
एक ही दिन दो बीटेक छात्रों समेत चार का आत्मघाती कदम; तीन फंदे पर लटके मिले, एक की जान बची
उत्तराखंड में एक ही दिन अलग-अलग जगहों पर दो बीटेक छात्रों समेत चार ने आत्मघाती कदम उठाया। तीन लोग फंदे पर लटके मिले, जबकि एक की जान बचा ली गई।
उत्तराखंड में एक ही दिन अलग-अलग स्थानों पर दो बीटेक छात्रों समेत चार लोगों ने आत्मघाती कदम उठाए। जिनमें तीन के शव फंदे से लटके मिले, जबकि एक छात्र को गंभीर हालत में बचा लिया गया। पंतनगर विवि में दो घटनाएं सामने आईं, वहीं हरिद्वार जिले में दो अलग मामलों में शव पेड़ों से लटके मिले।
पंतनगर स्थित गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि के रजत जयंती छात्रावास के एक कमरे में सोमवार को बीटेक के छात्र का शव फंदे से लटका मिला। पुलिस के अनुसार, छात्र लंबे से समय से मानसिक तनाव में था। वहीं 12 घंटे बाद रात 10:30 बजे बीटेक इलेक्ट्रीकल फाइनल ईयर के छात्र किच्छा निवासी विवेक आर्य ने भी विश्वेश्वरैया छात्रावास में आत्मघाती कदम उठाया। उसकी हालत गंभीर है।
खुद से सवाल-जवाब करता था अक्षत
जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्यागिकी विश्वविद्यालय में बीटेक तृतीय वर्ष के छात्र अक्षत सैनी के कमरे की तलाशी में पुलिस को एक डायरी, मोबाइल फोन और मफलर मिले हैं, लेकिन कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस सूत्रों के अनुसार अक्षत सैनी अपनी रोज़मर्रा की दिनचर्या डायरी में दर्ज करता था। दिनभर उसके साथ जो भी घटित होता, वह उसे विस्तार से लिखता था। सूत्रों की मानें तो वह लंबे समय से मानसिक उलझन में था और कई मामलों में किसी नतीजे तक नहीं पहुंच पा रहा था। वह अपने सवाल खुद से करता और जवाब खुद ही ढूंढ़ने की कोशिश करता था। यह असमंजस उसे परेशान करता रहा। उसने मानसिक स्थिति को लेकर किसी से खुलकर बात भी नहीं की। सूत्रों के मुताबिक उसने डायरी में लिखा है कि वह हार मान लेगा तो लोग सोचेंगे कि उससे पढ़ाई नहीं हो पा रही है।
गाजियाबाद में अक्षत का परिवार
पुलिस के मुताबिक, 23 वर्षीय अक्षत सैनी पुत्र सागर सैनी निवासी संजय गांधी कॉलोनी रुड़की (हरिद्वार) पंतनगर विवि में बीटेक तृतीय वर्ष (सिविल इंजीनियरिंग) का छात्र था। परिवार कुछ समय से गाजियाबाद में रह रहा था। सोमवार को अक्षत का पेपर था। सुबह साथी उसे परीक्षा के लिए बुलाने गए। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई। संदेह होने पर छात्रों ने दरवाजे को जोर से झटका, जिससे कुंडी टूट गई। कमरे में प्रवेश करते ही अक्षत को पंखे से मफलर के फंदे पर लटका देखा। घबराए छात्रों ने तुरंत मफलर काटकर उसे नीचे बेड पर उतारा। सीपीआर देकर बचाने की कोशिश की। हॉस्टल में ही रहने वाले उसकी मौसी के बेटे दिव्यांश सैनी को बुलाया गया।
विवि में पहले भी सामने आ चुके इस तरह के मामले
जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि में अक्षत की आत्महत्या ने छात्र कल्याण व्यवस्था की पोल खोल दी है। इससे पहले 12 सितंबर को किच्छा निवासी नीरज की आत्महत्या के बाद भी विवि प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए। देश का पहला कृषि विवि कहलाने वाले इस संस्थान में पिछले पांच वर्षों में चार छात्र आत्मघाती कदम उठा चुके हैं, लेकिन अब तक स्थायी काउंसलर की नियुक्ति नहीं की गई।
परीक्षा के दिन अक्षत ने छोड़ी दुनिया
सोमवार को अक्षत की मेकअप परीक्षा थी। सुबह 9:30 बजे साथी छात्र उसे परीक्षा के लिए बुलाने पहुंचे थे। लंबे समय से मानसिक तनाव में चल रहे अक्षत के इस कदम से हॉस्टल में मातम छा गया।
युवक ने फांसी लगाकर कर ली आत्महत्या
वहीं, एक अन्य घटना में हरिद्वार जिले के बहादराबाद में युवक ने पेड़ में रस्सी बांधकर फांसी लगा ली। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया। सोमवार को बहादराबाद क्षेत्र के गांव अहमदपुर ग्रंट के पास आम के बाग में युवक ने पेड़ में रस्सी बांधकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। थानाध्यक्ष अंकुर शर्मा वहां पहुंचे और युवक को फंदे से उतारा। एफएसएल टीम मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए।
राजाजी पार्क के जंगल में पेड़ से लटका मिला शव
हरिद्वार राजाजी नेशनल पार्क के जंगल में सोमवार सुबह पेड़ पर लटका शव मिलने से सनसनी फैल गई। पुलिस के अनुसार, फिलहाल युवक की शिनाख्त नहीं हो सकी है। इस प्रकरण की जांच की जा रही है। एसएसआई नंद किशोर ग्वाड़ी ने बताया कि सुबह औद्योगिक क्षेत्र से सटे जंगल में वनकर्मी गश्त पर थे। तभी पेड़ पर लटका शव देख वे सकते में आ गए और पुलिस को सूचना दी।

लेखक के बारे में
Gaurav Kalaलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




