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फिलहाल अंग्रेजी में ही होगी एमबीबीएस की पढ़ाई

-मेडिकल विभाग तैयार, लेकिन फिलहाल अंग्रेजी में ही हो रही पढ़ाई -मिक्स भाषा में...

फिलहाल अंग्रेजी में ही होगी एमबीबीएस की पढ़ाई
हिन्दुस्तान टीम,हल्द्वानीTue, 14 May 2024 07:30 PM
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हल्द्वानी, कार्यालय संवाददाता। प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में अभी हिन्दी में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू नहीं होगी। दरअसल, कॉलेजों में पढ़ रहे छात्र अंग्रेजी में पढ़ाई को ही तवज्जो दे रहे हैं। एचएनबी उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विवि के कुलपति डॉ. एलएम भट्ट ने मंगलवार को स्वामी राम कैंसर इंस्टीट्यूट के निरीक्षण के दौरान ये बात कही।
डॉ. एलएम भट्ट ने मंगलवार को सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय, नर्सिंग कॉलेज व स्वामी राम कैंसर चिकित्सालय का निरीक्षण किया। उन्होंने कैंसर वार्ड का निरीक्षण कर मरीजों के इलाज की जानकारी ली। राजकीय मेडिकल कॉलेज में विभागाध्यक्ष के साथ बैठक की। नर्सिंग कॉलेज के निरीक्षण के दौरान छात्रों के कक्षों, संकाय सदस्यों और कोर्स की जानकारी ली। डॉ. भट्ट ने मेडिकल की पढ़ाई हिंदी में कराने के सवाल पर कहा कि मध्य प्रदेश में हिन्दी में पढ़ाई पर काम शुरू हुआ था, लेकिन कोरोना के बाद इस पर काम आगे नहीं बढ़ सका। मध्य प्रदेश के बाद उत्तराखंड में एमबीबीएस की पढ़ाई हिन्दी में कराने की योजना थी। मेडिकल कॉलेजों में पढ़ रहे छात्रों को विकल्प दिया गया, लेकिन छात्र-छात्राएं इस पर सहमत नहीं हैं। हम हिन्दी में पढ़ाने के लिए तैयार हैं। जरूरत के मुताबिक हिन्दी और अंग्रेजी में पढ़ाने की भी तैयारी है। निरीक्षण के दौरान राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जीएस तितियाल, राज्य कैंसर संस्थान के निदेशक डॉ. केसी पांडे, डॉ. जलज गौड़, सहायक अभियंता सिविल पंकज बोरा आदि मौजूद थे।

कैंसर इंस्टीट्यूट में आएंगी 100 करोड़ की मशीनें

डॉ. एलएम भट्ट ने बताया कि कैंसर इंस्टीट्यूट की मशीनें खरीदने के लिए करीब सौ करोड़ रुपये केंद्र सरकार से मिले हैं। ये मशीनें लीनियर एक्सीलेटर 20 से 40 करोड़ की आती हैं। जांच मशीनें सीटी स्कैन, एमआरआई आदि मशीनें भी 10 से 20 करोड़ की हैं। सबसे अधिक आवश्यकता है हाई एनर्जी लीनियर एक्सीलेटर की। इसे हाईटेक लीनियर एक्सीलेटर कहा जाता है। इसे खरीदने के लिए टेंडर प्रक्रिया हो चुकी है, जल्द मशीन खरीदने की काम पूरा हो जाएगा। कहा कि स्वामी राम कैंसर संस्थान हो रीजनल कैंसर सेंटर बनाने का काम चल रहा है।

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