अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड नगर मंगल पड़ाव में शौचालय बनाने के लिए भूमि की तलाश की जा रही है जैसे ही उपयुक्त भूमि मिलेगी शौचालय बनवाया जाएगा। पारितोष वर्मा, नगर आयुक्त

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