
राज्य के गठन से लेकर विकास में मातृशक्ति का बड़ा योगदान: रेखा आर्य
संक्षेप: उत्तराखंड में 'मातृ शक्ति उत्सव' का आयोजन किया गया, जिसमें महिला सशक्तिकरण मंत्री रेखा आर्या ने महिलाओं की भूमिका की सराहना की। कार्यक्रम में महिलाओं की उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया और उन्हें सम्मानित किया गया। रैंप वॉक और नृत्य नाटिका के माध्यम से उत्तराखंड की संस्कृति और महिलाओं की प्रगति को दर्शाया गया।
हल्द्वानी, वरिष्ठ संवाददाता। मुख्य अतिथि महिला सशक्तिकरण और बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि उत्तराखंड के विकास का आधार मातृशक्ति है। राज्य निर्माण से लेकर आज की प्रगति में महिलाओं की भूमिका निर्णायक रही है। वह राज्य स्थापना की रजत जयंती के उपलक्ष्य में गौलापार अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में शनिवार को महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की ओर से 'मातृ शक्ति उत्सव' को संबोधित कर रही थीं। कार्यक्रम में उत्तराखंड आंदोलन से लेकर वर्तमान विकास यात्रा तक महिलाओं के संघर्ष, उपलब्धियों और योगदान को सजीव प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। रेखा आर्या ने कहा कि हमारा अगला लक्ष्य 2047 तक विकसित भारत निर्माण में पूर्ण समर्पण से योगदान देना है।

उत्तराखंड की महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा से राज्य का मान बढ़ा रही हैं। उन्होंने मातृशक्ति से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में अपने-अपने क्षेत्र में विशेष कार्य करने पर करीब दस से ज्यादा महिलाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित मीता उपाध्याय ने किया। रैंप वॉक में उत्तराखंड संस्कृति और महिला विकास यात्रा का संगम दिखा कार्यक्रम में उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति के साथ महिलाओं की प्रगति गाथा का सुंदर समागम देखने को मिला। प्रतिभागियों ने न केवल परंपरागत खेती-किसानी करने वाली ग्रामीण महिलाओं की भूमिका को जीवंत किया, बल्कि इंजीनियर, डॉक्टर, एयर होस्टेस और खिलाड़ी के रूप में भी रैंप पर आत्मविश्वास के साथ कदमताल किया। दर्शकों ने इस अनूठी प्रस्तुति की खूब वाहवाही की। परिचर्चा में विशेषज्ञ महिलाओं ने उत्तराखंड की नारी प्रगति पर किया मंथन इस दौरान हुई परिचर्चा में स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक कार्य, न्यायपालिका और सोशल मीडिया जैसे विविध क्षेत्रों की अनुभवी महिला विशेषज्ञों पूर्व महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. शैलजा भट्ट, अधिवक्ता हाइकोर्ट ललित मिगलानी, पंतनगर विश्वविद्यालय की पूर्व डीन डॉ. रीता रघुवंशी, एपीडी चंद्रा फर्त्याल, तकनीकी विशेषज्ञ डॉ. बीना फुलारा, संस्कृतिकर्मी डॉ. दीपा जोशी ने खुले मंच पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने उत्तराखंड में महिलाओं की विकास यात्रा की समीक्षा की और भविष्य की चुनौतियों पर चिंतन किया। नृत्य नाटिका से गूंजी मातृशक्ति की गाथा कार्यक्रम में प्रस्तुत नृत्य नाटिका ने मातृशक्ति के संघर्ष, परिश्रम और साहस को जीवंत और भावपूर्ण ढंग से उकेरा। इसमें चिपको आंदोलन की प्रणेता गौरा देवी, राज्य निर्माण में महिलाओं की अहम भूमिका, कलाकार कमला देवी और क्रिकेटर एकता बिष्ट जैसे प्रेरक व्यक्तित्वों की यात्रा को प्रभावशाली रूप से चित्रित किया गया। दर्शकों ने इस प्रस्तुति की प्रशंसा की। कार्यक्रम में ये रहे मौजूद जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरमवाल, राज्य मंत्री शांति मेहरा, डीएम नैनीताल ललित मोहन रयाल, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के निदेशक बीएल राणा, दुग्ध संघ लालकुआं अध्यक्ष मुकेश बोरा, ब्लॉक प्रमुख भीमताल हरीश बिष्ट, ब्लॉक प्रमुख ओखलकांडा केडी रुबाली, पूर्व ब्लॉक प्रमुख शांति भट्ट, बाल विकास एवं महिला कल्याण विभाग के उपनिदेशक विक्रम सिंह, मोहित चौधरी एवं नीतू फुलेरा सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी, विभिन्न महाविद्यालय, विद्यालयों, शिक्षण संस्थानों की छात्राएं, आंगनबाड़ी, आशा वर्कर, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं सहित कुमाऊं मंडल के विभिन्न जिलों में अलग-अलग क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर रही महिलाएं उपस्थित रहीं।

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