लग्जरी लाइफ जीता था कुख्यात गैंगस्टर विक्रम शर्मा, खड़ा किया था 1000 करोड़ का साम्राज्य

Feb 14, 2026 09:33 am ISTSourabh Jain हिन्दुस्तान टीम, देहरादून, उत्तराखंड
share

पुलिस जांच में सामने आया है कि विक्रम शर्मा बेहद शातिर था। अपनी पहचान छुपाने और पुलिस की नजरों से बचने के लिए उसने यहां खुद की प्रॉपर्टी बनाने के बजाय किराए के लग्जरी फ्लेट को तरजीह दी।

लग्जरी लाइफ जीता था कुख्यात गैंगस्टर विक्रम शर्मा, खड़ा किया था 1000 करोड़ का साम्राज्य

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में शुक्रवार को दिनदहाड़े कुख्यात गैंगस्टर विक्रम शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। देहरादून के लोगों के लिए विक्रम शर्मा एक सफल और रसूखदार स्टोन क्रशर कारोबारी था। जो कि राजपुर रोड स्थित सिल्वर सिटी मॉल के महंगे जिम में वर्कआउट करता था और शाम को प्रॉपर्टी डीलर्स के साथ महफिलें जमाता था। वह अफसर और नेताओं में अपनी अच्छी दखल की बात कहता था। लेकिन शुक्रवार को जब गोलियों की तड़तड़ाहट से उसका असली चेहरा बेनकाब हुआ तो हर कोई सन्न रह गया। जिसे लोग बिजनेसमैन समझकर सलाम ठोकते थे, वह असल में झारखंड का कुख्यात निकला।

विक्रम का 1000 करोड़ का साम्राज्य

विक्रम शर्मा पुत्र अमृत लाल थाना एमजीएम जिला पूर्वी सिंहभूम जमशेदपुर, झारखंड का निवासी था तथा वर्तमान में ग्रीन व्यू, सहस्त्रधारा रोड देहरादून में निवास कर रहा था। बताया जाता है कि विक्रम शर्मा का झारखंड में करीब 1000 करोड़ रुपए का बेनामी साम्राज्य है। उसी काले धन को सफेद करने के लिए उसने उत्तराखंड की शांत वादियों को चुना था।

पहचान छुपाने के लिए किराए के फ्लेट में रहता था

पुलिस जांच में सामने आया है कि विक्रम शर्मा बेहद शातिर था। अपनी पहचान छुपाने और पुलिस की नजरों से बचने के लिए उसने यहां खुद की प्रॉपर्टी बनाने के बजाय किराए के लग्जरी फ्लेट को तरजीह दी। वह राजपुर रोड और जाखन जैसे पॉश इलाकों में आलीशान फ्लैट में भी रहा। मकसद साफ था। जगह बदलते रहना ताकि कोई पक्का ठिकाना ना रहे। लेकिन उसके फ्लैट के भीतर का नजारा किसी फाइव स्टार सुइट से कम नहीं होता था। मॉडर्न गैजेट्स और ऐशो-आराम का हर सामान वहां था।

ब्रांडेड कपड़े, सोने की मोटी चेन और लाखों की घड़ी

विक्रम पुराने ढर्रे का अपराधी नहीं था। उसने अपराध को भी कॉर्पोरेट स्टाइल में चलाया। झारखंड में उसका सिंडिकेट रंगदारी और ठेकेदारी से चलता था। वहां जाता तो लग्जरी कारों का काफिला चलता। वह हमेशा टिप-टॉप रहता था। गले में कई भारी चेन, महंगी ब्रांडेड टी-शर्ट, स्पोर्ट्स शूज और कलाई पर लाखों की घड़ी पहनता था।

फर्जी दस्तावेजों से खरीदी कई राज्यों में संपत्तियां

जमशेदपुर में छापेमारी में जो कागजात बरामद हुए, उनसे पता चला कि उसने अपने काले कारनामों से अर्जित धन से मध्य प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में जमीन, फ्लैट और व्यावसायिक संपत्तियां खरीदी थीं। इन संपत्तियों के लिए अलग-अलग नाम से पैन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर आईडी और ड्राइविंग लाइसेंस तक बनवाए गए थे। पुलिस ने उसके फ्लैट से 17 पैन कार्ड, तीन आधार कार्ड, 11 वोटर आईडी और सात ड्राइविंग लाइसेंस जब्त किए थे। यह दस्तावेज इस बात का संकेत थे कि संपत्ति प्रबंधन सुनियोजित तरीके से हो रहा था।

ईडी ने भी की थी विक्रम शर्मा पर कार्रवाई

जमशेदपुर के बिरसानगर थाना में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। मई 2017 से जांच शुरू हुई और 2 फरवरी 2018 को लगभग 670 करोड़ रुपए की संपत्तियों को फ्रीज करने का आदेश जारी किया गया। ईडी की जांच में कोलकाता, नोएडा, दिल्ली, जबलपुर, सूरत, गुरुग्राम और जयपुर समेत कई स्थानों पर बैंक खाते, जमीन और फ्लैट जब्त किए गए।

