चाय की दुकान पर ‘कांच बनाम डिस्पोजेबल’ का खेल? राहुल गांधी के दावे पर भड़के सीएम धामी
राहुल गांधी का दावा है कि चाय की दुकानों पर जातिगत भेदभाव होता है। दलितों को डिस्पोजेबल कप में और अन्य लोगों को कांच या सिरेमिक के दोबारा इस्तेमाल होने वाले कप में चाय दी जाती है। सीएम धामी ने इसपर राहुल को जवाब दिया है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एकबार फिर कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। सीएम सोमवार को खटीमा दौरे के दौरान स्थानीय लोगों के साथ चाय पीते नजर आए। सीएम ने खुद अपने एक्स हैंडल पर वीडियो भी शेयर किया है जिसमें वे चाय पीते नजर आ रहे हैं।
सीएम ने एक्स पर लिखा ‘आज खटीमा में स्थानीय लोगों के साथ डिस्पोजेबल कप में चाय पी। चाय का स्वाद भी दिखा, अपनापन भी दिखा, बस जाति कहीं नहीं दिखी। राहुल गांधी द्वारा चाय के कप में भी जाति और भेदभाव खोज लेना संकीर्ण राजनीति की पराकाष्ठा है। कप डिस्पोजेबल हो सकता है, लेकिन सोच इतनी डिस्पोजेबल नहीं होनी चाहिए।’
राहुल गांधी ने चाय के कप पर उठाए हैं सवाल
दरअसल राहुल गांधी ने चाय की दुकानों पर चाय परोसने के तरीके पर सवाल खड़े किए हैं। राहुल ने कहा है कि चाय की दुकानों पर चाय के कप में भी जातिगत भेदभाव होता है। राहुल के दावे के मुताबिक, दलितों को डिस्पोजेबल कप में और अन्य लोगों को कांच या सिरेमिक के दोबारा इस्तेमाल होने वाले कप में चाय दी जाती है।
राहुल के इसी बयान के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में इस पर बहस छिड़ गई क्या वाकई चाय की दुकानों पर इस तरह जातिगत भेदभाव होता है?
मौलवी के बयान पर कांग्रेस को घेरा
सीएम ने एक कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में रुद्रपुर में बारावफात जुलूस के दौरान त्रिशूल चौक के पास भड़काऊ भाषण देने वाले आरोपी मौलाना मुफ्ती मुजीब अहमद की धमकी का जिक्र किया। उन्होंने कहा 'मौलाना की धमकी पर कांग्रेस की चुप्पी क्यों? देवभूमि को खुलेआम धमकी दी गई, लेकिन कांग्रेस के नेताओं की जुबान बंद है। क्या उन्हें डर है कि बोलेंगे तो उनका वोट बैंक नाराज हो जाएगा? हर मुद्दे पर शोर मचाने वाली कांग्रेस बताए, धमकी पर ये सन्नाटा क्यों?'
धामी ने रविवार को मौलाना मुफ्ती मुजीब अहमद पर सख्ती कार्रवाई होने के संकेत दिए थे। सीएम ने कहा है कि मौलवी ने उत्तराखंड में अराजकता फैलाने की कोशिश की है। ऐसे में मौलवी के खिलाफ राष्ट्रद्रोह जैसी धारा लगे इसके लिए बातचीत की जा रही है। सीएम धामी ने कहा है कि ‘मौलवी ने जो भाषा का इस्तेमाल किया है और पुराने इतिहास की बात कही है। उन्होंने लोगों के बीच में अराजकता, दंगा फैलाने और फसात करने की कोशिश की है। उनके खिलाफ और भी जो सख्त धाराएं हो सकती हैं, राष्ट्रद्रोह जैसी धाराएं जो इसमें बनती हैं उसपर भी बातचीत हो रही है। देखा जा रहा है कि कानून के तहत और कितनी कड़ी कार्रवाई हो सकती है।’


