
25 महीने में पैसा डबल का लालच, उत्तराखंड के हल्द्वानी में 8000 लोगों से 39 करोड़ ठगे
25 महीने में पैसा डबल का लालच देकर उत्तराखंड के हल्द्वानी में 8000 लोगों से 39 करोड़ रुपए जमा कराए। निवेशकों से धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। कश्मिनर की जनसुनवाई में मामले का खुलासा हुआ।
‘बाबू भैया… 25 दिन में पैसा डबल’- फिल्म हेराफेरी का यह डायलॉग मजाक लग सकता है, लेकिन उत्तराखंड के हल्द्वानी में इसी तर्ज पर लोगों से करोड़ों रुपये ऐंठ लिए गए। फर्क सिर्फ इतना था कि यहां 25 दिन नहीं, बल्कि 25 महीने में पैसा डबल करने का वादा किया गया। जब कमिश्नर दीपक रावत ने कंपनी के दफ्तर पर छापा मारा, तो इस कथित निवेश योजना की पोल खुल गई। मामले में जीएमएफएक्स ग्लोबल लिमिटेड पर आठ हजार लोगों से करीब 39 करोड़ रुपये जमा कराने और निवेशकों के साथ धोखाधड़ी का आरोप है। कमिश्नर ने कंपनी के सीईओ समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
हल्द्वानी स्थित कैंप कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान कुसुमखेड़ा निवासी एक व्यक्ति ने कुमाऊं कमिश्नर से वित्तीय धोखाधड़ी और जमा धनराशि वापस न मिलने की शिकायत की। शिकायत पर जीएमएफएक्स ग्लोबल लिमिटेड के सीईओ विमल रावत को तलब किया गया, लेकिन वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। कमिश्नर ने इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों की टीम के साथ डहरिया स्थित सत्यलोक कॉलोनी में कंपनी के दफ्तर पर छापा मारा। जहां कंपनी से रजिस्ट्रेशन से जुड़े दस्तावेज, ट्रांजेक्शन डिटेल और बैलेंस शीट मांगी गई, लेकिन सीईओ कोई भी प्रपत्र प्रस्तुत नहीं कर सके। न ही कंपनी के पोर्टल पर उपलब्ध ऑनलाइन डेटा दिखाया जा सका।
कंपनी के सीईओ ने 3900 लोगों की देनदारी की बात स्वीकारी
इसी दौरान 10–11 निवेशक कंपनी दफ्तर पहुंचे और कुमाऊं कमिश्नर के सामने अपनी जमा धनराशि वापस दिलाने की गुहार लगाने लगे। जांच के दौरान सीईओ विमल रावत ने करीब 3900 लोगों की देनदारी होने की बात स्वीकार की। यह भी माना कि निवेश के नाम पर प्राप्त धन से उसने व्यक्तिगत रूप से दो स्थानों पर जमीन खरीदी है। छापेमारी के दौरान कंपनी के एक बैंक खाते में मात्र 42,455 रुपये और दूसरे खाते में 50 हजार रुपये की राशि जमा पाई। जबकि जांच में सामने आया कि कंपनी ने 25 महीने में पैसा दोगुना करने का दावा कर करीब आठ हजार लोगों से करीब 39 करोड़ रुपये जुटाए हैं। निवेश बढ़ाने को बिचौलियों को इंसेंटिव भी दिया जा रहा था।
लालच में कर्ज लेकर किया निवेश
जांच में यह भी सामने आया कि कई निवेशकों ने पैसा डबल होने के लालच में कर्ज लेकर निवेश किया। एक व्यक्ति ने बैंक से नौ लाख रुपये का ऋण लेकर निवेश किया, जिसे चुकाने के लिए अब बैंक की ओर से नोटिस मिल रहे हैं। इससे वह मानसिक तनाव में है। एक अन्य व्यक्ति ने छह लाख रुपये, जबकि एक फौजी ने पांच लाख रुपये निवेश किए। इन सभी निवेशकों को डबल रकम मिलना तो दूर, अपनी मूल जमा राशि के लिए भी चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
सीईओ व अन्य पर केस दर्ज करने के निर्देश
जांच में कंपनी ट्रेडिंग के लिए रजिस्टर्ड पाई गई, पर संचालन में अनियमितताएं सामने आईं। कंपनी में सीईओ के साथ बरेली व आसपास के कुछ लोग भी शामिल हैं। कमिश्नर ने मल्टी लेवल मार्केटिंग अथवा पिरामिड स्कीम के तहत ठगी, कंपनी ऐक्ट के उल्लंघन, कंपनी के नाम पर धन लेकर व्यक्तिगत संपत्ति बनाने, पीड़ितों की शिकायतों के आधार पर केस दर्ज करने के निर्देश दिए। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकरण में बड़े स्तर पर वित्तीय धोखाधड़ी की आशंका है।
खेल स्पर्धा के परिणाम निरस्त करने के निर्देश
जनसुनवाई के दौरान गौलापार स्थित अन्तरराष्ट्रीय स्टेडियम में शुक्रवार को हुए जूडो अंडर 19 और 14 के परिणाम को लेकर खिलाड़ियों ने शिकायत दर्ज की। इस पर कमिश्नर ने जिला क्रीड़ा अधिकारी को प्रतियोगिता का परिणाम निरस्त करने के निर्देश दिए। खिलाड़ियों ने शिकायत की कि रेफरी क्वालीफाइड नहीं थे। रेफरी के निर्णय से वे असंतुष्ट हैं। इस पर आयुक्त ने प्रतियोगिता के मैच रविवार को सुबह फिर से कराने के निर्देश दिए। कहा कि प्रतियोगिता में योग्य खिलाड़ियों का चयन किया जाए। प्रतियोगिता के लिए नियुक्त मैच रेफरी को खेल के नियमों की सही समझ हो, यह सुनिश्चित किया जाए।

लेखक के बारे में
Gaurav Kalaलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




