गैस-तेल संकट गहराया, चारधाम लिए न होटल बुक हो रहे न वाहन; बुकिंग 80 फीसदी तक गिरी

Gaurav Kala देहरादून
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चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू हो रही है। लेकिन गैस-तेल संकट के चलते यात्रा के लिए न होटल बुक हो रहे और न ही वाहन। बुकिंग में 80 फीसदी तक की गिरावट आई है।

गैस-तेल संकट गहराया, चारधाम लिए न होटल बुक हो रहे न वाहन; बुकिंग 80 फीसदी तक गिरी

चारधाम यात्रा बुकिंग पर गैस संकट की आंच नजर आने लगी है। यात्रा के लिए पंजीकरण नौ लाख से अधिक हो चुके हैं, लेकिन होटलों और वाहनों की बुकिंग में 50 से 80 प्रतिशत तक गिरावट है। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू होगी। चारधाम यात्रा रूट के होटल कारोबारी कॉमर्शियल गैस ही नहीं, कमरों की बुकिंग के लिए कम फोन आने से भी परेशान हैं।

उत्तरकाशी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह मटूड़ा के मुताबिक बड़ी संख्या में तीर्थ यात्री खाना बनाने का सामान साथ लेकर चलते हैं। ऐसे यात्री होटल में कमरों के साथ किचन भी बुक करवा देते हैं और खुद ही खाना बनाते हैं। वे कॉमर्शियल सिलेंडर साथ लेकर चलते हैं। इसकी रिफिलिंग स्थानीय होटल संचालक करवा देते हैं। लेकिन इस बार हम उन्हें यह भरोसा नहीं दिला पा रहे हैं कि उन्हें सिलेंडर मिल जाएगा। इससे ऐसे ग्रुप की बुकिंग नहीं हो पा रही है। केदारधाम होटल ओनर्स एसो. के सचिव मनोज सेमवाल के अनुसार होटल बुकिंग में 50 प्रतिशत तक की गिरावट है।

असमंजस में हैं यात्री

टूर ऑपरेटर अवधेश कपूर के मुताबिक संशय की स्थिति में लोग यात्रा की योजना नहीं बना पा रहे हैं, यही वजह है कि अभी बहुत कम बुकिंग आई हैं। साथ ही यात्रा बुकिंग को लेकर पिछले एक हफ्ते में फोन कॉल्स आना भी कम हो गई हैं।

ट्रैवल कारोबार संकट में

हरिद्वार में ट्रैवल कारोबारियों के कारण गैस-तेल संकट के कारण बुकिंग में 80 फीसदी की कमी है। यात्री गैस, डीजल और पेट्रोल की उपलब्धता को लेकर पूछताछ कर रहे हैं। कारोबारियों के अनुसार सामान्य वर्षों में यात्रा शुरू होने से एक माह पहले ही अधिकांश गाड़ियों की बुकिंग हो जाती थी और यात्री एडवांस राशि भी जमा कर देते थे। इस बार अब तक केवल 20 प्रतिशत बुकिंग ही कंफर्म हुई है।

चारधाम : केंद्र से मांगेंगे गैस का कोटा

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने चारधाम यात्रा के लिए गैस की अतिरिक्त मांग को देखते हुए सटीक आकलन करने और केंद्र से समन्वय करने के निर्देश दिए।

उन्होंने गैस समेत ईंधन की तस्करी और कालाबाजारी रोकने के लिए कड़े इंतजाम करने के साथ ही नेपाल सीमा पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए। सचिवालय में शनिवार को उच्च स्तरीय बैठक में ऊर्जा जरूरतों की समीक्षा की गई। बैठक में घरेलू एवं कॉमर्शियल गैस की उपलब्धता, अस्पतालों, शैक्षिक संस्थानों एवं उद्योगों की आवश्यकताएं, आगामी चारधाम यात्रा के दौरान संभावित बढ़ती मांग, उर्वरकों की स्थिति, पीएनजी पाइपलाइन विस्तार जैसे विषयों पर चर्चा हुई।

मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि राज्य में गैस समेत अन्य आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अनावश्यक पैनिक न करें। उन्होंने पीरूल ब्रिकेट, बायोगैस प्लांट, सोलर चूल्हे एवं सोलर कुकर को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। नगर निकायों को बायोगैस प्लांट अनिवार्य रूप से बढ़ाने तथा ऊर्जा विभाग को वैकल्पिक ऊर्जा के विस्तार के लिए तेजी से कार्य करने को कहा गया।

पीएनजी पाइपलाइन को तुरंत दे अनुमति

सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वह पीएनजी पाइपलाइन से संबंधित अनुमति तुरंत दें। फार्मा सहित विभिन्न उद्योगों में पाइपलाइन आधारित गैस उपयोग और ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा दें। सरकारी एवं निजी परिवहन में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने व ट्रांसपोर्ट सेक्टर को ग्रीन एनर्जी आधारित बनाने के निर्देश दिए गए।

गैस संकट के बीच देश के सामने उदाहरण बना उत्तराखंड

गैस संकट के बीच उत्तराखंड उदाहरण बनकर उभरा है। यहां कालाबाजारी रोकने के लिए ज्यादा प्रभावी कार्रवाई की गई है। पीएम मोदी ने प्रदेश सरकार के उठाए गए कदमों की तारीफ करते हुए दूसरे राज्यों को सीख भी दी है।

मौजूदा ईंधन संकट को लेकर प्रधानमंत्री ने गुरुवार को राज्य के मुख्य सचिवों के साथ बैठक की। इसमें राज्यों ने कालाबाजारी रोकने के लिए की गई कार्रवाई का ब्यौरा रखा। खाद्य सचिव आनंद स्वरूप ने बताया कि प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड में अब तक की गई कार्रवाई की तारीफ की। उन्होंने देश के कई बड़े राज्यों को उत्तराखंड में की गई प्रभावी कार्रवाई का उदाहरण दिया। मालूम हो कि नौ मार्च के बाद से उत्तराखंड में अब तक 4478 निरीक्षण किए गए हैं। 87 स्थानों पर छापेमारी की गई है। कालाबाजारी को लेकर 15 मुकदमे दर्ज किए हैं, जो दूसरे राज्यों से अधिक हैं। सात लोग गिरफ्तार हुए हैं। राज्य में खाद्य विभाग अब तक 672 घरेलू, 139 व्यवसायिक कुल 811 गैस सिलेंडर जब्त कर चुका है। उत्तरकाशी, पौड़ी और अल्मोड़ा जिले में कुल 85100 रुपये जुर्माना वसूला गया है।

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गौरव काला: वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम सदस्य

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