उपनल कर्मचारियों को समान वेतन मिलेगा, उत्तराखंड सरकार ने कॉन्ट्रैक्ट की नई शर्तें तय कीं

हिन्दुस्तान, देहरादून
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उत्तराखंड में समान काम और समान वेतन के दायरे में आ रहे उपनल कर्मचारियों के लिए अनुबंध की नई शर्तें तय कर दी गई हैं। कार्मिक विभाग ने पिछले अनुबंध पत्र को निरस्त करते हुए संशोधित ड्राफ्ट तैयार किया है, जिसको औपचारिक परामर्श के लिए वित्त विभाग को भेज दिया गया है।

Pushkar Singh Dhami

उत्तराखंड में समान काम और समान वेतन के दायरे में आ रहे उपनल कर्मचारियों के लिए अनुबंध की नई शर्तें तय कर दी गई हैं। कार्मिक विभाग ने पिछले अनुबंध पत्र को निरस्त करते हुए संशोधित ड्राफ्ट तैयार किया है, जिसको औपचारिक परामर्श के लिए वित्त विभाग को भेज दिया गया है।

कार्मिक सचिव शैलेश बगौली ने शुक्रवार को ‘हिन्दुस्तान’ से बातचीत में यह पुष्टि की। उन्होंने बताया कि अनुबंध पत्र जल्द अंतिम रूप देकर जारी करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि उपनल कर्मचारी वर्तमान विभागों में अनुबंध प्रक्रिया शुरू कर सकें और समान वेतन का लाभ ले सकें।

सूत्रों के अनुसार, नए अनुबंध पत्र में उपनल कर्मचारियों की अधिकांश मांगों को स्वीकार किया गया है। जिन बिंदुओं पर उपनल कर्मचारियों को आपत्ति थी, उनको हटाया गया है, जिससे अब राहत मिलने की उम्मीद है।बगौली ने कहा कि अनुबंध पत्र को शीघ्र अंतिम रूप देकर जारी किया जाएगा, ताकि उपनल के कर्मचारियों को समान वेतन का लाभ जल्द से जल्द मिल सके।

श्रेणीवार व्यवस्था समाप्त

नए अनुबंध में उपनल की अकुशल, अर्द्धकुशल, कुशल, उच्च कुशल और अधिकारी श्रेणी को खत्म किया गया है। अब उपनल कर्मचारी जिस पद पर कार्यरत होंगे, उनको उसी विभाग के स्थायी पद के बराबर माना जाएगा।

एकतरफा कार्रवाई पर रोक

समान काम और समान वेतन के तहत नया अनुबंध करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ विभाग अब एकतरफा कार्रवाई नहीं कर सकेंगे। किसी भी प्रशासनिक कार्रवाई से पहले, कर्मचारी को अपील का अधिकार मिलेगा। सक्षम अफसर के स्तर पर सुनवाई के बाद ही निर्णय लिया जाएगा।

नया अनुबंध पत्र जल्द जारी करने की मांग

उपनल कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद गोदियाल ने राज्य सरकार से संशोधित अनुबंध पत्र जल्द से जल्द जारी किए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अब तक शर्तें तय नहीं किए जाने से कर्मचारी अपने विभागों में प्रक्रिया शुरू नहीं कर पा रहे हैं, जिससे उनमें निराशा बढ़ रही है।

स्क्रीनिंग कमेटी गठित

यूपीसीएल में उपनल कर्मचारियों को समान काम के लिए समान वेतन देने की प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है। कार्मिक विभाग के निर्देशों के अनुरूप ऐसे कर्मचारियों को लाभ सुनिश्चित कराने के लिए प्रबंधन ने स्क्रीनिंग समिति का गठन कर दिया है। इस समिति का गठन चीफ-सिविल आशीष अरोड़ा की अध्यक्षता में किया गया। डीजीएम (वित्त) अमित कंसल, एसई-मुख्यालय प्रदीप पंत और वरिष्ठ विधि अधिकारी महेंद्र कुमार सदस्य हैं। वरिष्ठ कार्मिक अधिकारी राजेश भौरे को सह-संयोजक बनाए गए। इस समिति को एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट अधिशासी निदेशक, मानव संसाधन विभाग को सौंपनी होगी।

Subodh Kumar Mishra

लेखक के बारे में

Subodh Kumar Mishra

सुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।

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