
FB लाइव कर किसान ने खुद को गोली से उड़ाया, 4 करोड़ के फ्रॉड में पूरा पुलिस स्टेशन लाइन हाजिर
चार करोड़ के फ्रॉड में एक किसान ने रविवार तड़के खुद को गोली मारकर उड़ा दिया। इससे पहले उसने फेसबुक लाइव किया था और पुलिसकर्मियों समेत 27 लोगों पर आरोप लगाए। मामले में एसएसपी ने पूरे पुलिस स्टेशन को लाइन हाजिर किया।
जमीन धोखाधड़ी से परेशान उत्तराखंड के किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। काशीपुर के आईटीआई थाने के थाना प्रभारी (एसओ) कुंदन रौतेला और एसआई प्रकाश बिष्ट को निलंबित कर दिया गया है, जबकि पैगा पुलिस चौकी इंचार्ज समेत कुल 10 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है। मामला चार करोड़ के फ्रॉड से जुड़ा है। किसान ने हल्द्वानी आकर कथित तौर पर खुद को गोली से उड़ा दिया। वारदात से पहले उसने फेसबुक लाइव किया और 27 लोगों पर गंभीर आरोप लगाए थे।
आरोप है कि किसान सुखवंत सिंह ने जमीन से जुड़े धोखाधड़ी प्रकरण में पुलिस को तहरीर दी थी, इसके बावजूद मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। मानसिक दबाव और निराशा में आकर किसान ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। मामले ने तूल पकड़ा तो पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। परिजनों ने सोमवार को शव रखकर प्रदर्शन की चेतावनी दी थी। परिजन मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। परिजनों की चेतावनी के मद्देनजर ऊधमसिंह नगर के एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने पैगा पुलिस चौकी प्रभारी समेत 10 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर करने के साथ ही काशीपुर आईटीआई थाने के एसओ और एसआई को निलंबित कर दिया है। साथ ही पूरे प्रकरण की जांच एसपी क्राइम निहारिका तोमर को दी है। लाइन हाजिर पुलिस कर्मियों को पुलिस लाइन रुद्रपुर में तत्काल आमद सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
चार करोड़ का है फ्रॉड
चार मिनट से अधिक के फेसबुक लाइव पर सुखवंत ने कहा ‘मैं एक किसान हूं। मेरी पत्नी और बेटे ने हाईकोर्ट में आत्महत्या कर ली है। मुझे जमीन कुछ और दिखाई गई और दी गई दूसरी। मेरे साथ चार करोड़ का फ्रॉड हुआ है। गिरोह ने तीन करोड़ नकद और एक करोड़ खाते में लिए। थाना आईटीआई गए लेकिन यहां गाली-गलौज की गई। यह भी आरोप लगाया कि गिरोह ने 30 लाख पुलिसवालों को दिए हैं। जिस कारण उनकी सुनवाई नहीं हो रही। शिकायती पत्र आईटीआई थाना, पैगा चौकी और पुलिस के उच्चाधिकारियों को दिए लेकिन किसी ने नहीं सुना। चार महीने तक हमारा उत्पीड़न किया गया।
सुसाइड नोट में पुलिसकर्मी समेत 27 लोगों के नाम
मृतक किसान के सुसाइड नोट में पुलिस कर्मियों समेत कुल 27 लोगों के नाम होने की बात सामने आई है। इसमें जमीन हड़पने और धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए हैं। परिजनों का आरोप है कि यदि समय रहते पुलिस ने कार्रवाई की होती तो सुखवंत की जान बच सकती थी।
सीबीआई जांच की मांग
किसान संगठनों ने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग तेज कर दी है। किसान नेता जख्तार सिंह बजावा ने ऐलान किया है कि वह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिलकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग करेंगे। एसएसपी की कार्रवाई के बाद मृतक के परिजनों ने अपना प्रस्तावित प्रदर्शन फिलहाल स्थगित कर दिया है। हालांकि परिजनों का कहना है कि जब तक दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं होती, वह चैन से नहीं बैठेंगे।
मजिस्ट्रेट जांच शुरू
मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ने मामले की मजिस्ट्रेट जांच शुरू कर दी है। प्रशासनिक स्तर पर भी रिपोर्ट तलब की गई है और सभी संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा गया है।

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