मैं बहुत डरा हुआ हूं... सीनियरों से पिटाई के बाद छलका MBBS छात्र का दर्द
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में सीनियरों की पिटाई से एमबीबीएस छात्र सदमे में है, जिसकी जांच एंटी रैगिंग कमेटी कर रही है; साथ ही अनुशासनहीनता के मामले में कॉलेज ने 24 दोषी छात्रों पर जुर्माना भी लगाया है।

मैं बहुत डरा हुआ हूं...मानसिक रूप से बेहद परेशान हूं। सीनियर छात्रों की पिटाई के बाद सदमे में आए एमबीबीएस के छात्र ने यह दर्द अपने शिकायती पत्र में बयां किया है।
छात्र की पिटाई मामले में जांच के आदेश
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस 2025 बैच के एक छात्र की पिटाई का मामला सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं। शिकायती पत्र में छात्र ने कहा कि इस घटना के बाद से वह मानसिक रूप से बेहद परेशान और डरा हुआ है। आरोप है कि सीनियर छात्रों ने जूनियर छात्र के साथ गलत व्यवहार किया। आरोप है कि छात्र के साथ मारपीट की गई जिससे वह काफी घबराया हुआ है। 13 जनवरी को शिकायत मिलने पर हॉस्टल प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया।
आरोपियों के खिलाफ होगी कार्रवाई
कॉलेज प्रशासन ने छात्र की शिकायत को तुरंत आवश्यक कार्रवाई के लिए ब्वॉयज हॉस्टल और प्राचार्य को भेज दिया है। वहीं, घटना की जानकारी छात्र ने अपने परिजनों को दी है। परिजन भी इससे चिंतित हैं। कॉलेज की प्राचार्य डॉ गीता जैन ने मामले को एंटी रैगिंग कमेटी के हवाले कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि अगर आरोप सही पाए गए तो आरोपी छात्रों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें निलंबन तक शामिल हो सकता है।
24 एमबीबीएस छात्रों से होगी टूटी कुर्सियों की वसूली
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में आयोजित 'फॉर्निक्स' कार्यक्रम के दौरान हुड़दंग मचाना और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना एमबीबीएस छात्रों को भारी पड़ गया है। कॉलेज प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कुर्सियां तोड़ने वाले 24 छात्रों से ही नुकसान की भरपाई करने का फैसला किया है। इन छात्रों पर टूटी हुई कुर्सियों की कीमत का बराबर जुर्माना लगाया जाएगा। शुक्रवार को कॉलेज की अनुशासन समिति के सामने 2022, 2023 और 2025 बैच के कुल 42 छात्रों को तलब किया गया था।
छात्रों ने गलती स्वीकार की
बीते 17 और 18 दिसंबर को कॉलेज में 'फॉर्निक्स' कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस दौरान कुछ छात्रों ने जमकर हुड़दंग मचाया और कॉलेज की कुर्सियां तोड़ दी थीं। डॉ. विवेकानंद सत्यवली और डॉ. अनुराग अग्रवाल की अगुवाई वाली अनुशासन समिति ने एक-एक कर सभी छात्रों के बयान दर्ज किए। सख्ती से पूछताछ के बाद 24 छात्रों ने अपनी गलती स्वीकार कर ली।
राजकीय मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने कहा कि कॉलेज में अनुशासनहीनता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अनुशासन समिति ने छात्रों के बयान दर्ज कर लिए हैं। समिति की संस्तुति के आधार पर दोषी छात्रों पर जुर्माने की कार्रवाई की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

लेखक के बारे में
Anubhav Shakyaलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




