
ईपीएफओ से एचएमटी की जमीन छुड़ाने हल्द्वानी पहुंचे बेंगलुरू के वित्त अफसर
ईपीएफओ से एचएमटी की जमीन छुड़ाने हल्द्वानी पहुंचे बेंगलुरू के वित्त अफसर - 5.75
ईपीएफओ से एचएमटी की जमीन छुड़ाने हल्द्वानी पहुंचे बेंगलुरू के वित्त अफसर - 5.75 हेक्टेयर भूमि अटैच, पीएफ भुगतान के लिए तेज हुई कार्रवाई - 800 कर्मचारियों को 20 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद जगी हल्द्वानी, मुख्य संवाददाता। रानीबाग स्थित एचएमटी फैक्ट्री के करीब 800 पूर्व व वर्तमान कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की उम्मीद बनी है। वर्षों से लंबित भविष्य निधि (पीएफ) भुगतान के मामले में ईपीएफओ के जमीन अटैच किए जाने के बाद एचएमटी प्रबंधन हरकत में आ गया है। इसी क्रम में सोमवार को बेंगलुरू और चंडीगढ़ से एचएमटी के वरिष्ठ अधिकारी हल्द्वानी पहुंचे और संबंधित अधिकारियों से वार्ता की।
रानीबाग स्थित एचएमटी फैक्ट्री की 5.75 हेक्टेयर भूमि को ईपीएफओ द्वारा अटैच किए जाने के बाद कंपनी और सरकारी तंत्र में हलचल तेज हो गई है। सोमवार को एचएमटी बेंगलुरू मुख्यालय से एजीएम (फाइनेंस) अमरनाथ रेड्डी के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम हल्द्वानी पहुंची। टीम ने ईपीएफओ कमिश्नर-(द्वितीय) आकाश वर्मा और जिला उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक पल्लवी शर्मा से मुलाकात कर आवश्यक दस्तावेज और बकाया पीएफ से जुड़े आंकड़े जुटाए। इस पूरे घटनाक्रम से कंपनी के सैकड़ों कर्मचारियों में उम्मीद जगी है कि लंबे समय से अटकी उनकी मेहनत की कमाई अब उन्हें मिल सकेगी। --------------------------- 800 कर्मचारियों का हित प्राथमिकता : ईपीएफओ ईपीएफओ कमिश्नर (द्वितीय) आकाश वर्मा ने बताया कि एचएमटी रानीबाग इकाई के करीब 800 कर्मचारियों का लगभग 20 करोड़ रुपये पीएफ और ब्याज बकाया है। इस संबंध में पहले भी कंपनी को ई-मेल के माध्यम से जानकारी दी जा चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों के हित सर्वोपरि हैं और नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। ------------------------ कंपनी ने जल्द समाधान का दिया भरोसा : जीमए जिला उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक पल्लवी शर्मा ने बताया कि सोमवार शाम एचएमटी के अधिकारी उनके कार्यालय भी पहुंचे। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि प्रकरण का शीघ्र समाधान निकालने के लिए कंपनी स्तर पर ठोस पहल की जाएगी। भूमि अटैच होने के कारण जिला उद्योग विभाग जमीन की रजिस्ट्री प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ा पा रहा है, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया है। क्यों अटैच हुई एचएमटी की जमीन ईपीएफओ के क्षेत्रीय आयुक्त (द्वितीय) आकाश वर्मा के अनुसार, एचएमटी रानीबाग ने मार्च 1986 से अक्टूबर 2012 तक कर्मचारियों का पीएफ अंशदान जमा नहीं किया। करीब 11 करोड़ रुपये की मूल राशि बकाया रहने पर 31 जुलाई 2025 को ईपीएफओ ने अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी करते हुए फैक्ट्री की 5.75 हेक्टेयर भूमि अटैच कर दी थी।

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