कुख्यात अखिलेश का भरोसेमंद था विक्रम

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दुमका जेल में बंद रहने के बावजूद अखिलेश सिंह अपने विश्वस्त सहयोगियों के माध्यम से संपर्क बनाए रखता था। विक्रम शर्मा उसके प्रमुख भरोसेमंद के रूप में सामने आया, जो न केवल आर्थिक लेन-देन की निगरानी करता था, बल्कि निवेश संबंधी फैसले भी लेता था। छापेमारी के बाद स्पष्ट हुआ कि जेल की सलाखों के पीछे होने के बावजूद अखिलेश सिंह का नेटवर्क सक्रिय था। इसमें विक्रम की भी भूमिका बताई जाती थी।

ग्रीन व्यू में कारोबारी बन रह रहा था गैंगस्टर

विक्रम देहरादून की ग्रीन व्यू रेसीडेंसी में रह रहा था, और यहां पर उसने अपनी पहचान कारोबारी के रूप में बताई थी। शुक्रवार को हुई वारदात के बाद शाम साढ़े पांच बजे सहस्त्रधारा रोड पर ग्रीन व्यू रेजीडेंसी के बाहर एवं अंदर की तरफ सन्नाटा दिख रहा था। यहां पर तैनात सुरक्षा गार्ड हर किसी से पूछताछ कर रहे थे, अंदर से किसी की अनुमति मिलती, तो ही अंदर जाने दिया जा रहा था। गैंगस्टर विक्रम शर्मा इसी ग्रीन व्यू रेजीडेंसी में एक बड़े फ्लैट में रहता था। आसपास भी घटना के बाद से लोगों के चेहरे में दहशत दिखाई पड़ रही थी। बताया गया कि गैंगस्टर विक्रम शर्मा यहां किराए के फ्लैट में रहता था और उसके साथ उसकी पत्नी और बेटी रहती है।

सोसाइटी के सचिव सुभाष भाटी ने बताया कि वह मृतक के फैमिली बैकग्राउंड के बारे में कुछ नहीं जानते हैं। उनसे उनका कभी मिलते वक्त केवल हाय हैलो तक का ही संबंध था। उन्होंने बताया कि सोसायटी में 78 फ्लैट है और हर किसी के बारे में जानकारी संभव नहीं हैं। गैंगस्टर की जानकारी से कॉलोनी वाले सन्न हैं।

Sourabh Jain

लेखक के बारे में

Sourabh Jain

सौरभ जैन पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में कार्यरत हैं। वह दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और गुजरात से जुड़े घटनाक्रम पर खबरें और विश्लेषण लिखते हैं।


विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: सौरभ जैन भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक हिस्सा हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 16 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट सेक्शन में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वे पिछले लगभग तीन सालों से यहां कार्यरत हैं। सौरभ का करियर टीवी मीडिया से शुरू होकर डिजिटल मीडिया की गतिशीलता तक फैला हुआ है, जो उन्हें खबरों को गहराई और सटीकता के साथ प्रस्तुत करने में सक्षम बनाता है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि और कार्य अनुभव

सौरभ ने बैचलर ऑफ कॉमर्स की डिग्री लेने के बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पोस्ट ग्रेजुएशन का कोर्स किया। इस क्षेत्र में साल 2009 से सक्रिय होने के बाद सौरभ ने पहले टीवी के क्षेत्र में अलग-अलग डेस्क पर कार्य अनुभव लिया, इस दौरान उन्होंने टिकर डेस्क से शुरुआत करने के बाद न्यूज डेस्क में कॉपी राइटिंग का अनुभव हासिल किया, इस दौरान क्षेत्रीय विषयों से लेकर राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय विषयों पर खबरें लिखीं। इसके बाद उन्हें बॉलीवुड और हेल्प-लाइन डेस्क में भी काम करने का मौका मिला। हेल्प लाइन डेस्क में काम करने के दौरान उन्हें स्वास्थ्य, करियर और आम लोगों से जुड़े कई विषयों को जानने व समझने का मौका मिला।

इसके बाद साल 2016 में उन्होंने डिजिटल मीडिया की दुनिया में कदम रखा और स्पोर्ट्स डेस्क के साथ शुरुआत की। सौरभ ने अपने करियर की शुरुआत ZEE24 छत्तीसगढ़ न्यूज चैनल से की थी। इसके बाद वे IBC24 और दैनिक भास्कर जैसी संस्थाओं में भी सेवाएं दे चुके हैं। सौरभ साल 2023 से लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हुए हैं और यहां पर स्टेट डेस्क में कार्यरत हैं। सौरभ मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रहने वाले हैं और उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई और ग्रेजुएशन दोनों यहीं से किया है। इसके बाद उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री ली है।

सौरभ जैन का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी सही तथ्यों व आसान भाषा में पाठकों तक खबरें पहुंचाना है। इस काम में तेजी जितनी जरूरी है, सटीकता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। फिर चाहे वह आम जीवन की खबरें हों, राजनीति की खबरें हों, खेल की खबरें हों या फिर चकाचौंध से भरे बॉलीवुड की खबरें हों। कोई भी खबर सही तथ्यों के साथ रीडर्स तक पहुंचनी चाहिए। हड़बड़ी में तथ्यों की पुष्टि ना होने पर गलत जानकारी पाठकों तक पहुंचने का खतरा बना रहता है। इसलिए सौरभ का मानना है कि पत्रकारिता का मतलब केवल पाठकों तक सूचना पहुंचाना ही नहीं, बल्कि सही और निष्पक्ष जानकारी पहुंचाते हुए उनकी बुद्धिमत्ता और विवेक को भी जागृत करना होता है।

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।