क्षमता से ज्यादा रेता-बजरी लाने वाले वाहनों की निकासी होगी बंद

Jan 18, 2026 11:49 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, हल्द्वानी
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हल्द्वानी में गौला नदी से निर्धारित क्षमता से अधिक रेता-बजरी ले जाने वाले खनन वाहनों पर वन विकास निगम ने शिकंजा कसने का निर्णय लिया है। निगम ने ओवरवेट वाहनों की एक दिन की निकासी बंद करने का फैसला किया है। इससे शहर में जाम की समस्या में कमी आने की उम्मीद है।

क्षमता से ज्यादा रेता-बजरी लाने वाले वाहनों की निकासी होगी बंद

हल्द्वानी। गौला नदी से निर्धारित क्षमता से अधिक रेता-बजरी लादकर निकलने वाले खनन वाहनों पर वन विकास निगम अब शिकंजा कसने जा रहा है। फिलहाल वन विकास निगम ने मंगलवार से ओवरवेट वाहनों की एक दिन की निकासी बंद करने का फैसला किया है। यह कार्रवाई आपके अपने 'हिन्दुस्तान' अखबार में प्रकाशित खबर 'खनन गेट पर फंसे वाहन, छूटे तो शहर में लग गया लंबा जाम' के बाद तेज हुई। इसमें खनन वाहनों के कारण शहर में पैदा हो रही समस्या को उजागर किया गया था। गौला नदी से क्षमता से ज्यादा रेता-बजरी लाने वाले वाहनों के कारण खनन गेट पर लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है।

जिससे गौला में खनन के लिए गये वाहन वहीं फंस जाते हैं। खनन गेटों से निकले वाहनों से शुक्रवार को राजपुरा रेलवे क्रॉसिंग पर भीषण जाम लग गया था, जिससे उसके आसपास की सड़कों, मुख्य मार्गों पर भी जाम लगने लगा। जाम को नियंत्रित करने में पुलिस के भी पसीने छूट गए। एक तरफ जहां जाम में फंसने से कारोबारियों को भारी नुकसान हो रहा है। इससे शहर में यातायात भी प्रभावित हो रहा है। अब वन निगम मंगलवार से गेट पर चेकिंग शुरू करेगा। वन निगम अधिकारियों के मुताबिक निर्धारित क्षमता से अधिक मात्रा में उपखनिज लेकर आने वाले वाहनों को ओवरवेट के साथ गेट से निकासी तो दे दी जाएगी, ताकि गेट पर जाम न लगे, लेकिन साथ ही ऐसे वाहनों की एक दिन की निकासी भी बंद कर दी जाएगी। गौला खनन गेट पर जाम की वजह गौला में खनन करने वाले वाहनों की भार क्षमता पहले से निर्धारित होती है, जो उनकी आरसी (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) में स्पष्ट लिखी होती है। लेकिन अधिकांश वाहन इस क्षमता से कहीं अधिक रेता-बजरी भरकर ला रहे हैं। खनन गेट पर लगे वजन कांटों (वेट ब्रिज) पर जांच के दौरान ओवरलोड पाए जाने वाले वाहनों से अतिरिक्त रेता-बजरी उतार ली जाती है। इससे गेट के आसपास रेता-बजरी के बड़े-बड़े ढेर लग जाते हैं और वाहनों का जमावड़ा भी हो जाता है। परिणामस्वरूप, गौला नदी क्षेत्र के अंदर ही कई वाहन फंस जाते हैं। जल्दबाजी में ये ओवरलोड ट्रक शहर की सड़कों पर जाम लगाते हैं, जिससे यातायात व्यवस्था अस्त-व्यस्त हो जाती है। निर्धारित क्षमता से अधिक उपखनिज ला रहे वाहनों के चलते खनन गेटों पर जाम लग रहा है। अब ऐसे वाहनों की एक दिन की निकासी बंद करने के निर्देश मुख्यालय ने जारी किए है। मंगलवार से मुख्यालय के निर्देश को लागू कराया जाएगा। धीरेश बिष्ट, डीएलएम, वन निगम

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