
कहां गायब हैं शाश्वत गर्ग और उनका परिवार? गाजियाबाद के बिल्डर पर देहरादून में करोड़ों की देनदारी
गाजियाबाद के रहने वाले बिल्डर शाश्वत पिछले 10 साल से देहरादून में कारोबार कर रहे थे। उनका और उनकी पत्नी का पिछले 20 दिन से कोई अता-पता नहीं है। वे हापुड़ से देहरादून को निकले थे। उनकी कारें हरिद्वार में मिली हैं।
देहरादून में बिल्डर शाश्वत गर्ग और उनका परिवार 17 अक्टूबर से लापता है। बिल्डर मूल रूप से गाजियाबाद के रहने वाले हैं और पिछले 10 साल से देहरादून में कारोबार कर रहे थे। बिल्डर के लापता होने से पहले परिचितों ने उनसे रकम लेने को फोन किए थे। शाश्वत का सुराग नहीं मिलने से उनके प्रोजेक्ट में पैसे लगाने वाले लोग बेचैन हैं। पिछले पांच साल के भीतर देहरादून में बिल्डरों के रहस्यमय तरीके से गायब होने की यह तीसरी घटना है। इन बिल्डरों पर 45 करोड़ की देनदारी थी।
यूपी के हापुड़ से देहरादून की ओर निकले शाश्वत और परिवार की दोनों कारें हरिद्वार की एक पार्किंग में मिलीं। पुलिस को पता चला कि इन कारों को बिल्डर के परिवार ने ही पार्क किया था। हापुड़ कोतवाल देवेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि लापता होने के तीन दिन बाद शाश्वत की पत्नी साक्षी के भाई सुलभ गोयल ने तहरीर दी। उनके अनुसार, शाश्वत, पत्नी साक्षी, सास अंजली, ससुर प्रवीन और बेटे रिद्वान गर्ग हापुड़ से 17 अक्टूबर को देहरादून निकले। इसके बाद उनका पता नहीं चला।
करोड़ों की देनदारी थी
पुलिस को शाश्वत की कॉल डिटेल से उनके लेनदेन का पता चला। एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि शाश्वत गर्ग के परिवार के परिचित या निवेशक ने पुलिस से संपर्क नहीं किया। शाश्वत व उनका परिवार दून में ऊषा कॉलोनी में रह रहा था। गार्ड ने बताया कि घर बंद था। मकान मालिक ने किसी को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी।
दस साल से बिल्डर का काम कर रहे थे शाश्वत
शाश्वत के साले सुलभ गोयल ने बताया कि जीजा पिछले करीब दस साल से परिवार के साथ देहरादून में रहकर बिल्डर के तौर पर काम कर रहे थे। वे पिछले चार साल से ऊषा कॉलोनी में रह रहे थे। इससे पहले राजपुर रोड पर घर लिया था। वे मूल रूप से गाजियाबाद के रहने वाले हैं, लेकिन लंबे समय से दून में कारोबार कर रहे थे।
देहरादून में पांच साल में तीन बड़े बिल्डर लापता
दून में पिछले पांच साल में तीन बड़े बिल्डर लापता हो चुके हैं। इनमें से दो पर निवेशकों और बैंकों से करोड़ों रुपये लेकर फरार होने के आरोप हैं। पुष्पांजलि इंफ्राटेक के निदेशक दीपक मित्तल और उनकी पत्नी राखी मित्तल 2020 से लापता हैं। उन पर 90 फ्लैट खरीदारों से 45 करोड़ रुपये हड़पने के साथ 21 करोड़ का एनपीए लोन लेने का आरोप है। मित्तल दंपति के फरार होने के बाद उनके पार्टनर और भूमि मालिक गिरफ्तार हुए। धर्मपुर निवासी बिल्डर सुनील व्यास 26 अगस्त से लापता हैं। उनकी कार पावंटा साहिब से मिली है।

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