मुन्स्यारी में सैटायर ट्रैगोपैन, नैनीताल में दुर्लभ गिद्ध व स्टेपी ईगल दिखे

मुन्स्यारी में सैटायर ट्रैगोपैन, नैनीताल में दुर्लभ गिद्ध व स्टेपी ईगल दिखे

संक्षेप:

उत्तराखंड में पक्षियों की गणना का दो दिवसीय अभियान शनिवार से शुरू हुआ। इसमें 81 स्थानों पर पक्षियों की गणना की जाएगी। पिछले वर्ष 731 प्रजातियों में से 399 प्रजातियां दर्ज की गई थीं। दुर्लभ पक्षियों के साथ-साथ दृष्टि और श्रवण बाधित पक्षियों के लिए विशेष सत्र भी आयोजित किए गए हैं।

Nov 16, 2025 11:47 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, हल्द्वानी
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हल्द्वानी। उत्तराखंड में पक्षियों की गणना का दो दिवसीय अभियान शनिवार से शुरू हो गया है। ‘उत्तराखंड पक्षी गणना- 2025’ प्रदेश के सभी 13 जिलों में होगा। पिछले साल हुई पक्षी गणना में राज्य में पक्षियों की ज्ञात 731 प्रजातियों में से 399 प्रजातियां दर्ज हुई थीं। इस बार राज्य में 81 स्थानों पर अलग-अलग टीमें बर्ड काउंट करेंगी। इसमें 62 सार्वजनिक वॉक स्थल हैं, जबकि 19 स्थान हैं, जिन्हें विशेष रूप से चिन्हित किया गया। वन विभाग और उत्तराखंड राज्य जैव विविधता बोर्ड के सहयोग चल रहे इस बर्ड काउंट में पक्षी प्रेमी, स्कूली बच्चे, ग्राम समूह, नेचर गाइड, एनजीओ से जुड़े लोग भी शामिल है।

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ग्रेटर हिमालय के ऊंचे क्षेत्रों से लेकर मध्य हिमालय, शिवालिक पहाड़ियों और तराई-भाबर के मैदानों तक पक्षी गणना की जा रही है। पहले दिन कुमाऊं में दुर्लभ पक्षियों की झलक मिली। मुन्स्यारी के बेतुली धार ट्रेल में लाल-भूरे रंग का दुर्लभ सैटायर ट्रैगोपैन देखा गया। नैनीताल के हार्डागढ़ ट्रेल पर 50 से अधिक सिनेरियस वल्चर व हिमालयन ग्रिफॉन का झुंड उड़ता दिखा। साथ ही विलुप्तप्राय स्टेपी ईगल भी चिह्नित हुआ। आयोजक रिया जैन ने बताया कि तीन निकट-दुर्लभ प्रजातियां व एक संकटग्रस्त ईगल की पहचान जैवविविधता की समृद्धि दर्शाती है। पूर्व पीसीसीएफ उत्तराखंड डॉ. धनंजय मोहन ने उम्मीद जताई कि इस साल भी अच्छी संख्या में हिस्सेदारी करेंगे। उन्होंने कहा कि यह आयोजन न केवल बर्ड वॉचिंग को लोकप्रिय बनाएगा, बल्कि पक्षी आधारित पर्यटन को भी बढ़ावा देगा। राज्य वेटलैंड प्राधिकरण उत्तराखंड की वैज्ञानिक आंचल सकलानी का कहना है कि पक्षी गणना 2025 का हिस्सा बनना, उनके लिए सम्मान की बात है। पक्षी गणना से लोगों में वेटलैंड संरक्षण की जरूरत की समझ बढ़ेगी। श्रवण और दृष्टि बाधित पक्षी प्रेमी भी शामिल उत्तराखंड पक्षी गणना- 2025 में श्रवण और दृष्टि बाधित पक्षी प्रेमियों के लिए विशेष सत्र आयोजित किए गए। शार्प मेमोरियल स्कूल फॉर ब्लाइंड एवं बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ लर्निंग फॉर डीफ चिल्ड्रन देहरादून के 18 बच्चों ने बर्ड वाचिग की प्रक्रिया में हिस्सा लिया। अभियान में शामिल बर्ड वाचर का निधन आयोजक रिया जैन एवं आर्यन कोली ने कार्यक्रम को कोऑर्डिनेट कर रहे हैं। रिया जैन ने बताया कि प्रसिद्ध बर्ड वाचर सुनिति भूषण दत्ता शुक्रवार को पक्षियों से संबंधित बैठक में हिस्सा लेने के लिए जा रहे थे तभी हार्टअटैक से उनका निधन हो गया। उत्तराखंड पक्षी गणना-2025 को उनको समर्पित किया गया है।