ऑक्शन में खरीदे खिलाड़ियों को नहीं मिला था बेस प्राइस
हल्द्वानी में गौलापार अंतराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में टी-20 लीग के नाम पर विकास ढाका ने लाखों का फर्जीवाड़ा किया। उसने खिलाड़ियों को ऑक्शन में खरीदा लेकिन उन्हें पैसे नहीं दिए। ठगी का शिकार कई टीम मालिक भी हुए हैं। मामले की जांच चल रही है। यह पहला मामला नहीं है, कश्मीर में भी ऐसा फर्जीवाड़ा हो चुका है।

हल्द्वानी। गौलापार अंतराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में टी-20 लीग कराने के नाम पर लाखों का फर्जीवाड़ा करने वाले विकास ढाका ने सिर्फ नेताओं, टीम मालिकों के ही पैसे नहीं मारे थे बल्कि जिन खिलाड़ियों को ऑक्शन में खरीदा था उनके पैसे तक नहीं दिए थे। बताया जा रहा है कि खिलाड़ी फीस को लेकर विकास से तकादा कर रहे थे लेकिन वह टालमटोली कर रहा था। नोएडा निवासी विकास ढाका ने एक जाल बुनकर क्रिकेट लीग का प्रपंच रचा। जिसके नाम पर पूर्व विधायक नारायण पाल से नौ लाख, हरियाणा के झज्जर निवासी टीम मालिक हेमंत शर्मा से 23 लाख की ठगी कर ली।
उन्हें नामी क्रिकेटरों के नाम पर ठगी की गई। अब जांच में पता लगा है कि जिन खिलाड़ियों को यूपी, दिल्ली के शहरों में ऑक्शन कराकर खरीदा था, उन्हें बीस-बीस हजार रुपये बेस प्राइस तक नहीं दिए। खिलाड़ियों को इस दौरान शक हो गया था। 90 से अधिक खिलाड़ियों को ऑक्शन में खरीदा गया था। कश्मीर में हो चुका हल्द्वानी जैसा फर्जीवाड़ा हल्द्वानी के गौलापार में क्रिकेट के नाम पर फर्जीवाड़ा पहला मामला नहीं है। कश्मीर में भी 2025 में ऐसा मामला हो चुका है। जब लीग का फर्जी आयोजन करके नामी क्रिकेटरों को ठगा गया था। जिसमें क्रिस गेल, शाकिब अल हसन, जेसी राइडर, प्रवीण कुमार और मार्टिन गुप्टिल शामिल थे। लीग शुरू होने से पहले आयोजक भाग गए। जिस कारण होटल में ये क्रिकेटर फंस गए थे। जिन्हें भुगतान करने के बाद छोड़ा था। दोस्त की मौत कभी बेंगलुरु कभी सिडनी में बताई एसपी सिटी मनोज कत्याल ने बताया कि विकास ने लीग शुरू होने के दिन बड़ा ड्रामा रचा। पहले उसने कहा कि दोस्त की मौत बेंगलुरु में हुई है। जब पुलिस ने पूछताछ की तो बताया कि दोस्त सिडनी में मरा है जो पहले बेंगलुरु रहता था। विकास ने पूरा ठगी का प्रपंच रचा। इसके अलावा उसने लीग की कोई जानकारी पहले प्रशासन को नहीं दी, यहां तक कि अनुमति भी नहीं ली। सुरक्षा के लिए एसएसपी को एक पत्र दिया। लेकिन पुलिस ने सुरक्षा उपलब्ध कराने में असमर्थता जताई। पुलिस ने आयोजकों को कहा कि वह अपने निजी सुरक्षा करा लें क्योंकि 4 और 5 को वीआईपी मूवमेंट था। पुलिस ने आयोजकों को 120 सुरक्षाकर्मी, 30 पार्किग कर्मी, 30 मेटल डिटेक्टर सुरक्षा कर्मी तैनात करने को कहा था। मामले की विवेचक जांच में जुट गए हैं। अब आयोजक विकास के साथियों का डेटा भी खंगाला जा रहा है। गौलापार में क्रिकेट को लग गया है ग्रहण गौलापार अंतराष्ट्रीय स्टेडियम क्रिकेट के लिहाज से बनाया गया था। 2016 में यह बनकर तैयार हुआ। जिसमें 25 हजार दर्शकों की क्षमता है। लेकिन दस साल बीतने के बाद भी एक गेंद यहां नहीं फेंकी जा सकी। बार-बार कोई न कोई अड़चन यहां क्रिकेट शुरू करने से पहले होती आई है। जबकि अन्य गेम यहां हमेशा से होते रहे हैं। नेशनल गेम्स तक यहां आयोजित हुए।
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