Haldwani News: पौधों के लिए सुरक्षा दीवार बनाने में घपलेबाजी, जांच शुरू
Haldwani News: रामनगर वन प्रभाग की कालाढूंगी रेंज में पौधों की सुरक्षा हेतु बनाई जाने वाली दीवार के निर्माण में घपलेबाजी का मामला सामने आया है। ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से केवल 1600 मीटर दीवार का निर्माण हुआ, जबकि कागजों में पूरा कार्य दिखाया गया। वन विभाग ने मामले की जांच का आदेश दिया है।

Haldwani News: मोहन भट्ट, हल्द्वानी। रामनगर वन प्रभाग की कालाढूंगी रेंज के अंतर्गत मूसा बांगर बीट में पौधों की सुरक्षा के लिए बनाई जाने वाली दीवार के निर्माण में घपलेबाजी का मामला सामने आया है। शिकायत के बाद विभागीय स्तर पर जांच शुरू कर दी गई है। मूसा बांगर बीट की नर्सरी में तैयार किए जाने वाले साल के बीजों और पौधों को जानवरों व अन्य बाहरी खतरों से सुरक्षित रखने के लिए लाखों रुपये की लागत से 2200 मीटर लंबी सुरक्षा दीवार का निर्माण कराया जाना था। आरोप है कि संबंधित ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों की कथित मिलीभगत से मौके पर केवल 1600 मीटर दीवार का ही निर्माण कराया गया। हैरानी की बात यह है कि कागजों में निर्माण कार्य पूर्ण दिखाकर पूरी धनराशि का भुगतान ले लिया गया। 600 मीटर सुरक्षा दीवार अधूरी छूट जाने के कारण नर्सरी में उगाए जाने वाले साल के पौधों पर खतरा मंडराने लगा है। मामला उजागर होने के बाद वन विभाग के उच्च अधिकारियों ने जांच के आदेश दे दिए हैं。
काम पूरा करने का दिया गया था मौका
वन विभाग के सूत्रों के अनुसार, अधूरी सुरक्षा दीवार का मामला संज्ञान में आने पर अधिकारियों ने संबंधित ठेकेदार और विभागीय कर्मचारियों को तलब किया था। अधिकारियों ने उन्हें पहले दीवार का निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए थे। हालांकि, जब इस निर्देश को हल्के में लिया गया और काम पूरा नहीं किया गया, तब अधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाते हुए जांच के आदेश जारी कर दिए।
फॉरेस्ट गार्ड से लेकर डीएफओ तक गिर सकती है गाज
विशेषज्ञों के अनुसार, वन विभाग जब भी कोई निर्माण कार्य कराता है, तो उसकी मौका मुआयना के बाद एक रिपोर्ट तैयार की जाती है। इस मुआयने और रिपोर्ट की मुख्य जिम्मेदारी फॉरेस्ट गार्ड और फॉरेस्टर की होती है। उनकी रिपोर्ट को रेंजर और एसडीओ के जरिए डीएफओ तक बढ़ाया जाता है, जिसके बाद ही अंतिम भुगतान स्वीकृत होता है। ऐसे में यदि मामले की निष्पक्ष जांच होती है, तो तत्कालीन समय में तैनात रहे सभी संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।
आधी-अधूरी दीवार निर्माण का पूरा भुगतान किए जाने का मामला सामने आया है। इस प्रकरण की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
- ध्रुव सिंह मर्तोलिया, डीएफओ, रामनगर वन प्रभाग


