
बिहार की लड़कियों पर गिरधारी साहू की गंदी जुबान, FIR न होने पर कांग्रेस का गुस्सा फूटा
उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू की बिहार की लड़कियों पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। मामले में एफआईआर न होने पर कांग्रेस भड़की हुई है। पुलिस थाने में 11 घंटे धरना दिया।
Girdhari Lal Sahu News: पिछले साल दिसंबर महीने में उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लालू के आपत्तिजनक बयान को लेकर बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। साहू ने अल्मोड़ा में एक कार्यक्रम के दौरान कथित पर कहा था कि बिहार की लड़कियां 20 से 25 हजार में शादी के लिए मिल जाएंगी। उनके बयान की उत्तराखंड से बिहार तक कड़ी निंदा की गई। उत्तराखंड भाजपा ने भी मामले से किनारा किया। बवाल बढ़ने पर साहू ने माफी मांग ली है। उधर, अब तक मामले में एफआईआर दर्ज न होने पर कांग्रेस का गुस्सा फूटा है। महिला कांग्रेस ने अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में देहरादून डालनवाला कोतवाली में 11 घंटे तक हंगामा किया।
पुलिस महिला कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन लेकर पहुंची, लेकिन महिलाएं यहां से निकलकर वापस कोतवाली पहुंच गई और नारेबाजी करने लगीं। इसके बाद पुलिस वापस महिलाओं को हिरासत में लेकर ऋषिकेश ले गई। जहां देर शाम तक उन्हें वापस देहरादून लाया गया। जहां वह फिर से कोतवाली में धरने पर बैठ गईं। वरिष्ठ नेता हरीश रावत भी धरने में शामिल हुए।
11 घंटे थाने में जमकर हंगामा
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में महिलाएं सोमवार दोपहर करीब 12 बजे डालनवाला कोतवाली पहुंचीं और थाना परिसर में दरी बिछाकर थाली बजाते हुए नारेबाजी के साथ प्रदर्शन करने लगीं। महिलाओं का आरोप था कि उन्होंने गिरधारी के मामले में दो जनवरी को भी थाने में तहरीर दी थी। लेकिन उनकी शिकायत पर मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। इसलिए वह एफआईआर दर्ज कराने के साथ ही उत्तराखंड पुलिस को थाली बजाकर जगाने आई हैं।
गाड़ी में घुमाती रही पुलिस, देर शाम को फिर धरना
पुलिस महिला कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पहले पुलिस लाइन ले गई। यहां से महिलाएं जब वापस डालनवाला कोतवाली पहुंचीं तो पुलिस ने एक बार फिर से उन्हें हिरासत में लेकर बस में बिठा दिया। इसके बाद महिलाओं को ऋषिकेश ले जाया गया। ऋषिकेश पहुंचते ही गाड़ी को वापस देहरादून की ओर मोड़ दिया गया। जहां उन्हें रिस्पना पुल के पास छोड़ दिया गया। इसके बाद महिलाएं वापस कोतवाली पहुंच गई और धरने पर बैठ गईं। रात करीब 11 बजे सीओ सिटी एवं एसपी सिटी वार्ता की। इसके बाद धरना 18 जनवरी तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
महिला कार्यकर्ताओं से अभद्रता का आरोप
अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण आंदोलन के बावजूद पुलिस की ओर से महिला कार्यकर्ताओं के साथ अभद्रता की गई। महिलाओं से धक्का-मुक्की भी की गई। धरने के दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष आशा मनोरमा शर्मा, महानगर अध्यक्ष उमिला ढौंडियाल थापा, संगीता गुप्ता, सविता सोनगर, रॉबिन त्यागी, पिया थापा, अनीता सकलानी, पुष्पा पंवार, सुशीला शर्मा, अमृता आदि मौजूद रहीं।

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